Homeदेश-समाजCAA के खिलाफ धरना में जहाँ पहुँचते थे नेता-एक्टिविस्ट, बाइक से आकर 5 लोगों...

CAA के खिलाफ धरना में जहाँ पहुँचते थे नेता-एक्टिविस्ट, बाइक से आकर 5 लोगों ने बरसाई अंधाधुंध गोलियाँ

धरने पर फायरिंग की सूचना पर पहुँचे पुलिस के आला अधिकारियों ने मौजूद लोगों से मामले में पूछताछ की। घटनास्थल से एक देसी कट्टा, एक खोखा और कई कारतूस बरामद किया गया है और पूरे मामले की छानबीन की जा रही है।

बिहार के गया जिले में पिछले कई माह से सीएए के खिलाफ चल रहे अनिश्चितकालीन धरने पर बीते दिन कुछ बाईक सवार आरोपितों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इससे धरने पर बैठे प्रदर्शनकारियों में भगदड़ मच गई। हालाँकि किसी के भी हताहत होने की खबर नहीं है। वहीं मौजूद लोगों ने तीनों आरोपितों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया है, जिनसे पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है। दरअसल गया जिले के चाकंद के बारा समेत कटारी हिल के शांति बाग, शेरघाटी एवं इमामगंज समेत कई स्थलों पर सीएए, एनपीआर और एनआरसी के खिलाफ अनिश्चतकालीन धरना चल रहा है।

वहीं गया-पटना हाइवे के किनारे बारा गाँव के पास संविधान बचाओ-देश बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले सीएए के खिलाफ चल रहे धरने के पास बुधवार देर शाम को पाँच बाईक सवार आरोपितों ने अचानक से हवाई फायरिंग कर दी। गोली आवाज सुनते ही धरने पर बैठे प्रदर्शनकारियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। वहीं लोगों ने तत्काल शोर मचाकर तीन आरोपितों को हथियार सहित दबोच लिया। जबकि दो आरोपित किसी तरह मौका पाकर फरार हो गए। इसके बाद लोगों ने तीनों आरोपितों को जमकर पीटा और फिर पुलिस के हवाले कर दिया।

धरने पर फायरिंग की सूचना पर पहुँचे पुलिस के आला अधिकारियों ने मौजूद लोगों से मामले में पूछताछ की। सिटी एसपी राकेश कुमार ने बताया कि घटनास्थल से एक देसी कट्टा, एक खोखा और कई कारतूस बरामद किया गया है और पूरे मामले की छानबीन की जा रही है। इसके बाद से ही पुलिस हिरासत में लिए तीनों आरोपितों से मामले को लेकर पूछताछ कर रही है। आपको बता दें कि धरना स्थल पर फायरिंग करने वाले आरोपितों की पहचान चतरा के प्रतापपुर थाना के लिपटा गाँव के कमलेश यादव, खिजरसराय के चिरैली गाँव के हरिवंश वर्मा और परैया थाना के फुरहुरिया गाँव के वीरू कुमार के रूप में हुई है।

गौरतलब है कि गया जिले में कई स्थानों पर सीएए के खिलाफ चल रहे धरने में प्रदर्शनकारी बड़ी संख्या में अपनी माँगों को लेकर शामिल हो रहे हैं। इतना ही नहीं, इन धरनों में राजद, कॉन्ग्रेस, वामपंथी दलों एवं अन्य पार्टियों के कई नामचीन नेता, विधायक, सांसद एवं अन्य एक्टिविस्ट शामिल होकर अपना समर्थन दे चुके हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

हिंदू बन लॉरा फ्रांसिस ने मंदिर में किया विवाह, फिर भी तमिलनाडु सरकार ने गर्भगृह में पूजा से रोका: हाई कोर्ट ने दिया अधिकार,...

मद्रास हाई कोर्ट ने कहा कि विदेशी नाम या नागरिकता से हिंदू पहचान तय नहीं होती। अमेरिकी महिला को मंदिर में पूजा और प्रवेश का पूरा अधिकार मिला।

‘तमिलनाडु को अलग देश होना चाहिए’: मद्रास HC ने कहा- यह देशद्रोह नहीं, आज के दौर में ऐसा बयान देश/सरकार के खिलाफ नफरत फैलाना...

मद्रास हाई कोर्ट ने कहा कि देशद्रोह के आरोपों की समीक्षा हमेशा वर्तमान सामाजिक ताने-बाने और माहौल को ध्यान में रखकर की जानी चाहिए।
- विज्ञापन -