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₹20 लाख से ₹40 लाख की गई GST छूट की सीमा, छोटे व्यापारियों को मिली बड़ी राहत

केरल के विषय में वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य अब अंतर-राज्य व्यापार का हक़दार है और दो साल की अवधि के लिए अधिकतम 1 प्रतिशत का उप-कर (Cess) लगा सकता है।

छोटे व्यापारियों को ध्यान में रखते हुए, केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार (जनवरी 10, 2019) को कहा कि जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) परिषद ने कॉम्पोज़िशन स्कीम के लिए वार्षिक टर्नओवर की छूट सीमा दोगुनी कर दी है। निश्चित तौर पर वित्त मंत्री का यह क़दम छोटे व्यापारियों के लिए बड़ी राहत देने का काम करेगा।

वित्त मंत्री के मुताबिक़ परिषद द्वारा उत्तर-पूर्वी राज्यों के लिए जीएसटी छूट की सीमा ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹20 लाख कर दी है और बाक़ी देश के लिए ₹20 लाख से बढ़ाकर ₹40 लाख कर दी गई।

वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि कॉम्पोज़िशन स्कीम का वार्षिक कारोबार ₹1 करोड़ से बढ़ाकर ₹1.5 करोड़ कर दिया गया है, जो 1 अप्रैल, 2019 से प्रभावी होगा।

जेटली ने कहा कि स्कीम के तहत कारोबार करने वाले अब तिमाही आधार पर कर का भुगतान करेंगे, लेकिन रिटर्न प्रतिवर्ष दाखिल किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि परिषद ने सेवा क्षेत्र के लिए कॉम्पोज़िशन स्कीम को मंज़ूरी दे दी है। बता दें कि जीएसटी परिषद की अध्यक्षता वित्त मंत्री ही करते हैं।

केरल के विषय में वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य अब अंतर-राज्य व्यापार का हक़दार है और दो साल की अवधि के लिए अधिकतम 1 प्रतिशत का उप-कर (Cess) लगा सकता है।

जेटली ने कहा कि जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) के तहत अचल संपत्ति और लॉटरी को शामिल करने पर परिषद ने 7 सदस्यीय समूह के गठन का फ़ैसला किया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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