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आसाराम के बेटे नारायण साईं को दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा, ₹1 लाख का जुर्माना

सूरत की रहने वाली दोनों बहनों ने 2013 में पुलिस में दर्ज अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि आसाराम और नारायण साईं ने उनके साथ बलात्कार किया। दोनों बहनों की शिकायत के बाद नारायण साईं को हरियाणा के कुरुक्षेत्र के पास पीपली से दिसंबर 2013 में गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने इस मामले पर सजा सुनाने के लिए 30 अप्रैल 2019 का दिन मुकर्रर किया था।

गुजरात के सूरत स्थित आश्रम में दो बहनों से दुष्कर्म के मामले में सूरत की कोर्ट ने मंगलवार (अप्रैल 30, 2019) को आसाराम के बेटे नारायण साईं को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसी के साथ कोर्ट द्वारा नारायण साईं पर ₹1 लाख का जुर्माना भी लगाया गया है। कोर्ट ने शुक्रवार (अप्रैल 26, 2019) को सूरत की रहने वाली दो बहनों के साथ बलात्कार के आरोप में दोषी करार दिया था। अदालत ने इस मामले पर सजा सुनाने के लिए 30 अप्रैल का दिन मुकर्रर किया था।

गौरतलब है कि इन दोनों बहनों ने 2013 में पुलिस में दर्ज अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि आसाराम और नारायण साईं ने उनके साथ बलात्कार किया। दोनों बहनों की शिकायत के बाद नारायण साईं को हरियाणा के कुरुक्षेत्र के पास पीपली से दिसंबर 2013 में गिरफ्तार किया गया था। एक बहन ने साईं पर 2002 और 2005 के बीच सूरत में आश्रम में रहने पर यौन शोषण करने का आरोप लगाया था, तो वहीं पीड़िता की बड़ी बहन ने अहमदाबाद में 1997 और 2006 में आश्रम में रहने के दौरान आसाराम पर यौन शोषण का आरोप लगाया था।

दोनों बहनों ने साईं और आसाराम के खिलाफ कथित शोषण की अलग-अलग शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने आसाराम और उसके बेटे के खिलाफ दुष्कर्म, यौन शोषण और अवैध तरीके से बंधक बनाकर रखना और अन्य अपराध के तहत मामला दर्ज किया था। इस मामले में पुलिस ने साईं के चार साथियों को भी गिरफ्तार किया था।

नारायण साईं के खिलाफ कोर्ट अब तक 53 गवाहों के बयान दर्ज कर चुकी है, जिसमें कई अहम गवाह भी हैं, जिन्होंने नारायण साईं को लड़कियों को अपने हवस का शिकार बनाते हुए देखा था या फिर इस कृत्य में आरोपियों की मदद की थी, लेकिन बाद में वो गवाह बन गए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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