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हिन्दू महासभा के नेता कमलेश तिवारी की गला रेत कर हत्या, मिठाई के डिब्बे में छिपाकर लाए थे चाकू-पिस्टल

डॉक्टरों ने बताया कि कमलेश तिवारी का किसी धारदार हथियार से गला रेता गया। दो हमलावरों में एक ने तिवारी का गला रेता और दूसरे ने गोली मारी।

लखनऊ में नाका क्षेत्र स्थित हिन्दू महासभा कार्यालय में कमलेश तिवारी को बदमाशों ने गला रेतकर व गोली मारकर हत्या कर दी। शुक्रवार (18 अक्टूबर 2019) को हत्या की वारदात को अंजाम देकर हमलावर वहाँ से फ़रार हो गए। गंभीर हालत में तिवारी को ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहाँ इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।

डॉक्टरों ने बताया कि कमलेश तिवारी का किसी धारदार हथियार से गला रेता गया। पुलिस का कहना है कि हत्या की वारदात को किसी परिचित ने अंजाम दिया है। जानकारी के अनुसार, कमलेश तिवारी पर खुर्शीद बाग स्थित उनके कार्यालय में ही हमला हुआ। घटना-स्थल से पुलिस ने रिवॉल्वर भी बरामद की है। इससे यह माना जा रहा था कि कमलेश को सटाकर गोली मारी गई होगी।

डॉक्टर्स की पुष्टि किए जाने के बाद पता चला कि कमलेश तिवारी का गला रेतकर बड़ी बेरहमी से हत्या की गई। अभी तक यह पता चला है कि तिवारी से मिलने दो लोग आए थे, इनमें से एक ने भगवा वस्त्र पहन रखे थे। फ़िलहाल, पुलिस आरोपितों की तलाश में जुटी हुई है।

मीडिया में आई ख़बरों के अनुसार, तिवारी से मिलने आए दो लोग मिठाई के डिब्बे में असलहे और चाकू छिपाकर लाए थे। बातचीत के दौरान हमलावरों ने वारदात को अंजाम दिया और वहाँ से भाग निकले। गोली की आवाज़ जब बाहर निकली तो अफ़रा-तफ़री का माहौल बन गया। ख़बर के अनुसार, दो हमलावरों में एक ने तिवारी का गला रेता और दूसरे ने गोली मारी। उनके शरीर पर 15 से अधिक वार किए गए थे।

कमलेश तिवारी की दिन-दहाड़े हत्या किए जाने से लोगों में काफ़ी आक्रोश फैल गया है। उनके समर्थकों ने ख़ुर्शीद बाग़ कॉलोनी में प्रदर्शन शुरू कर दिया है। घटना-स्थल पर बड़ी संख्या में पुलिस बल व पीएसी की तैनाती कर दी गई है।

ग़ौरतलब है कि हिन्दू महासभा के अध्यक्ष रहे कमलेश तिवारी को पैगंबर साहब के ख़िलाफ़ टिप्पणी करने के एक मामले में रासुका (राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून) के तहत गिरफ़्तार कर जेल भेजा गया था। इसके बाद साल 2017 में उन्होंने विधानसभा चुनाव से पहले हिन्दू समाज पार्टी का गठन किया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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