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दहेज में नहीं मिली बाइक और रुपए तो पति ने WhatsApp पर दिया तीन तलाक़

तलाक़ देने के बाद महिला के ससुराल वालों ने उसे बंधक बना लिया था। मगर किसी तरह से मौका पाकर महिला ने अपने मायके वालों को ख़बर की, जिसके बाद महिला के परिजनों ने पुलिस की मदद से अपनी बेटी को आज़ाद करवाया।

केंद्र सरकार द्वारा तीन तलाक़ का अध्यादेश लाए जाने के बावजूद तीन तलाक़ का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा। आए दिन ऐसी घटनाएँ सामने आती रहती हैं जिससे साफ़ ज़ाहिर होता है कि तीन तलाक़ को लेकर समाज में अभी भी जागरुकता नहीं आ रही। इसी कड़ी में तीन तलाक़ से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जिसमें पति ने पत्नी को व्हाट्सएप के ज़रिए तलाक़ दे दिया।

बता दें कि ये मामला गाज़ियाबाद के सिंभावली क्षेत्र के गाँव का है। यहाँ के एक युवक की शादी तक़रीबन दो साल पहले दिल्ली के सीलमपुर क्षेत्र में रहने वाली लड़की से हुई थी। युवक ने दहेज में बाइक व दो लाख रुपए की माँग की थी, जिसके ना दिए जाने पर उसने 16 मार्च 2019 को पत्नी को व्हाट्सएप पर तलाक़ दे दिया।

इतना ही नहीं, तलाक़ देने के बाद महिला के ससुराल वालों ने उसे बंधक बना लिया था। मगर किसी तरह से मौका पाकर महिला ने अपने मायके वालों को ख़बर की, जिसके बाद महिला के परिजनों ने पुलिस की मदद से अपनी बेटी को ससुरालवालों की क़ैद से आज़ाद करवाया। महिला के परिजनों ने थाने में कहा कि दहेज की रक़म ना दे पाने की वजह से उनकी बेटी को तलाक़ की सज़ा दी गई है।

इस मामले पर एसओ (थाना प्रभारी) नीरज कुमार का कहना है कि शिक़ायत के आधार पर परिजनों के साथ पहुँची पुलिस महिला को मुक्त कराकर थाने ले आई थी। महिला के परिजनों का कहना है कि वो क़ानूनी सलाह लेने के बाद ही किसी तरह की कार्रवाई करेंगे। फ़िलहाल परिजन तलाक़शुदा महिला को उसकी बच्ची समेत अपने साथ घर ले गए हैं।

गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले भी हैदराबाद से एक ऐसी ही ख़बर सामने आई थी, जिसमें 22 वर्षीय महिला फराह फातिमा को उनके शौहर यासीर सिद्दकी ने व्हाट्सएप्प मैसेंजर के जरिए तीन तलाक़ दे दिया था, बता दें कि इनका निक़ाह फोन पर हुआ था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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