Friday, February 26, 2021

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Triple Talaq Bill

केरल: न्यायाधीश कलाम पाशा ने अपनी बीवी को दिया तीन तलाक, सजा से बचने के लिए तारीख में की हेरफेर

न्यायाधीश कलाम पाशा की पत्नी ने ट्रिपल तलाक देने के संबंध में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के लिए केरल उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।

तीन तलाक दे बना हिंदू, दूसरी शादी की; अब मोदी सरकार के कानून के तहत पहली बीवी माँग रही इंसाफ

मुस्लिम पत्नी को तीन तलाक देने के बाद व्यक्ति ने हिंदू धर्म अपना कर एक हिंदू महिला से शादी कर ली और अब दोनों साथ रह रहे हैं।

तीन तलाक: अपराध बनने के बाद पहली गिरफ्तारी, WhatsApp पर दिया था तलाक

तीन तलाक़ को अपराध बनाने वाले बिल पर हाल ही में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने हस्ताक्षर किया था। 19 सितंबर 2018 के बाद जितने भी मामले तीन तलाक से संबंधित आए हैं, उन सभी का निपटारा इसी कानून के तहत किया जाएगा।

तीन तलाक पर कानून नए युग का आरंभ और वोट बैंक की राजनीति के अंत की शुरुआत: अमित शाह

गृह मंत्री ने कॉन्ग्रेस के दिनों को याद करते हुए लिखा कि तीन दशक पूर्व एक अवसर तब आया था, जब शाहबानो मामले में 400 से अधिक सांसदों वाली कॉन्ग्रेस मुस्लिम महिलाओं को इस दंश से मुक्त करा सकती थी। मगर, तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गाँधी ने मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड, मौलवियों और वोट बैंक की राजनीति के दबाव में आकर एक नया कानून लाकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलट दिया।

मुस्लिम महिलाओं के हित में तीन तलाक कानून, अब जारी नहीं करेंगे फतवा: दरगाह-ए-आला हज़रत

दरगाह-ए-आला हज़रत के प्रवक्ता ने नए कानून की प्रशंसा करते हुए इसे मुस्लिम महिलाओं के हित में बताया है। उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से यह कानून तीन तलाक के मामलों को रोकने में मददगार साबित होगा।

तीन तलाक गुनाह: सुप्रीम कोर्ट पहुॅंचा सुन्नी समुदाय का संगठन, नए कानून पर रोक की मॉंग

इस कानून का आम लोगों, खासकर महिलाओं द्वारा स्वागत किया जा रहा है। लेकिन, मजहबी संगठन इसका विरोध कर रहे हैं।

तीन तलाक बिल: राष्ट्रपति ने दी मंजूरी, 19 Sep 2018 से लागू, उसके बाद के सभी मामलों में होगा न्याय

इस बिल को मोदी सरकार ने लोकसभा में 25 जुलाई को और 30 जुलाई मंगलवार को राज्यसभा ने मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक को अपनी स्‍वीकृति दी थी। बिल के क़ानून बनने के बाद ये तय हो गया है कि 19 सितंबर 2018 के बाद जितने भी तीन तलाक़ के मामले सामने आए हैं उन सभी का निपटारा इसी क़ानून के तहत किया जाएगा।

डेरेक ‘नो ब्रेन’: न तो विधेयक पिज़्ज़ा है और न ही संसद चुंगी का अखाड़ा

जब सरकार संवैधानिक दायरे में रह कर, तय तरीके से, तय समय में, वोटिंग के जरिए बिल पास करा रही है तो एक हिस्से को इससे समस्या क्या है? डेरेक की आपत्ति का मूल बेहद खोखला है। उन्हें यह बताना चाहिए कि क्या किसी तरह का कोई गलत बिल पास हुआ है?

तीन तलाक पर महबूबा पर भड़के उमर अब्दुल्ला, बोले- बिल पास करने में की मोदी सरकार की मदद

इस बिल के पास होने के बाद उमर अब्दुल्ला ने अपने ही राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती पर निशाना साधते हुए कहा कि महबूबा मुफ़्ती की पार्टी की गैरमौजूदगी ने राज्यसभा में बिल पास कराने में सरकार की मदद की।

99 Vs 84 मतों से राज्यसभा में पारित हुआ तीन तलाक बिल: 3 साल की सजा, जुर्माने का प्रावधान शामिल

मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक की कुप्रथा से मुक्ति दिलाने के मकसद से राज्यसभा में पेश विधेयक पर हुई चर्चा में भाग लेते हुए विभिन्न दलों के सदस्यों ने इसे अपराध की श्रेणी में डालने के प्रावधान पर आपत्ति भी जताई और कहा कि इससे पूरा परिवार प्रभावित होगा।

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