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ISIS का हैदराबादी इंजीनियर: छुट्टी के बहाने बीवी-बच्चों को लेकर गया सीरिया, मरने के बाद भटक रहा परिवार

इंजीनियर से आतंकी बना यह व्यक्ति हैदराबाद का रहने वाला था। 2018 में एक एयर स्ट्राइक में वह मारा गया। फिलहाल उसके बीवी-बच्चे संयुक्त राष्ट्र के एक रिफ्यूजी कैम्प में रह रहे हैं। परिवार को भारत लाने का प्रयास किया जा रहा है।

हैदराबाद से सीरिया जाकर आतंकी संगठन आईएसआईएस में शामिल हुए व्यक्ति का परिवार वहीं पर फँस गया है। आतंकी तो मारा गया लेकिन उसकी पत्नी और 4 बच्चे भारत वापस लौटने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। हैदराबाद टोलीचौकी के इंजीनियर रहे उक्त आतंकी की मौत 2018 में एक एयर स्ट्राइक में हो गई। फिलहाल उसके बीवी-बच्चे संयुक्त राष्ट्र के एक रिफ्यूजी कैम्प में रह रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, फँसे हुए परिवार को भारत लाने का प्रयास किया जा रहा है।

एनआईए और तेलंगाना पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस सेल ने हैदराबाद में स्थित मृत आतंकी के रिश्तेदारों से जानकारियाँ जुटाई है। हैदराबाद के इस परिवार के पास भारतीय पासपोर्ट है, लेकिन वे पिछले 2 दशकों से सऊदी अरब में रह रहे थे। पति ने पत्नी (जो कि उसकी कजन बहन भी है) से झूठ बोला कि वो परिवार को छुट्टियों पर पर्यटन के लिए लेकर जा रहा है। असल में वह आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट में शामिल होने जा रहा था।

जब दोनों ने सीरिया का रुख किया, तब उनके 2 बच्चे थे। बाकी दोनों बच्चों का जन्म सीरिया में ही हुआ। महिला को पता भी नहीं था कि उसका पति छुट्टियों के बहाने सीरिया लेकर चला जाएगा। उन्होंने सऊदी से दुबई और फिर सीरिया तक की यात्रा की। आतंकी ने हैदराबाद में अपने भाई को ईमेल भेज कर बताया था कि वह परिवार सहित सीरिया शिफ्ट हो गया है और उसने आईएसआईएस ज्वाइन कर लिया है।

हैदराबाद में रह रहे इस परिवार के रिश्तेदारों को शुरू में लगा कि पूरा परिवार ही एयर स्ट्राइक में मारा गया लेकिन एक दिन आतंकी की बीवी ने फोन कर अपनी व्यथा सुनाई। रिश्तेदारों ने कहा कि आतंकी ने अपनी पत्नी को धोखे में रखा और उसे सच्चाई का पता तब पता चला, जब वे सीरिया पहुँचे। सीरिया का उत्तर-पूर्वी क्षेत्र अभी भी वहाँ की सरकार के नियंत्रण में नहीं है और रिफ्यूजी कैम्पों में रह रहे भारतीयों का विवरण विदेश मंत्रालय भी जुटा रहा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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