Homeदेश-समाजचरागाह की जमीन पर 25 साल से चल रहा था अवैध मदरसा, योगी सरकार...

चरागाह की जमीन पर 25 साल से चल रहा था अवैध मदरसा, योगी सरकार के बुलडोजर ने ढाह दिया: संचालक हसन पर ₹2.24 लाख का जुर्माना भी

इस ध्वस्तीकरण के लिए PAC का अतिरिक्त बल और 5 थानों की पुलिस बुलाई गई। सुबह 5:30 से ही बुलडोजर चलना शुरू हो गया था।

उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में चरागाह की जमीन पर बने एक अवैध मदरसे को ढहा दिया गया है। बताया जा रहा है कि इस मदरसे को सरकार द्वारा मान्यता भी नहीं मिली हुई थी। इसे हसन नाम का एक व्यक्ति संचालित कर रहा था। तहसीलदार कोर्ट ने 2 सितम्बर, 2022 को ही नोटिस जारी कर के अवैध निर्माण संचालक को खुद से हटाने का आदेश दिया था। ऐसा न होने के बाद प्रशासन ने अवैध मदरसे पर बुलडोजर चलवा दिया। यह कार्रवाई सोमवार (12 सितम्बर, 2022) को हुई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मदरसा चरागाह की जमीन पर लगभग 25 वर्षों से बना हुआ था। इसका निर्माण 1997 में अमेठी के टांडा-बांदा हाईवे के पास गूजरटोला में हुआ था। सरकारी कागजातों में यह जगह सरकारी चरागाह के तौर पर दर्ज थी। स्थानीय लोगों ने इस अवैध कब्ज़े की शिकायत की तो स्थानीय लेखपाल ने 27 जून, 2022 को इसकी रिपोर्ट तहसील में जमा की, जिसमें मदरसे के चरागाह की जमीन पर बने होने की पुष्टि की गई थी।

29 जून, 2022 को यह मामला जिले के तहसीलदार की अदालत में दर्ज हुआ। कोर्ट ने सुनवाई करते हुए 1 सितम्बर को मदरसा अवैध रूप से बना पाया और 2 सितम्बर तक उसको चलाने वाले हसन से उसे खुद से हटा लेने के कहा। जब हसन ने तय सीमा में अवैध मदरसे को नहीं हटाया, तब सोमवार को SDM भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे और 35 मिनट तक चले बुलडोजर के बाद मदरसे को जमींदोज कर दिया गया।

इस ध्वस्तीकरण के लिए PAC का अतिरिक्त बल और 5 थानों की पुलिस बुलाई गई। सुबह 5:30 से ही बुलडोजर चलना शुरू हो गया था। मदरसा संचालक हसन पर 2 लाख 24 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। इस कार्रवाई का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, मदरसा संचालक हसन का कहना है कि उसने मदरसे का निर्माण ग्राम सभा के प्रस्ताव पर करवाया था और इसके निर्माण के लिए गाँव वालों ने ही चंदा जुटाया था। हसन ने बताया कि मदरसे में लगभग 150 बच्चे तालीम हासिल करते थे, लेकिन कोरोना काल से यह बंद चल रहा था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

6 पर FIR, 4 गिरफ्तार और 4 अधिकारी सस्पेंड: लखनऊ अग्रिकांड केस में CM योगी ने रातोंरात लिया सख्त एक्शन, SIT गठित कर कहा-...

लखनऊ में अलीगंज क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देर रात तक लगातार मॉनिटरिंग करते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

PFI के ‘मिशन 2047’ में भारत सरकार को उखाड़ फेंकने का लक्ष्य, MP ATS की जाँच में चौंकाने वाले खुलासे: जानें- पाकिस्तानी हैंडलर कैसे...

मध्य प्रदेश के भोपाल से मोहम्मद फराज की गिरफ्तारी के बाद ATS जाँच में PFI के मिशन 2047, पाकिस्तान कनेक्शन, भर्ती और फंडिंग की पड़ताल तेज।
- विज्ञापन -