Homeदेश-समाज'भारत पहले से ही हिन्दू राष्ट्र, इसे बनाना नहीं है': RSS ने समझाया 'State'...

‘भारत पहले से ही हिन्दू राष्ट्र, इसे बनाना नहीं है’: RSS ने समझाया ‘State’ और ‘Nation’ का अंतर, मौलाना तौकीर रज़ा ने अलापा था ‘इस्लामी मुल्क’ का राग

उन्होंने 'हिन्दू राष्ट्र' को लेकर कहा कि इस पर भी सब काफी कुछ कह चुके हैं। उन्होंने कहा कि ये एक भौगोलिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक कॉन्सेप्ट है।

भारत को आधिकारिक रूप से ‘हिन्दू राष्ट्र’ घोषित किए जाने की माँग होती रही है वहीं दूसरी तरफ इस्लामी कट्टरपंथी इसे अपना मजहब के खिलाफ साजिश बताते हैं। अब ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS)’ ने भी भारत को ‘हिन्दू राष्ट्र’ बनाए जाने के सवाल पर जवाब दिया है। संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले से एक पत्रकार ने सवाल पूछा कि पूरे देश में ‘हिन्दू राष्ट्र’ को लेकर बहस छिड़ी हुई है, ऐसे में इस पर RSS का क्या दृष्टिकोण है?

साथ ही जनसंख्या नियंत्रण को लेकर उनसे सवाल पूछे गए। इस पर दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि संघ ने जनसंख्या नियंत्रण नहीं, बल्कि जनसंख्या संतुलन की बात की है। उन्होंने कहा कि RSS ने ‘Demographic Imbalance’ को रोकने की बात की है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में प्रस्ताव भी पारित किए जा चुके हैं और संगठन इस पर कायम है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग ने भी चिंता जताई है।

उन्होंने याद दिलाया कि इस पर महात्मा गाँधी ने भी कहा था। बकौल दत्तात्रेय होसबाले, हिंदुस्तान में जनसंख्या असंतुलन को लेकर सैकड़ों लोग चिंता जता चुके हैं, जिनमें विशेषज्ञों से लेकर अर्थशास्त्री तक शामिल हैं। उन्होंने कहा कि संघ ने कोई नई बात नहीं कह दी है। उन्होंने पूर्व राज्यपाल राजेश्वर द्वारा इस पर चिंता जताए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि वो तो संघ से नहीं जुड़े थे। उन्होंने जनसंख्या अंसतुलन को देश के विकास के लिए खतरनाक करार दिया।

उन्होंने कहा कि इन्हीं चीजों को विस्तार से फिर बताने की ज़रूरत नहीं है। वहीं उन्होंने ‘हिन्दू राष्ट्र’ को लेकर कहा कि इस पर भी सब काफी कुछ कह चुके हैं। उन्होंने कहा कि ये एक भौगोलिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक कॉन्सेप्ट है। उन्होंने कहा कि पिछले 100 वर्षों से हम कह रहे हैं कि भारत ‘हिन्दू राष्ट्र’ है ही, इसे बनाना नहीं है। उन्होंने ‘State’ और ‘Nation’ के बीच का फर्क भी समझाया। उन्होंने कहा कि ‘राष्ट्र’ सांस्कृतिक होता है और इसे आर्यन, इंडिक, हिन्दू, सनातन कुछ भी कहा जा सकता है।

याद दिला दें कि हाल ही में मौलाना तौकीर रजा ने इस पर भड़काऊ बयानबाजी की थी। मौलाना ने कहा था कि उनके नौजवान खड़े हो जाएँ और ऐलान करें कि मुसलमान देश चाहिए। मुरादाबाद में उनके बयानों को लेकर FIR भी दर्ज हुई है। रज़ा ने उस दिन यह भी कहा था कि अगर हिन्दू राष्ट्र की माँग जायज है तो खालिस्तान की भी माँग सही है। उन्होंने पूछा था कि मुस्लिम भी अपना मुल्क माँगने लग जाएँ तो? कइयों ने उन्हें जवाब दिया था कि इस्लाम के नाम पर ही पाकिस्तान दिया गया था, और आज बांग्लादेश भी है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -