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सेना ने मार गिराया तो साथी का शव घसीटते हुए सीमा पार भागे आतंकी: कश्मीर में घुसपैठ नाकाम, राजौरी में 5 जवानों के बलिदान के बाद हवाई निगरानी और तलाशी

निगरानी उपकरणों के जरिए इस घुसपैठ का पता चला था। 3 आतंकी उसके शव को घसीटते हुए अंतरराष्ट्रीय सीमा के पार ले जाते हुए देखे गए।

जम्मू कश्मीर में एक बार फिर से आतंकियों की कायराना करतूत सामने आई है। जहाँ राजौरी में भारतीय सेना की गाड़ियों पर घात लगा कर हमला किया गया, वहीं अखनूर में घुसपैठ की कोशिश की गई। भारत के सुरक्षा बलों ने अखनूर में घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया। गोलीबारी में एक घुसपैठिया मारा गया। उसके 3 साथी आतंकी उसके शव को लेकर जाते हुए कैमरे में कैद हो गए। 4 आतंकियों की संदिग्ध गतिविधियों को देखते ही जवानों ने गोलीबारी की। कुछ खबरों में 2 आतंकियों के मारे जाने की बात भी कही जा रही है।

निगरानी उपकरणों के जरिए इस घुसपैठ का पता चला था। 3 आतंकी उसके शव को घसीटते हुए अंतरराष्ट्रीय सीमा के पार ले जाते हुए देखे गए। राजौरी में भारतीय सेना और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ अब भी जारी है। क्षेत्र में अब भी तनाव बना हुआ है। राजौरी और पुँछ में इंटरनेट व मोबाइल सेवाएँ भी अस्थायी रूप से बंद कर दी गई हैं। चारों तरफ से घेराबंदी है, हवाई निगरानी चल रही है। राजौरी के मंडी थाना क्षेत्र में आतंकियों के छिपे होने की गुप्त सूचना मिली थी।

गुरुवार (21 दिसंबर, 2023) को सुरनकोट थाना स्थित डेरा की गली-बफ्लियाज मार्ग से भारतीय सेना के 2 वाहन गुजर रहे थे। रात के करीब पौने 4 बजे उन्हें आतंकियों ने निशाना बनाया। इस हमले में हमारी सेना के 5 जवान बलिदान हो गए हैं। उसके बाद से ही डेरा की रोड को बंद रखा गया है। पहाड़ों की तरफ से न सिर्फ जवानों को निशाना बनाया गया, बल्कि उनके शवों को भी क्षत-विक्षत कर दिया गया और उनके हथियार भी लूट लिए गए।

वहीं अखनूर में घुसपैठ को नाकाम किए जाने की जानकारी व्हाइट नाइट कॉर्प्स ने दी है। अखनूर से राजौरी की दूरी 66 लगभग किलोमीटर है। ‘पीपल्स एंटी फासिस्ट फ्रंट’ (PAFF) ने राजौरी में हुए हमलों की जिम्मेदारी ली है। BSF के एक इंटेलिजेंस भी से खुलासा हुआ है कि 250-300 आतंकियों को भारत में घुसपैठ के लिए तैयार रखा गया है। इससे पहले 22 नवंबर को भी 34 घंटे चली मुठभेड़ में 5 जवान बलिदान हो गए थे। 17 नवंबर को राजौरी और कुलगाम में हुए एनकाउंटर में 5 आतंकियों को मार गिराने में सफलता मिली थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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