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कॉन्ग्रेस सरकार में मंत्री रहे मोहम्मद सालेह को बताकर पाकिस्तान जाता था ISI जासूस शकूर खान, वहाँ से लाकर दिया था ‘तोहफा’: रिपोर्ट, बताया- आतंकी मुल्क जाने के लिए पैसे भी दिए थे

शकूर खान के पाकिस्तान जाने की बात हर बार राजस्थान के पूर्व कैबिनेट मंत्री सालेह मोहम्मद को रहती थी। एक बार मंत्री की ओर से आर्थिक सहायता भी दी गई थी। साथ ही शकूर, सालेह के लिए पाकिस्तान से तोहफा भी लाया था।

पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार शकूर खान से पूछताछ में लगातार एक ओर पुलिस को कई परेशानियाँ झेलनी पड़ रही हैं तो वहीं कई नई बातें भी सामने आ रही हैं। ताजा जानकारी ये है कि शकूर खान के पाकिस्तान जाने की बात हर बार राजस्थान के पूर्व कैबिनेट मंत्री सालेह मोहम्मद को रहती थी। साथ ही शकूर, सालेह के लिए पाकिस्तान से तोहफा भी लाया था।

पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी के आरोप में कॉन्ग्रेस के पूर्व मंत्री सालेह मोहम्मद के निजी सहायक शकूर खान को पुलिस ने 28 मई 2025 को गिरफ्तार किया था। वह जैसलमेर के रोजगार कार्यालय में सरकारी कर्मचारी था। सालेह मोहम्मद राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार में कैबिनेट मंत्री था।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, शकूर खान पुलिस की पूछताछ में कई बार वह अपने ब्लड प्रेशर बढ़ने तो कभी किसी और बीमारी का बहाना बना देता है। या फिर कभी पूछताछ के बीच नींद आने की बात कहता है।

पुलिस की जाँच में ये बात भी सामने आई है कि शकूर खान के साथ जैसलमेर से कुछ और लोग भी पाकिस्तान गए थे। जाँच एजेंसियाँ उन लोगों के बारे में खोजबीन कर पता लगाने की कोशिश कर रही हैं।

सालेह मोहम्मद को रहती थी खबर

शकूर खान जैसलमेर के ढाणी का रहने वाला है। इसी गाँव से कॉन्ग्रेस नेता सालेह मोहम्मद भी है। पूछताछ में पुलिस को शकूर ने बताया कि पाकिस्तान जाने के बारे में कॉन्ग्रेस नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री सालेह मोहम्मद को हर बार पता होता था। एक बार तो शकूर को पाकिस्तान जाने के लिए सालेह के कार्यालय से आर्थिक सहायता भी दी गई थी।

जाँच एजेंसियों को शकूर खान के खिलाफ देश की जासूसी करने के कई अहम साक्ष्य मिले हैं। सरकारी कर्मचारी होने के बावजूद शकूर ने कई बार पाकिस्तान ती यात्रा बिना सरकार को बताए की थी। इसके अलावा सीमा से सटे हुए क्षेत्रों में शकूर पाकिस्तान के ISI एजेंट्स को गुप्त सूचनाएँ साझा करता था।

दानिश से थी दोस्ती

रिपोर्ट्स के अनुसार, शकूर ने दानिश उर रहीम दोस्ती होने की बात कबूली है। बता दें कि दानिश पाकिस्तानी उच्चायोग में अधिकारी था और साथ में ISI के लिए भारत की जासूसी कर रहा था। इसके बाद भारत सरकार ने उसे ‘पर्सोना नॉन ग्राटा’ यानी देश के लिए अवांछित व्यक्ति करार देकर पाकिस्तान वापस भेज दिया था।

शकूर के मोबाइल फोन के डेटा को भी रिकवर किया गया था। जाँच एजेंसियों ने जब उससे इस डेटा में शामिल चैट और अन्य रिकॉर्ड पर सवाल पूछे तो शकूर ने चुप्पी साध ली।

शकूर को जैसलमेर से गिरफ्तार किया गया था। पाकिस्तान के लिए जासूसी करने की पुष्टि होने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने उसे गिरफ्तार कर 3 जून को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने जाँच एजेंसियों को शकूर को 7 दिन की रिमांड पर लेने की मंजूरी दी है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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