Homeदेश-समाजमौक़ा गणतंत्र दिवस का, नारे इस्लामी: AMU में झंडा फहराने के दौरान गूँजा 'अल्लाहु...

मौक़ा गणतंत्र दिवस का, नारे इस्लामी: AMU में झंडा फहराने के दौरान गूँजा ‘अल्लाहु अकबर’ और ‘नारा-ए-तकबीर’, चिल्लाने वालों में NCC कैडेट्स भी

AMU के प्रॉक्टर वसीम अली ने जानकारी दी है कि वीडियो के आधार पर छात्रों की पहचान की जा रही है, जिसके बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

उत्तर प्रदेश स्थित ‘अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU)’ में गणतंत्र दिवस के अवसर पर झंडा फहराने के दौरान गुरुवार (26 जनवरी, 2023) को कट्टर मजहबी नारे लगाने के अमला सामने आया है। ख़ास बात ये है कि AMU कैम्पस में ये नारेबाजी ‘NCC (राष्ट्रीय कैडेट कोर)’ के सदस्यों ने लगाया। छात्रों ने इस दौरान ‘अल्लाहु अकबर’ और ‘नारा-ए-तकबीर’ चिल्लाया। सोशल मीडिया में इसका वीडियो भी वायरल हो रहा है।

ट्विटर पर विश्वविद्यालय के के पूर्व छात्र और भाजपा नेता डॉ निशित शर्मा ने अलीगढ़ पुलिस और एसएसपी कलानिधि नैथानी को टैग करते हुए शिकायत की है। उन्होंने पूछा कि गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर जंग के नारे लगाने का क्या तुक है? उन्होंने पुलिस से आग्रह किया कि इस मामले में संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाए। उन्होंने जानकारी दी कि इस संबंध में पुलिस से भी बातचीत चल रही है। वीडियो पर अब यूनिवर्सिटी प्रशासन का भी बयान आया है।

AMU के प्रॉक्टर वसीम अली ने जानकारी दी है कि वीडियो के आधार पर छात्रों की पहचान की जा रही है, जिसके बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अलीगढ़ पुलिस ने भी बताया है कि इस घटना के संबंध में उसने विश्वविद्यालय से संपर्क किया है। बता दें कि वायरल वीडियो में इक्का-दुक्का नहीं, बल्कि दर्जनों छात्रों को मजहबी नारेबाजी करते हुए देखा जा सकता है। यूनिवर्सिटी के कुलपति (VC) तारिक मंसूर भी घटना के वक्त उससे कुछ ही दूरी पर मौजूद थे।

डॉ निशित वर्मा ने इस बारे में काह है, “यह मजहबी नारा उनकी सोच को दर्शाता है। इस तरीके के नारे लगवा कर क्या संदेश देना चाह रहे हैं? एक और पूरा देश भारत के संविधान को नमन कर रहा है, ऐसे में इस तरीके के नारे लगाकर भारत में विभिन्न पैदा करना चाह रहे हैं। ये नारे किस प्रकार से लगाए गए हैं और इसके पीछे कौन सी सोच काम कर रही है – इसकी जाँच होनी चाहिए।” उन्होंने इसे देश-विरोधी नारा करार दिया।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

MOU के बाद भी सुस्ती में रहा तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश ने फुर्ती से पकड़े मझगाँव डॉक के ₹29000 करोड़: समझिए कैसे चंद्रबाबू नायडू के...

प्रोजेक्ट में राज्य सरकार और विशाखापत्तनम पोर्ट अथॉरिटी में ₹5289 करोड़ देंगे, जबकि MDL मुख्य निवेशक के रूप में ₹23964 करोड़ का निवेश करेगा।

पूरी तरह से ‘ड्राई स्टेट’ नहीं था लक्षद्वीप, 47 साल बाद सरकार ने बदले शराब के नियम: जानिए क्यों, कभी विकास परियोजनाओं के विरोध...

भारत के केंद्रशासित प्रदेश लक्षद्वीप में 47 वर्षों बाद शराब नीति में बदलाव करते हुए केंद्र सरकार ने लागू शराबबंदी कानून को समाप्त कर दिया है।
- विज्ञापन -