Homeदेश-समाजसनवर को पकड़ने पहुँची दिल्ली पुलिस पर जहाँगीरपुरी में फेंकी ईंटें, फिर भी पकड़ा...

सनवर को पकड़ने पहुँची दिल्ली पुलिस पर जहाँगीरपुरी में फेंकी ईंटें, फिर भी पकड़ा गया हिंसा का वांटेडः हिंदुओं और पुलिस पर हमले के लिए उकसाया था

मूल रूप से पश्चिम बंगाल का रहने वाला सनवर मलिक जहाँगीरपुरी में कबाड़ी का काम करता था। उस पर दंगा फैलाने और हत्या के प्रयास सहित कुल छह आपराधिक मामले दर्ज हैं।

जहाँगीरपुरी हिंसा के वांटेड को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मंगलवार (2 अगस्त 2022) को गिरफ्तार कर लिया। उसकी पहचान 29 वर्षीय सनवर मलिक उर्फ अकबर उर्फ कालिया के तौर पर हुई है। उस पर अपने साथियों के साथ मिलकर हनुमान जयंती (16 अप्रैल 2022) शोभा यात्रा में शामिल हिंदुओं और पुलिस पर हमले के लिए उकसाने का आरोप है। इसके लिए काँच की बोतलें और पत्थर जुटाने में भी वह शामिल था।

हिंसा के बाद सनवर फरार हो गया था। वह पश्चिम बंगाल और अन्य जगहों पर छिपा हुआ था। रोहिणी कोर्ट ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपए का इनाम रखा था।

सनवर मूल रूप से पश्चिम बंगाल के हल्दिया का रहने वाला है। वहाँ से आकर वह दिल्ली के जहाँगीरपुरी में बस गया। दिल्ली पुलिस को उसके जहाँगीरपुरी के सी-ब्लॉक में मौजूद होने के सूचना मिली थी। इस पर कार्रवाई करते हुए क्राइम ब्रांच ने उसे दबोच लिया। पुलिस उपायुक्त (क्राइम ब्रांच) ने कहा, “हमें सूचना मिली थी कि आरोपित जहाँगीरपुरी के सी-ब्लॉक में छिपा हुआ है। यदि वह पकड़ में नहीं आएगा तो पश्चिम बंगाल में भाग जाएगा। डीसीपी अनिल शर्मा के नेतृत्व में एक टीम मौके पर पहुँची। उसने वहाँ से भागने की कोशिश की। पुलिस से बचने के लिए वह उस तरफ भागने लगा, जहाँ से उसे पकड़ा ना जा सके। इस दौरान कुछ लोगों ने आरोपित की मदद करने के लिए पुलिसकर्मियों पर ईंटें भी फेंकीं। चोट लगने के बाद भी पुलिसकर्मी मलिक को पकड़ने में कामयाब रहे।”

सनवर मलिक और जहाँगीरपुरी के कुछ लोगों के खिलाफ पुलिस ने कार्य में बाधा डालने और ईंट फेंकने का मामला दर्ज किया है। आरोपित जहाँगीरपुरी में कबाड़ी का काम करता था। उस पर दंगा फैलाने और हत्या के प्रयास सहित कुल छह आपराधिक मामले दर्ज हैं।

जहाँगीरपुरी हिंसा

गौरतलब है कि 16 अप्रैल को हनुमान जयंती के अवसर पर हिंदू शोभा यात्रा निकाल रहे थे। जब शोभा यात्रा उत्तर पश्चिमी दिल्ली के जहाँगीरपुरी से गुजर रही थी, उसी वक्त मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कथित तौर पर हिंदुओं और पुलिसकर्मियों पर पथराव किया। सोशल मीडिया पर इसके वीडियो भी सामने आए थे, मुस्लिम समुदाय के सदस्यों को शोभायात्रा के दौरान लोगों पर गोलियाँ चलाते हुए देखा गया था। पिछले महीने दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इस मामले में अब तक गिरफ्तार किए गए 37 आरोपितों के खिलाफ 2063 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

हमें पितृसत्ता की अधूरी कहानी क्यों सुनाई गई? Patriarchy? Think Again

भारत की शुरुआती वैदिक सभ्यता में महिलाओं का समाज में बहुत सम्मानजनक स्थान था, जहाँ उन्हें शिक्षा और धार्मिक अनुष्ठानों का पूरा अधिकार था। वैदिक साहित्य में गार्गी और मैत्रेयी जैसी महिलाओं के उदाहरण मिलते हैं, जो दार्शनिक चर्चाओं और बौद्धिक विमर्श में सक्रिय थीं।

संभल की डेमोग्राफी: हिंदू 13 हजार से हुए 47 हजार, मुस्लिम 23 हजार से हो गए 1 लाख 71 हजार – मुस्लिम भीड़ की...

2011 की जनगणना के अनुसार संभल शहर की डेमोग्राफी 77.67% मुस्लिम आबादी जबकि हिंदू आबादी सिर्फ 22% वाली बताई गई है। वर्तमान में मुस्लिम 80% तक।
- विज्ञापन -