Thursday, July 7, 2022
Homeरिपोर्टराष्ट्रीय सुरक्षापुलवामा में नायब तहसीलदार नजीर अहमद वानी के घर में बने आतंकी ठिकाने को...

पुलवामा में नायब तहसीलदार नजीर अहमद वानी के घर में बने आतंकी ठिकाने को सेना ने किया ध्वस्त, मामला दर्ज

नायब तहसीलदार नजीर अहमद वानी का एक भाई आतंकी था, जो 1996 में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया था। इतना ही नहीं इसका एक अन्य करीबी रिश्तेदार लियाकत भी हिजबुल का नामी आतंकी था, जो कि दो साल पहले ही सुरक्षाबलों के साथ हुई मुठभेड़ में मारा गया था।

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले से एक आँखें खोल देने वाल सच सामने आया है, जहाँ एक नायब तहसीलदार के घर के अंदर आतंकी ठिकाना पाया गया। इसकी जानकारी मिलते ही सुरक्षाबलों ने इसे तत्काल ध्वस्त कर दिया और नायब तहसीलदार नजीर अहमद वानी के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी।

पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक पुलिस को सूचना मिली कि आतंकियों ने अपना एक ठिकाना जिला पुलवामा में अवंतीपोर के साथ सटे वायलू राजपोरा में बना रखा है। इसकी जानकारी मिलते ही सीआरपीएफ ने सेना के जवानों के साथ मिलकर शुक्रवार (22 मई, 2020) की रात करीब 10 बजे पूरे इलाके की घेराबंदी करते हुए तलाशी अभियान शुरू कर दिया।

तलाशी के दौरान पता चला कि वायलू गाँव की एक दुकान में आतंकियों ने अपना ठिकाना बना रखा था। इसी बीच पता चला कि यह ठिकाना नायब तहसीलदार नजीर अहमद वानी की दुकान के नीचे बना हुआ था।

हालाँकि, तलाशी के दौरान ठिकाने से कोई हथियार या अवैध सामग्री नहीं मिली, लेकिन सुरक्षाबलों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आतंकी ठिकाने को ध्वस्त कर दिया। वहीं पुलिस ने नायब तहसीलदार नजीर अहमद वानी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

अब सुरक्षा एजेंसियाँ तहसीलदार से लगातार मामले को लेकर पूछताछ कर रही हैं। वहीं पुलिस मामले की जाँच में जुट गई है। इसे लेकर पुलिस ने कुछ स्थानों पर दबिश भी दी है।

बताया जा रहा है कि नायब तहसीलदार नजीर अहमद वानी का एक भाई आतंकी था, जो 1996 में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया था। इतना ही नहीं इसका एक अन्य करीबी रिश्तेदार लियाकत भी हिजबुल का नामी आतंकी था, जो कि दो साल पहले ही सुरक्षाबलों के साथ हुई मुठभेड़ में मारा गया था।

आपको बता दें कि शुक्रवार (22 मई, 2020) को सुरक्षाबलों ने अंसार गजवा-तुल-हिंद और हिजबुल मुजाहिदीन के दो आतंकियों को भी गिरफ्तार किया था।

गौरतलब है कि इससे पहले 21 मई, 2020 को पुलवामा के प्रिचू में आतंकियों ने पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त पेट्रोल पार्टी पर अचानक से फायरिंग शुरू कर दी थी, जिसमें पुलिसकर्मी अनुज सिंह और मोहम्मद इब्राहिम को गोली लगी थी। दोनों घायल पुलिसकर्मियों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ अनुज सिंह वीरगति को प्राप्त हो गए थे।

आतंकी हमले की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में जवानों ने इलाके की घेराबंदी कर सर्च अभियान चलाया था।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

PFI की जिस रैली में लगे थे भड़काऊ नारे, उस मामले में 31 को केरल हाई कोर्ट ने दी जमानत: हिंदुओं की हत्या की...

कट्टरपंथी संगठन PFI की रैली में भड़काऊ नारे लगाने के 31 आरोपितों को केरल हाई कोर्ट ने जमानत दे दी है। यह रैली इसी साल मई में अलाप्पुझा जिले में हुई थी।

‘उड़न परी’ PT उषा, कलम के जादूगर राजामौली के पिता, संगीत के मास्टर इलैयाराजा, जैन विद्वान हेगड़े: राज्यसभा के लिए 4 नाम, PM मोदी...

पीटी उषा, विजयेंद्र गारू, इलैयाराजा और वीरेंद्र हेगड़े को राज्यसभा के लिए मनोनीत किए जाने पर पीएम मोदी ने इन सभी को प्रेरणास्त्रोत बताया है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
204,228FollowersFollow
416,000SubscribersSubscribe