Homeदेश-समाजBJP नेता, उनकी पत्नी व बेटे की हत्या: 3 गोली चलाकर लोगों को डराया...

BJP नेता, उनकी पत्नी व बेटे की हत्या: 3 गोली चलाकर लोगों को डराया फिर कर दी अँधाधुंध फायरिंग

मृतक मागो मुंडा की बेटी राधा मुंडू कुदा पंचायत की मुखिया हैं। मागो मुंडा भाजपा के एसटी मोर्चा में प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य थे।

झारखंड के खूंटी स्थित मुरहू प्रखंड के हेठगोवा गाँव में रात के करीब 8:30 बजे कुछ वर्दीधारी बदमाशों ने भाजपा नेता मागो मुंडा के घर में घुसकर उनकी, उनकी पत्नी और उनके बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी। इस घटना के दौरान मृतक मागो मुंडा के भतीजे रमाय मुंडा की पत्नी नौरी देवी को भी कमर में गोली लगी, जिसके कारण वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें प्राथमिक उपचार के लिए सदर अस्पताल में भर्ती करवाया गया लेकिन बाद में रिम्स भेज दिया गया।

प्रभात खबर के मुताबिक इस घटना के संबंध में प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मुंडा कल (जुलाई 22, 2019) रात में अपने पूरे परिवार के साथ आँगन में बैठे हुए थे, तभी वहाँ कुछ वर्दीधारी अज्ञात बदमाश आए और घटना स्थल पर लगातार तीन गोलियाँ चलाईं। गोलियों की आवाज़ सुनकर आसपास के लोग डर कर अपने घरों में घुस गए। इसके बाद गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरा इलाका गूँज उठा।

जब बदमाश वहाँ से चले गए तो लोग अपने-अपने घरों से बाहर निकले। उन्होंने देखा कि मागो मुंडा और उनका बेटा लिपराय मुंडा मृत पड़े हैं जबकि लखमनी मुंडू (उनकी पत्नी) घायल हैं। घायल अवस्था में लखमनी को अस्पताल पहुँचाया गया लेकिन डॉक्टरों ने वहाँ उन्हें मृत घोषित कर दिया।

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस अपनी छानबीन में जुट गई है। लेकिन अभी तक इस बात की जानकारी नहीं मिल पाई है कि इस घटना के पीछे कौन था। घायल नौरी देवी की मानें तो जिस समय ये सब हुआ उस समय वह खाना खा रही थीं कि तभी उन्हें गोली चलने की आवाज़ सुनाई दी। उन्होंने मागो मुंडा की पत्नी लखमनी को अपनी ओर भागते देखा तो वह भी डरकर भागने लगीं। जिस कारण बदमाशों ने उन्हें भी गोली मारी और वहाँ से भाग गए।

गौरतलब है कि मागो मुंडा की बेटी राधा मुंडू कुदा पंचायत की मुखिया हैं। मागो मुंडा भाजपा के एसटी मोर्चा में प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य थे। इसके अलावा वह मुरहू के महर्षि में ही आश्रम से भी जुड़े हुए थे।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

विवादों में ‘कॉकरोचों’ का 6 जून का प्रदर्शन, दिपके ने माना- ‘नहीं ली प्रोटेस्ट की परमिशन’: समझें- SC का फैसला, 7 दिन वाला नियम...

CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के बहाने समझिए जंतर-मंतर पर धरना देने की पूरी प्रक्रिया, दिल्ली पुलिस के नियम और सुप्रीम कोर्ट का रुख।

‘पहले मंदिर में नमाज पढ़ेंगे, फिर कहेंगे मस्जिद थी’: बुलंदशहर से भोजशाला तक, हिंदू पवित्र स्थलों पर दावों का कट्टरपंथियों का पैटर्न और लिबरल...

हिंदुओं के पवित्र स्थानों पर नमाज अदा करना भूल नहीं, सोची-समझी साजिश है। यदि कट्टरपंथियों का मन इतना ही साफ होता तो मंदिरों पर कब्जा नहीं करते।
- विज्ञापन -