जवानों के हाथों किसी नागरिक की मौत नहीं, 15157 सर्जरियाँ: पटरी पर लौट रही है जम्मू-कश्मीर की गाड़ी

जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह ने बताया कि 90% इलाकों में कोई बंदिशें नहीं हैं और 100% टेलीफोन एक्सचेंज काम कर रहे हैं। यहाँ तक कि दो जिलों में मोबाइल सेवाएँ भी दोबारा शुरू कर दी गईं हैं।

जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह ने बुधवार, 11 सितंबर को एक प्रेस वार्ता को सम्बोधित करते हुए दावा किया कि घाटी और राज्य के हालात सामान्य होने की दिशा में संतोषजनक प्रगति कर रहे हैं। “हम सामान्य के बहुत करीब हैं। अगर पूरे इलाके का हिसाब लगाएँगे, तो जम्मू के 10 जिले पूरी तरह सामान्य हो गए हैं। सारे स्कूल, कॉलेज, ऑफिस खुले हैं। लेह और कारगिल भी सामान्य हैं, वहाँ कोई बंदिशें नहीं हैं।”

उन्होंने यह भी दावा किया कि 90% इलाकों में कोई बंदिशें नहीं हैं और 100% टेलीफोन एक्सचेंज काम कर रहे हैं। यहाँ तक कि दो जिलों में मोबाइल सेवाएँ भी दोबारा शुरू कर दी गईं हैं

इसके अलावा डीजीपी ने सरकार-पुलिस-प्रशासन की अन्य उपलब्धियाँ भी गिनाईं, जिनमें सुरक्षा बलों के हाथों मारे गए नागरिकों की संख्या का शून्य होना सबसे अहम है। इसके अलावा सभी लैंडलाइन चालू हो गए हैं और कुपवाड़ा में मोबाइल सेवाएँ भी उपलब्ध हैं।

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स्वास्थ्य सेवाएं भी पूरे ज़ोर-शोर से चल रही हैं। OPD में 5,10,870 मरीजों का पंजीकरण हुआ है, और 15,157 सर्जरियाँ हुईं हैं। पेट्रोल उत्पादों और खाद्य-पदार्थों का भंडारण संतोषजनक है। 6 अगस्त से अब तक 42,600 से अधिक ट्रक सामान लेकर जम्मू-कश्मीर से आ-जा चुके हैं।

सभी बैंक और ATM काम कर रहे हैं और ₹108 करोड़ केवल जम्मू-कश्मीर बैंक से निकाले गए हैं। बाकी बैंकों के आँकड़े जारी होना बाकी है। इसके अलावा विभागीय सेवाओं, जैसे e-tendering, स्कॉलरशिप फॉर्म जमा करना, नौकरी के आवेदन के लिए हर जिले के मुख्यालय में 10 इंटरनेट किओस्क लगाए गए हैं। इनमें से हरेक किओस्क में 5 टर्मिनल लगे हैं। आम जनता और सैलानियों की सहूलियत के लिए 12 अतिरिक्त हवाई टिकट काउंटर स्थापित किए गए हैं।

डीजीपी दिलबाग सिंह ने यह भी जानकारी दी कि जहाँ इस दौरान सुरक्षा बलों और नागरिकों के टकराव में कोई नहीं मारा गया है, वहीं आतंकियों ने तीन आम लोगों की हत्या कर दी है। इसी दौरान सुरक्षा बलों ने भी दो आतंकियों को भी ढेर कर दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि हाल में मारे गए लश्कर आतंकी आसिफ मकबूल भट की मौत से क्षेत्र के लोग चैन की साँस ले रहे होंगे। भट हाल ही में एक नवजात को गोलियों से ज़ख़्मी करने के मामले में ज़िम्मेदार था।

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