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हरियाणा के करनाल में स्कूल-कॉलेज की दीवार पर लिखे मिले खालिस्तानी नारे, पंजाब में मंदिर की दीवार पर लिख दिया था ‘खालिस्तान जिंदाबाद’

पंजाब के संगरूर में खालिस्तानी नारे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के दौरे से पहले लिखे मिले थे। संगरूर में 23 जून को उपचुनाव के लिए मतदान होना है।

हरियाणा के करनाल में खालिस्तान के समर्थन में नारे लिखे जाने का मामला सामने आया है। ये नारे डीएवी स्कूल और दयाल सिंह कॉलेज की दीवारों पर लिखे गए थे। इससे पहले पंजाब के संगरूर में भी काली माता मंदिर की दीवार पर खालिस्तान समर्थक नारे लिखे मिले थे।

करनाल के एसपी गंगा राम पुनिया ने बताया कि डीएवी स्कूल और दयाल सिंह कॉलेज के सामने की दीवार पर खालिस्तान के संबंध में कुछ नारे लिखे थे। सूचना मिलने पर पुलिस की टीम मौके पर पहुँची और घटनास्थल की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी करवाई गई। इसके बाद खालिस्तानी नारे को मिटा दिया गया।

पुलिस ने कहा कि थाना सिविल लाइन में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ धारा 153A, 120B और UAPA के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है।

वहीं संगरूर में ये नारे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के दौरे से पहले लिखे मिले थे। संगरूर में चुनाव आचार संहिता भी लागू है। 23 जून 2022 को यहाँ उपचुनाव के लिए मतदान होना है। इससे पहले पंजाब के जालंधर में जालंधर शक्ति पीठ, देवी तालाब मंदिर के पास दीवारों पर खालिस्तान समर्थक नारे लिखे पाए गए थे। इस महीने की शुरुआत में, पंजाब के फरीदकोट में एक सेशन कोर्ट के जज के आवास की दीवारों पर खालिस्तान समर्थक नारे लिखे गए थे। पिछले महीने, हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में भी राज्य विधानसभा की दीवारों और गेट पर खालिस्तानी झंडे बाँधे गए थे और साथ ही नारे लिखे गए थे।

इतना ही नहीं ऑपरेशन ब्लूस्टार की 38वीं बरसी पर भी स्वर्ण मंदिर में खालिस्तान समर्थक नारे भी लगे थे। बताया गया कि कट्टरपंथी सिख संगठनों और शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के समर्थकों ने नारेबाजी की थी। युवकों ने बैनर और तख्तियों पर ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ लिखा हुआ था और जरनैल सिंह भिंडरावाले की तस्वीर वाली टी-शर्ट पहन रखी थी। इसके अतिरिक्त किसान आंदोलन के दौरान भी ऐसी अलगाववादी घटनाएँ देखने को मिली थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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