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PM मोदी से माँ की अपील: ऑटिज्म पीड़ित बच्चे तक पहुँचा 20 लीटर ऊँट का दूध

जब लॉकडाउन की घोषणा हुई, तब नेहा के सामने ये समस्या खड़ी हो गई कि वो ऊँट का दूध कहाँ से मँगाएँगी। उनके पास दूध का पर्याप्त स्टॉक नहीं था और लॉकडाउन के कारण वो बाहर से जाकर नहीं ला सकती थीं। उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील करते हुए कहा कि उनके बच्चे के लिए ऊँट के दूध की व्यवस्था की जाए।

नेहा कुमारी नामक महिला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपने बच्चे को लेकर अपील की थी। इसके बाद उन तक सहायता पहुँचाई गई। नेहा का एक 3.5 वर्षीय बच्चा है, जो ऑटिज्म से पीड़ित है। इसके अलावा उसे कई प्रकार की फ़ूड एलर्जी भी है।

ऐसे में उसकी माँ के सामने एक बड़ी समस्या खड़ी हो गई। उक्त बच्चा केवल दाल और ऊँट के दूध पर ही ज़िंदा रह पाता है। वह कुछ और नहीं खाता-पीता। जब लॉकडाउन की घोषणा हुई, तब नेहा के सामने ये समस्या खड़ी हो गई कि वो ऊँट का दूध कहाँ से मँगाएँगी। उनके पास दूध का पर्याप्त स्टॉक नहीं था और लॉकडाउन के कारण वो बाहर से जाकर नहीं ला सकती थीं। उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील करते हुए कहा कि उनके बच्चे के लिए ऊँट के दूध की व्यवस्था की जाए।

उन्होंने बताया कि ऊँट के दूध के पाउडर से भी उनका काम चल जाएगा। इसके बाद आईपीएस अधिकारी अरुण बोथरा ने उनसे सारे डिटेल्स माँगे और वादा किया कि वो अपनी ओर से हरसंभव कोशिश करेंगे। बोथरा ने बाद में जानकारी दी कि ट्रेन से 20 लीटर ऊँट का दूध मुंबई पहुँचा दिया गया है। पीड़ित परिवार ने इस दूध को उनके साथ भी साझा किया, जिन्हें नेहा के बच्चे की तरह ही इसकी ज़रूरत थी। बोथरा ने इसके लिए भारतीय रेलवे का धन्यवाद किया।

इस पूरे मामले में नॉर्थ-वेस्ट रेलवे के सीपीटीएम तरुण जैन ने मदद की, जिनका बोथरा ने धन्यवाद दिया। जैन ने ये सुनिश्चित किया कि ऊँट का दूध बिना किसी गड़बड़ी और रुकावट के मुंबई तक पहुँचे। बोथरा ने कहा कि बच्चे की मेडिकल ज़रूरत पूरी करने में मदद करने के बाद उन्हें अपनी खाकी वर्दी पर और भी गर्व हो रहा है। मुंबई में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या 1000 के पार हो गई है और पूरे महाराष्ट्र में स्थिति भयावह बनी हुई है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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