Homeदेश-समाजरामनवमी पर पश्चिम बंगाल में VHP को नहीं दी गई बाइक रैली की इजाज़त:...

रामनवमी पर पश्चिम बंगाल में VHP को नहीं दी गई बाइक रैली की इजाज़त: कार्यकर्ताओं में रोष

VHP कार्यकर्ताओं को ये हिदायत दी गई कि वो रैली के दौरान भगवान राम की सिर्फ एक ही तस्वीर का इस्तेमाल कर सकते हैं। पुलिस की इजाजत न मिलने के बाद कार्यकर्ताओं ने भगवा झंडा लेकर स्थानीय रैली निकालने की कोशिश की।


पूरा देश आज रामनवमी का पर्व मना रहा है। पश्चिम बंगाल में भी रामनवमी की रैलियों के आयोजन की तैयारी चल रही थी। ये रैलियाँ 13 और 14 अप्रैल को होने वाली थी, लेकिन अब कोलकाता पुलिस ने VHP (विश्व हिन्दू परिषद) को रैली निकालने की इजाजत देने से मना कर दिया है। जानकारी के मुताबिक, संगठन के कार्यकर्ता बाइक रैली निकालने जा रहे थे, लेकिन इससे ठीक पहले ही कोलकाता पुलिस ने इस पर रोक लगा दी।

इसके साथ ही VHP कार्यकर्ताओं को ये हिदायत दी गई कि वो रैली के दौरान भगवान राम की सिर्फ एक ही तस्वीर का इस्तेमाल कर सकते हैं पुलिस की इजाजत न मिलने के बाद कार्यकर्ताओं ने राम की तस्वीर के साथ-साथ भगवा झंडा लेकर स्थानीय रैली निकालने की कोशिश की। रैली की इजाजत न मिलने से VHP कार्यकर्ताओं में काफी गुस्सा है। VHP ने राम नवमी पर पश्चिम बंगाल में भव्य आयोजन की तैयारी थी। कहा गया था कि इस बार संगठन के कार्यकर्ता राज्यभर में तकरीबन 700 रैलियाँ निकालेंगे। VHP ने इस साल जुलूस निकालने के दौरान हथियार के प्रदर्शन ना करने का आश्वासन भी दिया था।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में सांप्रदायिक सौहार्द के बिगड़ने की खबरें अक्सर आती रहती हैं। त्योहारों के बीच सांप्रदायिक हिंसा की खबरें भी आती रहती हैं। पिछले साल पश्चिम बंगाल के आसनसोल में रामनवमी के दिन भड़की सांप्रदायिक हिंसा काफी चर्चा में रही थी। उस समय यह विवाद रामनवमी के जुलूस के दिन बजाए जा रहे गानों को लेकर हुआ था। पहले तो जुलूस पर पत्थरबाजी हुई थी और फिर एक गाड़ी को आग लगा दी गई थी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

क्या भारत की राजनीति पहली बार पूरी तरह ‘हिन्दू-केंद्रित’ हो गई है?

क्या भारत की राजनीति का सबसे बड़ा बदलाव चुनावी नतीजों में नहीं, बल्कि राजनीतिक बहस के केंद्र में हुआ है? PM मोदी मजबूत हों या कमजोर, सत्ता में BJP रहे या विपक्ष आए, क्या हिन्दू पहचान और हिन्दू समाज से जुड़े सवाल अब भारतीय राजनीति के केंद्रीय विमर्श का हिस्सा बन चुके हैं?

कुएँ में कूदने की जगह नहीं बची तो रोने लगीं हिंदू महिलाएँ: जानिए- 1947 में रावलपिंडी के तोहा खालसा में 90 हिंदू-सिख महिलाओं ने...

जानिए 1947 के रावलपिंडी दंगों में तोहा खालसा की 93 हिंदू महिलाओं के कुएँ में एक साथ कूदकर जान देने की दर्दनाक कहानी।
- विज्ञापन -