Thursday, August 5, 2021
Homeदेश-समाजशासक नहीं सेवक: PM मोदी की रैली के बाद खुद मैदान की सफाई करते...

शासक नहीं सेवक: PM मोदी की रैली के बाद खुद मैदान की सफाई करते दिखे देबजीत सरकार

देबजीत सरकार की ये तस्वीरें यह बताने के लिए स्पष्ट हैं कि भाजपा नेता और कॉन्ग्रेस नेताओं के बीच सबसे बड़ा फासला यही है। कॉन्ग्रेस नेता अपनी अभिजात्य मानसिकता से उबर नहीं पा रहे हैं जबकि भाजपा नेता समाज के मध्यम और शोषित वर्ग के साथ कंधे से कंधे मिलाकर...

राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी ने कहा था कि हमें वो बदलाव स्वयं बनना चाहिए, जो हम दूसरों में देखना चाहते हैं। सोशल मीडिया पर आजकल भाजपा नेता देबजीत सरकार की तस्वीरें खूब शेयर की जा रही हैं। इन तस्वीरों में देबजीत सरकार लोगों के साथ मिलकर चुनावी रैली के बाद मैदान की सफाई करते हुए देखे जा रहे हैं। देबजीत सरकार सेरामपुर संसदीय क्षेत्र, पश्चिम बंगाल से भाजपा के प्रत्याशी हैं।

देशभर में आम चुनाव जारी है। इस बीच तरह-तरह की घटनाएँ देखने को मिल रही हैं। एक ओर जहाँ कुछ सत्तापरस्त और वंशवाद की राजनीति में लिप्त कॉन्ग्रेस जैसे राजनीतिक दल के नेता चौकीदार और चायवालों को हीन दृष्टि से देखते हैं और उन पर अपमानजनक टिप्पणी करते हैं, वहीं दूसरी और भाजपा नेता हैं, जो आम जनता के बीच स्वयं उदाहरण पेश करते हुए आगे बढ़ते हैं।

सेरामपुर संसदीय क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी हैं युवा नेता देबजीत सरकार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अक्सर देखने को मिलता है कि उनकी पार्टी के सदस्य और नेता भी सामाजिक अवसरों से लेकर सार्वजानिक अवसरों पर भी जनता के साथ खड़े नजर आते हैं। इस बार इसी तरह का उदाहरण पेश किया है पश्चिम बंगाल के युवा नेता देबजीत सरकार ने। पश्चिम बंगाल राज्य बीजेपी युवा मोर्चा के अध्यक्ष देबजीत सरकार इस लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल के सेरामपुर लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी हैं।

शासक नहीं सेवक

जिन तस्वीरों में देबजीत सरकार सफाई करते हुए नजर आ रहे हैं, यह सेरामपुर, पश्चिम बंगाल में आयोजित पीएम नरेंद्र मोदी की अप्रैल 29, 2019 की चुनावी रैली के बाद की है। इसी दिन भाजपा नेता देबजीत सरकार के समर्थन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विशाल जनसभा को सम्बोधित करते हुए सेरामपुर की जनता से भाजपा के पक्ष में मतदान करने की अपील की थी। लेकिन, इन सबसे ज्यादा जो चर्चा का विषय है, वो है देबजीत सरकार द्वारा इस विशाल जनसभा के सफल आयोजन के बाद की तस्वीरें!

इन तस्वीरों में देबजीत सरकार पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर स्वयं सभास्थल की सफाई कर रहे हैं। देबजीत सरकार के बारे में अक्सर इस तरह के उदाहरण सोशल मीडिया पर देखने को मिलते हैं, जब वो युवाओं के साथ मिलकर इस प्रकार के उदाहरण पेश करते हैं। सेरामपुर में पाँचवें चरण के चुनाव आगामी 6 मई को होने हैं। PM नरेंद्र मोदी इसी चुनाव की तैयारियों के संदर्भ में और भाजपा कार्यकर्ताओं के उत्साहवर्धन के लिए विगत सप्ताह सेरामपुर में मौजूद थे। सेरामपुर लोकसभा पश्चिम बंगाल का महत्वपूर्ण संसदीय क्षेत्र है। स्वच्छ भारत अभियान प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी का एक बड़ा सपना है और इस तरह का सहयोग करते हुए नेताओं को देखना कहीं ना कहीं एक सकारात्मक सन्देश देता है।

‘नामपंथी, वामपंथी, दमन पंथी और चौथा, विकास पंथी’

भाजपा इस आम चुनाव में पश्चिम बंगाल से अधिक से अधिक सीट जीतने का प्रयास कर रही है। इसी रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा था, “भारत की राजनीति में आज तक 4 प्रकार के दल और पॉलिटिकल कल्चर देखे गए हैं। पहला है नामपंथी, दूसरा वामपंथी, तीसरा दाम और दमन पंथी और चौथा है विकास पंथी।”

PM मोदी द्वारा विपक्ष पर किया गया यह तंज और देबजीत सरकार की ये तस्वीरें यह बताने के लिए स्पष्ट हैं कि भाजपा नेता और कॉन्ग्रेस नेताओं के बीच सबसे बड़ा फासला यही है। एक ओर जहाँ कॉन्ग्रेस नेता अपनी अभिजात्य मानसिकता के चलते समाज के मध्यम और निचले वर्ग को हीन समझते हैं, वहीं भाजपा नेता समाज के मध्यम और शोषित वर्ग के साथ कंधे से कंधे मिलाकर खड़े नजर आते हैं। ऐसा हम नहीं, जनता कहती है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

अगर बायोलॉजिकल पुरुषों को महिला खेलों में खेलने पर कुछ कहा तो ब्लॉक कर देंगे: BBC ने लोगों को दी खुलेआम धमकी

बीबीसी के आर्टिकल के बाद लोग सवाल उठाने लगे हैं कि जब लॉरेल पैदा आदमी के तौर पर हुए और बाद में महिला बने, तो यह बराबरी का मुकाबला कैसे हुआ।

दिल्ली में कमाल: फ्लाईओवर बनने से पहले ही बन गई थी उसपर मजार? विरोध कर रहे लोगों के साथ बदसलूकी, देखें वीडियो

दिल्ली के इस फ्लाईओवर का संचालन 2009 में शुरू हुआ था। लेकिन मजार की देखरेख करने वाला सिकंदर कहता है कि मजार वहाँ 1982 में बनी थी।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
113,028FollowersFollow
395,000SubscribersSubscribe