Monday, May 10, 2021
Home विचार राजनैतिक मुद्दे पकौड़े-चाय आप बेच नहीं पाएँगे सिद्धू साब! आप तो चोरों और घोटालेबाजों की गुलामी...

पकौड़े-चाय आप बेच नहीं पाएँगे सिद्धू साब! आप तो चोरों और घोटालेबाजों की गुलामी कीजिए

कॉन्ग्रेस की नजरों में दलाली करना, भूमि घोटाला करना और बोफोर्स घोटाला करना ही सर्वश्रेष्ठ रोजगार हो सकता है लेकिन पकौड़े-चाय बेचना, चौकीदारी करना...

सर कटी मुर्गी की तरह यहाँ-वहाँ भागकर रोजाना अपने लिए नया आशियाना तलाशते नवजोत सिंह सिद्धू के लिए बेहूदा बयानबाजी कर चर्चा में आना कोई नई बात नहीं है। नवजोत सिंह सिद्धू अपनी जनसभाओं में केन्द्र की मोदी सरकार और भाजपा पर खूब हमलावर रहे हैं। हालाँकि, कॉन्ग्रेस में जाने के बाद सिद्धू भले ही भाजपा की आलोचना कर रहे हों, लेकिन एक वक्त ऐसा भी था, जब भाजपा को अपनी ‘माँ’ बताने वाले सिद्धू का कई साल तक भारतीय जनता पार्टी के साथ ‘बेटे’ जैसा जुड़ाव रहा था। लेकिन, पार्टी बदलते ही सिद्धू ने ‘माँ’ को ‘गाली’ देनी शुरू कर दी है।

‘राजपरिवार’ और ‘राजमाता’ को खुश करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरोध में कल बाचाल नवजोत सिंह सिद्धू ने घटियापन का एक और कीर्तिमान अपनी फर्जी शायरी की किताब में जोड़ लिया है। ट्विटर पर ‘राजमाता’ सोनिया गाँधी और सबसे बुजुर्ग पार्टी के चिरयुवा अध्यक्ष राहुल गाँधी की तस्वीर लगाकर घूमने वाले सिद्धू ने अपने इस बयान से साबित कर दिया है कि चापलूसी और चमचागिरी में वो अब कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह को भी कड़ी टक्कर देने में सक्षम हैं।

सबसे ताजा और पिछले बयानों जितना ही वाहियात बयान नवजोत सिद्धू ने कल ही अपने ट्विटर एकाउंट के जरिए दिया है। खुद को अभिजात्य दिखाने के चक्कर में नरेंद्र मोदी को निशाना बनाते हुए अपनी निम्नस्तरीय मानसिकता का परिचय देते हुए ‘फिलहाल’ कॉन्ग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने ट्वीट करते हुए लिखा है, “एक गलत वोट आपके बच्चों को चायवाला, पकौड़ेवाला या चौकीदार बना सकता है।”

घृणित अभिजात्य मानसिकता ही चायवाले और चौकीदारों से नफरत करना सिखाती है

कॉन्ग्रेस राजपरिवार की छत्रछाया में आते ही अभिजात्य मानसिकता का परिचय देते हुए, किसी भी दूसरे व्यक्ति को अपने से नीचे रखना, उसके सामाजिक परिवेश के आधार पर उसे अपमानित करना और उसे लज्जित महसूस करवाना सिद्धू ने सीख लिया है। इस तरह से राजपरिवार का प्रिय बनने का पहला चरण उन्होंने अच्छी तरह से पास कर लिया है।

नवजोत सिंह सिद्धू का यह बयान उन्हें चर्चा का विषय तो बना देता है, लेकिन ऐसा करते ही वो एक बार फिर तमाम कॉन्ग्रेस नेताओं की तरह ही नरेंद्र मोदी की सजाई हुई ‘पिच’ पर बल्लेबाजी करते नजर आते हैं। कॉन्ग्रेस पिछले 5 सालों में लगातार यही गलती दोहराती नजर आई है। नरेंद्र मोदी ने आम जनता के बीच स्वाभाविक रहकर, उसे सहज महसूस करवाकर उसका हृदय जीता है। जबकि, इसके ठीक उलट, सत्तापरस्त कॉन्ग्रेस लगातार अपने मूर्खतापूर्ण बयान और गुलाम मानसिकता की वजह से आत्मघाती गोल करती रही।

मसलन, नरेंद्र मोदी ने जब रोजगार के लिए पकौड़े बेचने वाले का उदाहरण दिया, तब पूरा नेहरुवियन सभ्यता का इकोसिस्टम पकोड़े बनाकर अपने परिवार का पेट भरने वालों को तुच्छ और हास्य का विषय बनाने में मशगूल हो गया था। जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद को चौकीदार बताया, तब कॉन्ग्रेस चौकीदारों के ही विरोध में खड़ी हो गई और नेपाल से लेकर अपने ही देश के भीतर नस्लीय भेदभाव जैसी टिप्पणियाँ कर अपनी ही बुजुर्ग पार्टी के ताबूत में आखिरी कीलें ठोकती देखी गई। हो सकता है कि कॉन्ग्रेस की नजरों में दलाली करना, भूमि घोटाला करना और बोफोर्स घोटाला करना ही सर्वश्रेष्ठ रोजगार हों, लेकिन क्या मात्र यह तर्क उन्हें अन्य गरीब और मध्यम वर्गीय लोगों के रोजगार का उपहास करने का अधिकार देने के लिए काफी है?

सामंतवादी कॉन्ग्रेस अभी औपनिवेशिक मानसिकता की गुलामी में जी रही है

निसंदेह नवजोत सिंह सिद्धू ने पकौड़ेवाला और चौकीदारों का बयान अपने पूरे होशोहवास में कॉन्ग्रेस राजपरिवार की नजरों में दुलारा बनने के लिए ही दिया है। सिद्धू अच्छे से जानते हैं कि कॉन्ग्रेस को किस स्तर की ‘जी हजूरी’ से खुश किया जा सकता है। पकौड़ेवाला, चायवाला और चौकीदार का उपहास बनाकर सिद्धू ने कॉन्ग्रेस की उसी प्राचीन प्रणाली में जान फूँक दी है, जो कॉन्ग्रेस की पहचान रही है। यह पहचान है, सामंतवादी मानसिकता और ब्रिटिश उपनिवेशवाद से सीखा गया सामाजिक और जातिगत नस्लभेद। ऐसा कर के कॉन्ग्रेस बहुत आसानी से हमेशा ही आम जनता से खुद को एक उचित दूरी पर स्थापित कर देती है और लोग महसूस करना भी शुरू कर देते हैं कि नेता ऐसा ही होता है।

BJP को अपनी माँ बताने वाले सिद्धू कॉन्ग्रेस में जाकर दे रहे माँ की गाली, दुखद!

एक समय ऐसा भी था जब घटिया बयान देकर स्वयं को राजनीति में स्थापित करने का सपना देखर रहे सिद्धू भाजपा को अपनी माँ बताते थे और उसके खिलाफ जाने वाले को ‘घृणित’ नजर से देखते थे। शायद तब भाजपा में रहते हुए पार्टी नेतृत्व की चापलूसी कर, उन्हें अपनी माँ बता देना सिद्धू की तत्कालीन रणनीति रही हो और आज भी वो उसी फॉर्मूले पर काम करना चाह रहे हैं।

उस समय नवजोत सिंह सिद्धू एक जनसभा में कह रहे थे, “भारतीय जनता पार्टी मेरी माँ है, भारतीय जनता पार्टी मेरी जननी है, मेरा स्वाभिमान है, मेरी पहचान है और जो मेरी माँ की पीठ में छुरा घोंपेगा, उसे वोट डालना गोमाँस खाने के बराबर है।”

सिद्धू के रूप में कॉन्ग्रेस के पास एक खिसियाया हुआ फूफा और बढ़ गया है

सिद्धू राजनीति के उस खिसियाए हुए फूफा जैसे बनकर रह गए हैं, जिनका मकसद सिर्फ और सिर्फ अटेंशन की चॉइस होती है। बीते दिनों पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले नवजोत सिंह सिद्धू ने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देकर कॉन्ग्रेस का दामन थाम लिया था। उसके बाद से वो बदहवास स्थिति में अक्सर अपने बयानों में भाजपा पर हमलावर रहे हैं। लेकिन हमला कर कॉन्ग्रेस परिवार की नजरों में बने रहने की कोशिशों में सिद्धू पूरी तरह से नस्लीय टिप्पणी पर ही उतर आए हैं।

पुलवामा आतंकी हमले में पाकिस्तान जैसे आतंकवाद की फैक्ट्री को ‘मासूम’ बताने और आतंकवाद को मजहब से एकदम अलग बताकर सोशल मीडिया पर गाली खाने वाले सिद्धू को ये समझना होगा कि नरेंद्र मोदी वर्तमान में राजनीति का पर्याय बन चुके हैं और उन्हें ऐसा बनाने में सिद्धू जैसे ही टुटपुँजिया ट्रॉल्स का महत्वपूर्ण योगदान है। वास्तविकता तो यह भी है कि मोदी को अपमानित करने के लिए जिस स्तर तक विपक्ष के नेता प्रतिदिन गिर रहे हैं, वो उनकी मानसिक वेदना को ही स्पष्ट करता है। यह वेदना विपक्ष में समाज के प्रत्येक वर्ग द्वारा उन्हें नकार दिए जाने से दिन प्रति दिन बढ़ती ही जा रही है और अभी देखना बाकी है कि आम चुनाव के नतीजों के दिन यही विपक्ष बेहूदगी और घटियापने का कौन-सा नया कीर्तिमान पेश करता है। तब तक… “ठोको-ठोको ताली!”

हमारी राय (व्यंग्य)

नवजोत सिंह सिद्धू को इस तस्वीर से प्रेरणा लेते हुए समझना चाहिए कि जमीन घोटालों में सर से पाँव तक डूबे राजपरिवार की चमचागिरी कर के गुलामी की जिंदगी जीने से बेहतर यही है कि वो भी ‘चायवाला’ बनकर गरिमामय जीवन जीना सीख लें।


  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

आशीष नौटियाल
पहाड़ी By Birth, PUN-डित By choice

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

लेफ्ट मीडिया नैरेटिव के आधार पर लैंसेट ने PM मोदी को बदनाम करने के लिए प्रकाशित किया ‘प्रोपेगेंडा’ लेख, खुली पोल

मेडिकल क्षेत्र के जर्नल लैंसेट ने शनिवार को एक लेख प्रकाशित किया जहाँ भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते संक्रमण का पूरा ठीकरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर फोड़ दिया गया।

गाँधी का कुत्ता… न कॉन्ग्रेस का, न असम का: बिस्कुट खाता है, कुर्सी गँवाता है

कहानी में कुत्ते को बिस्कुट खिलाने का जिक्र है। कहानी में असम से ज्यादा कुत्ते को प्राथमिकता दिए जाने का भी जिक्र है।

‘BMC ने किया कोविड से मौत की आँकड़ों में हेरफेर, PR एजेंसीज और सेलिब्रिटीज चला रहे फेक नैरेटिव’: देवेंद्र फडणवीस

देवेन्द्र फडणवीस ने अपने पत्र में मुंबई में कम टेस्टिंग का आरोप लगाते हुए कहा की मुंबई में रोजाना 1 लाख आरटी-पीसीआर टेस्टिंग की सुविधा उपलब्ध है जबकि यहाँ मात्र 34,000 टेस्ट ही रोजाना की जा रहे हैं।

जावेद अख्तर ने कहा- Covid पर महाराष्ट्र सरकार से सीखें, लोगों ने ‘जोक ऑफ द डे’ कह किया ट्रोल

“पता नहीं आपको महाराष्ट्र सरकार की कौन सी क्षमता दिखाई दी क्योंकि कई जगह पर लॉकडाउन लगा होने के कारण भी राज्य में रोजाना 50,000 से अधिक नए संक्रमित मिल रहे हैं साथ ही संक्रमण दर भी लगभग 15% बनी हुई है।“

हेमंत बिस्वा सरमा: असम के मुख्यमंत्री, सर्वानंद सोनोवाल ने दिया इस्तीफा

असम चुनाव के बाद प्रदेश में नए सीएम की तलाश अब खत्म हो गई है। हेमंत बिस्वा सरमा प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री होंगे।

हिंदू त्योहार ‘पाप’, हमारी गलियों से नहीं निकलने दें जुलूस: मुस्लिम बहुल इलाके की याचिका, मद्रास HC का सॉलिड जवाब

मद्रास हाई कोर्ट ने धार्मिक असहिष्णुता को देश के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने के लिए खतरनाक बताया। कोर्ट ने कहा कि त्योहारों के आयोजन...

प्रचलित ख़बरें

हिंदू त्योहार ‘पाप’, हमारी गलियों से नहीं निकलने दें जुलूस: मुस्लिम बहुल इलाके की याचिका, मद्रास HC का सॉलिड जवाब

मद्रास हाई कोर्ट ने धार्मिक असहिष्णुता को देश के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने के लिए खतरनाक बताया। कोर्ट ने कहा कि त्योहारों के आयोजन...

रेप होते समय हिंदू बच्ची कलमा पढ़ के मुस्लिम बन गई, अब नहीं जा सकती काफिर माँ-बाप के पास: पाकिस्तान से वीडियो वायरल

पाकिस्तान में नाबालिग हिंदू लड़की को इ्स्लामी कट्टरपंथियों ने किडनैप कर 4 दिन तक उसके साथ गैंगरेप किया और उसका जबरन धर्मान्तरण कराया।

रमजान का आखिरी जुमा: मस्जिद में यहूदियों का विरोध कर रहे हजारों नमाजियों पर इजरायल का हमला, 205 रोजेदार घायल

इजरायल की पुलिस ने पूर्वी जेरुसलम स्थित अल-अक़्सा मस्जिद में भीड़ जुटा कर नमाज पढ़ रहे मुस्लिमों पर हमला किया, जिसमें 205 रोजेदार घायल हो गए।

टीकरी बॉर्डर: आंदोलन में शामिल होने आई युवती के साथ दुष्‍कर्म मामले में 4 किसान नेताओं सहित 6 पर FIR

आरोपित अनूप सिंह हिसार क्षेत्र का है और आम आदमी पार्टी (AAP) का सक्रिय कार्यकर्ता भी है जिसकी पुष्टि आप सांसद सुशील गुप्ता ने की। अनिल मलिक भी दिल्ली में AAP का कार्यकर्ता बताया जा रहा है।

कोरोना संक्रमित शवों के कफन चुराते थे, ब्रैंडेड लेबल लगाकर बेचते थे बाजार में, 520 कफन बरामद: 7 गिरफ्तार

गिरफ्तार किए गए आरोपितों के पास से पास से 520 कफन, 127 कुर्ते, 140 कमीज, 34 धोती, 12 गर्म शॉल, 52 साड़ी, तीन रिबन के पैकेट, 1 टेप कटर और 158 ग्वालियर की कंपनी के स्टीकर बरामद हुए हैं।

‘2015 से ही कोरोना वायरस को हथियार बनाना चाहता था चीन’, चीनी रिसर्च पेपर के हवाले से ‘द वीकेंड’ ने किया खुलासा: रिपोर्ट

इस रिसर्च पेपर के 18 राइटर्स में पीएलए से जुड़े वैज्ञानिक और हथियार विशेषज्ञ शामिल हैं। मैग्जीन ने 6 साल पहले 2015 के चीनी वैज्ञानिकों के रिसर्च पेपर के जरिए दावा किया है कि SARS कोरोना वायरस के जरिए चीन दुनिया के खिलाफ जैविक हथियार बना रहा था।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,393FansLike
91,476FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe