Homeदेश-समाजलटका मिला था भाजपा MLA देबेन्द्र नाथ रॉय का शव: मुख्य आरोपी माबूद अली...

लटका मिला था भाजपा MLA देबेन्द्र नाथ रॉय का शव: मुख्य आरोपी माबूद अली गिरफ्तार, नाव से भागने की थी योजना

विधायक देबेन्द्र नाथ रॉय की लाश 13 जुलाई को एक चाय की दुकान के पास लटकते हुए मिली थी। मुख्य आरोपित माबूद अली नाव से भागने की तैयारी में था। 15 जुलाई से ही वो अपने रिश्तेदारों के यहाँ छिपा हुआ था और...

पश्चिम बंगाल पुलिस ने भाजपा विधायक देबेन्द्र नाथ रॉय के कथित आत्महत्या मामले में मुख्य आरोपित माबूद अली को गिरफ्तार कर लिया है। नॉर्थ दिनाजपुर के हेमताबद में हुई इस घटना के मामले में सीआईडी और पुलिस ने ये गिरफ्तारी की है। मालदा के चंचल से माबूद अली को गिरफ्तार किया गया, जो मोठाबरी पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले पंचनंदपुर से धर दबोचा गया। वो झारखंड भागने की तैयारी में था।

अब माबूद अली को रायगंज लाया जा रहा है। पुलिस ने बताया है कि माबूद अली 15 जुलाई से ही बबला के कंलपुत गाँव में अपने रिश्तेदारों के यहाँ रुका हुआ था। इससे पहले एक अन्य आरोपित को मालदा से गिरफ्तार किया गया था। जब अली को गिरफ्तार किया गया, तब वो नाव से झारखंड निकलने की तैयारी में था। इससे पहले सीआईडी ने एक अन्य आरोपित निलॉय सिन्हा को गिरफ्तार किया था।

भाजपा विधायक देबेन्द्र नाथ रॉय की पत्नी के बयान के आधार पर निलॉय सिन्हा और माबूद अली को गिरफ्तार किया गया। माबूद जब बाइक से कसिमबाजार जा रहा था, तब उसे गिरफ्तार किया गया। विधायक की लाश 13 जुलाई को एक चाय की दुकान के पास लटकते हुए मिली थी। इसके बाद ममता बनर्जी की आलोचना शुरू हो गई थी।

2016 के विधानसभा चुनाव में देबेन्द्र नाथ रॉय ने सीपीएम के टिकट पर चुनाव जीते थे। उन्होंने नार्थ दिनाजपुर के हेमताबाद से जीत दर्ज की थी। वो ग्राम पंचायत चुनाव में भी सीपीएम के लिए हैट्रिक जीत दर्ज कर चुके थे। उन्होंने कोऑपरेटिव सोसाइटी की मदद से गाँव में कई लोगों की वित्तीय रूप से मदद की थी। उन्होंने 2019 में दिल्ली में भाजपा की सदस्यता ली थी। विधायक की पत्नी और पूर्व पंचायत प्रमुख चांदीमा रॉय ने भी अपने पति की साजिशन हत्या की आशंका जताई थी। 

इसके बाद पश्चिम बंगाल पुलिस ने इस मामले से जुड़ी कुछ और जानकारी अपने ट्विटर एकाउंट पर साझा की। ट्वीट में दी गई जानकारी के मुताबिक़ देबेन्द्र नाथ रॉय की शर्ट की जेब से एक सुसाइड नोट मिला है। जिसमें हत्या के लिए दो ज़िम्मेदार लोगों का नाम सामने आया था।

पश्चिम बंगाल पुलिस का कहना था कि विधायक देबेन्द्र नाथ रॉय की मौत संबंधी जाँच के लिए सारे ज़रूरी कदम उठाए जा रहे हैं, मौके पर फॉरेंसिक एक्सपर्ट की ही मदद ली गई थी और ट्रैकर डॉग भी छोड़े गए थे।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘काफ़िर’ अब समंदर पार नहीं है.. कैसे 11वीं सदी का क्रूसेड बना नए पेंटागन की विचारधारा? डोनाल्ड ट्रंप और अमरीकी कल्चर वॉर

1095 में पोप अर्बन द्वितीय ने यरूशलम के लिए जिस धर्मयुद्ध का ऐलान किया था, आज डोनाल्ड ट्रंप के नए अमेरिका के पीछे वही विचार काम कर रहा है। ट्रंप के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और उनकी किताब 'The War on Warriors' से समझिए कि कैसे 1000 साल पुराना 'Deus Vult' का सिद्धांत आज अमरीकी राजनीति और कल्चर वॉर को चला रहा है।

‘मेविस्तान’ बनाने का सपना, अलवर-भरतपुर में हिंसा और फिर गाँधी-नेहरू का हस्तक्षेप: जानिए मेवात के उस इतिहास की पूरी कहानी, जिसने बदल दिया इलाके...

मेविस्तान की माँग, 1933 का गोविंदगढ़ संघर्ष, 1947 का अलवर-भरतपुर घटनाक्रम और गाँधी-नेहरू के हस्तक्षेप से जुड़ी मेवात की पूरी कहानी जानिए।
- विज्ञापन -