Homeदेश-समाजकक्षा 4 के छात्र पर टूट पड़े उसके 3 सहपाठी, राउंडर से किए पैरों...

कक्षा 4 के छात्र पर टूट पड़े उसके 3 सहपाठी, राउंडर से किए पैरों में108 वार: मामला पहुँचा थाने, CWC को आशंका- हिंसक गेम खेलना हो सकती है वजह

हमले के शिकार हुए छात्र पीड़ित के पिता ने इंदौर के एयरोड्रम थाने में शिकायत दर्ज करवाई। उनका कहना है कि उन्हें अब तक पता ही नहीं चल पाया है कि उनके बेटे पर उसके 3 सहपाठियों ने हमला क्यों किया?

मध्य प्रदेश के इंदौर में कक्षा 4 में पढ़ने वाले एक छात्र पर उसके 3 सहपाठियों ने हमला किया है। इस हमले के दौरान गणित की पढ़ाई में काम आने वाले ज्योमिट्री कंपास के राउंडर को हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया गया। पीड़ित के पैरों पर इसी राउंडर से 108 बार मारा गया।

फ़िलहाल, हमले के बाद पीड़ित छात्र का इलाज करवाया गया और अब उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। घटना शुक्रवार (24 नवंबर, 2023) की है। इस घटना की पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई गई है। चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) ने इस पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह घटना इंदौर के एयरोड्रम थानाक्षेत्र की है। पीड़ित छात्र यहाँ के एक प्राइवेट स्कूल में कक्षा 4 में पढ़ता है। पीड़ित के पिता ने बताया कि 24 नवंबर को उनका बेटा हर दिन की तरह स्कूल में पढ़ने गया था। दोपहर 2 बजे के आसपास छात्र के 3 सहपाठियों ने अचानक ही उस पर एकजुट हो कर हमला बोल दिया। हथियार के तौर पर ज्योमिट्री बॉक्स में आने वाले राउंडर का इस्तेमाल किया गया। खासतौर पर पीड़ित छात्र के पैरों को ही निशाना बनाया गया। तीनों हमलावर छात्रों ने पीड़ित पर कुल 108 बार वार किया।

पीड़ित छात्र के पिता ने आगे बताया कि उनके बेटे ने घर आ कर उन्हें सारे मामले की जानकारी दी। वो शिकायत ले कर स्कूल पहुँचे तो वहाँ उनको कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। आरोप है कि स्कूल प्रशासन ने घटना का CCTV फुटेज भी पीड़ित के पिता को नहीं दिखाया। आखिरकार हमले के शिकार हुए छात्र पीड़ित के पिता ने इंदौर के एयरोड्रम थाने में शिकायत दर्ज करवाई। उनका कहना है कि उन्हें अब तक पता ही नहीं चल पाया है कि उनके बेटे पर उसके 3 सहपाठियों ने हमला क्यों किया?

इलाके के ACP विक्रम सिंह चौहान का कहना है कि पीड़ित छात्र का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। पीड़ित और अरोपित सभी छात्र 10 साल से कम उम्र के हैं। बकौल ACP मामले में नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) ने इस मामले की रिपोर्ट तलब की है। कमेटी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इतनी कम उम्र के छात्रों ने इतना हिंसक वर्ताव क्यों किया। कमेटी को इस बात की भी आशंका है कि कहीं हमलावर छात्र हिंसक दृश्यों वाले वीडियो गेम तो नहीं खेलते थे। फ़िलहाल मामले में जाँच जारी है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

क्या भारत की राजनीति पहली बार पूरी तरह ‘हिन्दू-केंद्रित’ हो गई है?

क्या भारत की राजनीति का सबसे बड़ा बदलाव चुनावी नतीजों में नहीं, बल्कि राजनीतिक बहस के केंद्र में हुआ है? PM मोदी मजबूत हों या कमजोर, सत्ता में BJP रहे या विपक्ष आए, क्या हिन्दू पहचान और हिन्दू समाज से जुड़े सवाल अब भारतीय राजनीति के केंद्रीय विमर्श का हिस्सा बन चुके हैं?

कुएँ में कूदने की जगह नहीं बची तो रोने लगीं हिंदू महिलाएँ: जानिए- 1947 में रावलपिंडी के तोहा खालसा में 90 हिंदू-सिख महिलाओं ने...

जानिए 1947 के रावलपिंडी दंगों में तोहा खालसा की 93 हिंदू महिलाओं के कुएँ में एक साथ कूदकर जान देने की दर्दनाक कहानी।
- विज्ञापन -