Friday, February 26, 2021
Home देश-समाज 26/11 में कसाब की गोली खाकर भी जिंदा रह गए थे हरिश्चंद्र, उसे सजा...

26/11 में कसाब की गोली खाकर भी जिंदा रह गए थे हरिश्चंद्र, उसे सजा दिलाने वाले चश्मदीद अब भूखे तड़पने को मजबूर

हरिश्चंद्र ने स्पेशल कोर्ट के सामने अजमल कसाब को पहचाना था और उसके खिलाफ गवाही दी थी। वे कसाब और उसके साथी अबू इस्माइल की गोलियों से घायल भी हुए थे। उन्होंने इस्माइल को अपने ऑफिस बैग से मारा भी था।

26/11 हमले में आतंकी अजमल कसाब की शिनाख्त करने वाले और पूरे मुंबई हमले में कामा अस्पताल के बाहर आतंकियों की दो गोलियाँ पीठ पर खाने वाले हरिश्चंद्र श्रीवर्धनकर को मुंबई के एक इलाके में फुटपाथ पर पड़ा पाया गया। लगभग 60 साल के हरिश्चंद्र, डेन डिसूजा नाम के एक व्यक्ति की ‘साथ रास्ता दुकान’ के पास पड़े मिले। बाद में उनकी जानकारी मिलने पर डिसूजा और उनके दोस्तों ने हरिश्चंद्र को उनके घर पहुँचाने का जिम्मा उठाया।

बताया जा रहा है कि हरिश्चंद्र को उनके घरवालों ने उनके घर से निकाल दिया था और वे कई दिनों से सड़क पर पड़े थे। ऐसे में जब डिसूजा ने उन्हें अपनी दुकान के बाहर देखा तो उनसे बात करने की कोशिश की। लेकिन यहाँ वो कुछ शब्द जैसे ‘हरिश्चंद्र’, ‘बीएमसी’ और ‘महालक्ष्मी’ बोल सके। जब दुकान मालिक ने उन्हें कुछ खाने को दिया, वो उसे खा भी नहीं पाए। ऐसे में जो शब्द उन्होंने मुँह से निकाले उन्होंने उसी के आधार पर उनके परिवार की खोज करनी शुरू की। अंत में जाकर महालक्ष्मी में रहने वाले उनके भाई के बारे में खबर मिली।

आईएमसी केयर नाम की संस्था चलाने वाले डिसूजा के दोस्त टिमोथी गायकवाड़ ने इस संबंध में बताया कि काफी मेहनत के बाद डिसूजा ने हरिश्चंद्र के भाई को खोजा, जो महालक्ष्मी में रहते हैं।

गायकवाड ने कहा कि उन लोगों ने पूरा एक दिन बीएमसी कॉलोनी में उनके भाई को खोजने में लगाया और जब वे मिले तो उन्होंने ही हरिश्चंद्र के बारे में सूचना दी कि वे कल्याण में रहते हैं और ये भी बताया कि उनका 26/11 से क्या संबंध था और किस तरह से उन्होंने कसाब को सजा दिलाने में मदद की

बता दें, हरिश्चंद्र ने स्पेशल कोर्ट के सामने अजमल कसाब को पहचाना था और उसके खिलाफ गवाही दी थी। वे कसाब और उसके साथी अबू इस्माइल की गोलियों से घायल भी हुए थे। उन्होंने इस्माइल को अपने ऑफिस बैग से मारा भी था।

भाई से सूचना एकत्रित करते गायकवाड ने बुजुर्ग के बारे में पता लगाने और उनकी मदद करने के लिए पुलिस की सहायता ली। बाद में अग्रिपाड़ा पुलिस ने महामारी के समय में बुजुर्ग की मदद करने के लिए उनके बेटे को पास जारी किया और 1 मई को वे उन्हें कल्याण लेकर गए।

एनजीओ चलाने वाले गायकवाड कहते हैं कि सबसे दुखद बात ये हैं कि उनका परिवार उनका ख्याल नहीं रखना चाहता। वे हमसे उन्हें आश्रम में भर्ती कराने को बोल रहा था। हम चाहेंगे कि लोग आगे आएँ और इस असाधारण व्यक्ति की मदद करें। उन्होंने एक आतंकवादी को सजा दिलाने में मदद की। उनके सिर पर चोट लगने के बाद से उन्हें बोलने में समस्या है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

2019 से अब तक किया बहुत काम, बंगाल में जीतेंगे 200 से ज्यादा सीटें: BJP नेता कैलाश विजयवर्गीय

कैलाश विजयवर्गीय ने कहा अपनी जीत के प्रति आश्वस्त होते हुए कहा कि लोकसभा चुनावों में भी लोगों को विश्वास नहीं था कि भाजपा इतनी ताकतवर है लेकिन अब शंका दूर हो गई है।

5 राज्यों के विधानसभा चुनावों की तारीखों का हुआ ऐलान, बंगाल में 8 चरणों में होगा मतदान: जानें डिटेल्स

देश के पाँच राज्य केरल, तमिलनाडु, असम, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में कुल मिलाकर इस बार 18 करोड़ मतदाता वोट देंगें।

राजदीप सरदेसाई की ‘चापलूसी’ में लगा इंडिया टुडे, ‘दलाल’ लिखा तो कर दिए जाएँगे ब्लॉक: लोग ले रहे मजे

एक सोशल मीडिया अकॉउटं से जब राजदीप को 'दलाल' लिखा गया तो इंडिया टुडे का आधिकारिक हैंडल बचाव में आया और लोगों को ब्लॉक करने लगा।

10 साल पहले अग्रेसिव लेंडिंग के नाम पर किया गया बैंकिंग सेंक्टर को कमजोर: PM मोदी ने पारदर्शिता को बताया प्राथमिकता

सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास इसका मंत्र फाइनेंशल सेक्टर पर स्पष्ट दिख रहा है। आज गरीब हो, किसान हो, पशुपालक हो, मछुआरे हो, छोटे दुकानदार हो सबके लिए क्रेडिट एक्सेस हो पाया है।

हिन्दुओं के आराध्यों का अपमान बन गया है कमाई का जरिया: तांडव मामले में अपर्णा पुरोहित की अग्रिम जमानत याचिका खारिज

तांडव वेब सीरीज के विवाद के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अमजॉन प्राइम वीडियो की हेड अपर्णा पुरोहित की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है।

मिशनरी स्कूल प्रिंसिपल ने लाइब्रेरियन पर डाला धर्मांतरण का दबाव: लालच देकर सैलरी रोकी फिर गालियाँ देकर नौकरी से निकाला

जब लाइब्रेरियन रूबी सिंह ने स्कूल प्रिंसिपल सिस्टर भाग्या से वेतन की माँग की तो उन्होंने कहा कि धर्म परिवर्तन कर लो, हम तुम्हारा वेतन दे देंगे और उसमें बढ़ोतरी भी कर देंगे।

प्रचलित ख़बरें

आमिर खान की बेटी इरा अपने संघी हिन्दू नौकर के साथ फरार.. अब होगा न्याय: Fact Check से जानिए क्या है हकीकत

सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि आमिर खान की बेटी इरा अपने हिन्दू नौकर के साथ भाग गई हैं। तस्वीर में इरा एक तिलक लगाए हुए युवक के साथ देखी जा सकती हैं।

‘अंकित शर्मा ने किया हिंसक भीड़ का नेतृत्व, ताहिर हुसैन कर रहा था खुद का बचाव’: ‘द लल्लनटॉप’ ने जमकर परोसा प्रोपेगेंडा

हमारे पास अंकित के परिवार के कुछ शब्द हैं, जिन्हें पढ़कर आज लगता है कि उन्हें पहले से पता था कि आखिर में न्याय तो मिलेगा नहीं लेकिन उसके बदले अंकित को दंगाई घोषित जरूर कर दिया जाएगा।

सतीश बनकर हिंदू युवती से शादी कर रहा था 2 बच्चों का बाप टीपू: मंडप पर नहीं बता सका गोत्र, ट्रू कॉलर ने पकड़ाया

ग्रामीणों ने जब सतीश राय बने हुए टीपू सुल्तान से उसके गोत्र के बारे में पूछा तो वह इसका जवाब नहीं दे पाया, चुप रह गया। ट्रू कॉलर ऐप में भी उसका नाम टीपू ही था।

UP पुलिस की गाड़ी में बैठने से साफ मुकर गया हाथरस में दंगे भड़काने की साजिश रचने वाला PFI सदस्य रऊफ शरीफ

PFI मेंबर रऊफ शरीफ ने मेडिकल जाँच कराने के लिए ले जा रही UP STF टीम से उनकी गाड़ी में बैठने से साफ मना कर दिया।

शैतान की आजादी के लिए पड़ोसी के दिल को आलू के साथ पकाया, खिलाने के बाद अंकल-ऑन्टी को भी बेरहमी से मारा

मृत पड़ोसी के दिल को लेकर एंडरसन अपने अंकल के घर गया जहाँ उसने इस दिल को पकाया। फिर अपने अंकल और उनकी पत्नी को इसे सर्व किया।

कला में दक्ष, युद्ध में महान, वीर और वीरांगनाएँ भी: कौन थे सिनौली के वो लोग, वेदों पर आधारित था जिनका साम्राज्य

वो कौन से योद्धा थे तो आज से 5000 वर्ष पूर्व भी उन्नत किस्म के रथों से चलते थे। कला में दक्ष, युद्ध में महान। वीरांगनाएँ पुरुषों से कम नहीं। रीति-रिवाज वैदिक। आइए, रहस्य में गोते लगाएँ।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,062FansLike
81,858FollowersFollow
392,000SubscribersSubscribe