Saturday, July 2, 2022
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आदेश के बावजूद फिर हिजाब में पहुँची मुस्लिम छात्राएँ: मैंगलोर यूनिवर्सिटी कॉलेज ने घर लौटाया, कर्नाटक CM ने कहा- दोबारा विवाद ना पैदा करें

कॉलेज के VC प्रोफेसर सुब्रह्मण्य यदपादित्या ने कहा था, “हमारा कॉलेज शुरू में लड़कियों को यूनिफॉर्म की रंग से मेल खाते हेडस्कार्फ़ को पहनने की अनुमति दी थी, लेकिन कर्नाटक उच्च न्यायालय के आदेश के मद्देनजर सिंडिकेट के सदस्यों के साथ बैठक के बाद निर्णय लिया गया है कि कक्षाओं के अंदर धार्मिक पोशाक की अनुमति नहीं होगी।”

कर्नाटक (Karnataka) में कट्टरपंथियों के हस्तक्षेप के बाद से बुर्का-हिजाब विवाद (Burqa-Hijab Controversy) थमने का नाम नहीं ले रहा है। मैंगलोर यूनिवर्सिटी कॉलेज में यूनिफॉर्म पहनकर ही क्लासरूम में आने वाली एडवाइजरी जारी करने बाद शनिवार (28 मई 2022) को मुस्लिम लड़कियों का एक ग्रुप हिजाब में कॉलेज पहुँचा। उसके बाद उन्हें वापस घर भेज दिया गया। वहीं, राज्य के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई (Basavaraj Bommai) ने कहा कि सभी को हाईकोर्ट और सरकार के आदेशों का पालन करना चाहिए।

दरअसल, मैंगलोर यूनिवर्सिटी कॉलेज का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें कॉलेज की प्राचार्या अनुसुइया राय मुस्लिम लड़कियों को हिजाब उतारकर क्लासरूम में जाने के लिए काउंसलिंग करती नजर आ रही हैं। जब लड़कियों ने बिना हिजाब के क्लासरूम में जाने से इनकार कर दिया, तब कॉलेज प्रशासन ने इन्हें क्लास में शामिल होने की इजाजत नहीं देते हुए घर भेज दिया।

सीएम बोम्मई ने कहा, “फिर से हिजाब विवाद पैदा करने की कोई आवश्यकता नहीं है। अदालत ने अपना आदेश दिया है। सभी को अदालत और सरकार के आदेश का पालन करना होगा। उनमें से अधिकांश, 99.99 प्रतिशत छात्राएँ इसका पालन कर रही हैं। मेरे अनुसार, छात्रों के लिए पढ़ाई महत्वपूर्ण होनी चाहिए।”

कॉलेज के VC प्रोफेसर सुब्रह्मण्य यदपादित्या ने शुक्रवार (27 मई) को कहा था, “हमारा कॉलेज शुरू में लड़कियों को यूनिफॉर्म की रंग से मेल खाते हेडस्कार्फ़ को पहनने की अनुमति दी थी, लेकिन कर्नाटक उच्च न्यायालय के आदेश के मद्देनजर CDC (कॉलेज विकास परिषद) के अध्यक्ष और मैंगलोर दक्षिण निर्वाचन क्षेत्र के विधायक वेदव्यास कामथ और सिंडिकेट के सदस्यों के साथ बैठक के बाद निर्णय लिया गया है कि कक्षाओं के अंदर धार्मिक पोशाक की अनुमति नहीं होगी।”

उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय का आदेश डिग्री कॉलेजों पर लागू होगा या नहीं, इसको लेकर असमंजस की स्थिति थी। राज्य सरकार की एडवाइजरी, उच्च शिक्षा परिषद और कोर्ट के आदेश के मुताबिक सभी कॉलेजों को यूनिफॉर्म का पालन करना होगा। इसके बाद आदेश को वापस ले लिया गया। VC ने कहा कि छात्राएँ कैंपस में हिजाब पहन सकती हैं, लेकिन कक्षा में नहीं।

VC यदपादित्य ने हिजाब पहनने की जिद पर अड़ी मुस्लिम छात्राओं की काउंसलिंग को लेकर कहा, “हमें पता चला है कि लगभग 15 मुस्लिम लड़कियाँ क्लास में हिजाब पहनने को लेकर अड़ी हुई हैं। हम इन लड़कियों को कर्नाटक उच्च न्यायालय के आदेश के संबंध परामर्श देने के तैयार हैं। इसके बाद बाद भी वे नहीं मानती हैं तो उन्हें उन शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश दिलाने में हम मदद करेंगे, जहाँ हिजाब की अनुमति है या जहाँ कोई यूनिफॉर्म नहीं है।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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