Wednesday, July 28, 2021
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मजदूरों ने किया मना तो खुद पाइप साफ करने गटर में उतरे BJP पार्षद मनोहर शेट्टी, तस्वीर देख लोग हुए कायल

"हम गरीब लोगों को गटर में जाकर पाइप साफ करवाने के लिए जबरदस्ती नही कर सकते। अगर कुछ गलत होता है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? बस इसीलिए मैंने ये काम खुद करने का निर्णय लिया। हम हर कार्य के लिए अधिकारियों पर आश्रित नहीं हो सकते।"

मैंगलुरु के स्थानीय भाजपा नेता मनोहर शेट्टी की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उन्हें हर ओर से लगातार सराहा जा रहा है।

इस तस्वीर में कादरी-कंबाला वार्ड के नगरसेवक मनोहर शेट्टी एक गटर (manhole) के भीतर पाइप ठीक करने के लिए जाते दिख रहे हैं। लोगों का इस तस्वीर को देखने के बाद कहना है कि एक जनप्रतिनिधि का ऐसा रूप उन्होंने कभी नहीं देखा।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कूड़े से भर चुके पाइप को साफ करवाने की जुगत मनोहर शेट्टी बहुत बार मजदूरों को बुलाके कर चुके थे। मगर, जान का खतरा होने के कारण मजदूरों ने गटर के भीतर जाने से मना कर दिया। ऐसे में मनोहर शेट्टी ने नाले को साफ करवाने के लिए हाइ स्पीड वाटर जेट के साथ एक गाड़ी को भेजा। लेकिन ये युक्ति भी काम न आ सकी।

ऐसे में भाजपा नेता ने जनसुविधा को ध्यान में रखते हुए खुद नाले में जाकर पाइप को ठीक करने की ठानी। जिसके कारण इलाके की स्थिति खराब हो रही थी। पानी सड़कों पर भर रहा था।

मनोहर शेट्टी ने चार कर्मचारियों के साथ मिलकर इस पाइप को साफ करने का निर्णय लिया। उन्होंने आधा दिन खर्च करके पाइप में चिपका कूड़ा निकाला।

न्यूज 18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक शेट्टी कहते हैं, “हम गरीब लोगों को गटर में जाकर पाइप साफ करवाने के लिए जबरदस्ती नही कर सकते। अगर कुछ गलत होता है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? बस इसीलिए मैंने ये काम खुद करने का निर्णय लिया। हम हर कार्य के लिए अधिकारियों पर आश्रित नहीं हो सकते।”

उल्लेखनीय है कि सोशल मीडिया पर शेट्टी की तस्वीरें आने के बाद उनको लेकर कई तरह की टिप्पणियाँ सामने आई हैं। अधिकांश लोगों ने जहाँ शेट्टी को उनके इस कार्य के लिए सराहा है। वहीं बहुत से वो लोग भी है- जिनका मानना है कि ये सब शेट्टी पब्लिसिटी पाने के लिए किया।

लेकिन शेट्टी ने मीडिया से बातचीत करते हुए इन सवालों पर जवाब दिया। उन्होंने कहा, “ये सब पब्लिसिटी का हिस्सा कतई नहीं है। ये हमारी ड्यूटी है। हम चुने गए प्रतिनिधि है। अगर हम कुछ जल्दी कर सकते हैं। तो हमें उसे जल्दी करना चाहिए।”

शेट्टी इस दौरान ये भी कहते हैं कि अगर उन्हें गटर में दोबारा जाने की आवश्यकता पड़ी तो वो उसमें दोबारा जाएँगे। उनका मानना है कि यदि उनके इलाके में कोई इंसान नगर से जुड़ी परेशानी का सामना कर रहा है। तो यह मेरा कर्तव्य है कि मैं उसकी मदद करूँ।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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