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मथुरा में शाही ईदगाह हटाने की याचिका को कोर्ट ने स्वीकारा, विवादित ढाँचे में लड्डू गोपाल के ‘जलाभिषेक’ पर भी होगी सुनवाई

साल 2020 के सितंबर में मथुरा सिविल कोर्ट ने शाही ईदगाह विवादित ढाँचे हटाने की माँग वाली याचिका को खारिज कर दिया था। इसके बाद ये मामला जिला अदालत पहुँचा। जहाँ सुनवाई के बाद एक याचिका स्वीकारी गई और सुनवाई के लिए मामला सिविल कोर्ट भेजा गया।

मथुरा के शाही ईदगाह विवादित ढाँचे के भीतर लड्डू गोपाल के जलाभिषेक और पूजा का अधिकार माँगने वाली याचिका को स्वीकारे जाने के बाद इस मामले पर कोर्ट ने एक और याचिका को स्वीकार किया है। जानकारी के मुताबिक, गुरुवार (19 मई 2022) को श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह विवादित ढाँचे मामले में मथुरा कोर्ट ने मंदिर के पास बने विवादित ढाँचे को हटाने की माँग वाली याचिका स्वीकार ली।

याचिका लखनऊ निवासी रंजना अग्निहोत्री द्वारा केशव देव मंदिर के लिए दायर की हुई थी। कोर्ट ने इस संबंध में याचिका स्वीकारते हुए कहा कि रंजना की ओर से दायर अपील सुनवाई करने योग्य है। केस भगवान श्रीकृष्ण विराजमान के नाम से दायर है। वकील हरिशंकर जैन ने बताया कि कोर्ट ने उन तमाम याचिकाओं में से एक याचिका को स्वीकारा है जिसमें कहा गया था कि मस्जिद को मंदिर की जमीन पर खड़ा किया गया। अब कोर्ट ने इस मामले को सिविल कोर्ट में सुनवाई के लिए भेजा है।

बता दें कि इससे पहले साल 2020 के सितंबर में मथुरा सिविल कोर्ट ने शाही ईदगाह विवादित ढाँचे को हटाने की माँग वाली याचिका को खारिज कर दिया था। इस याचिका में शाही ईदगाह को हटाने और भगवान श्रीकृष्ण विराजमान को 13.37 एकड़ जमीन हस्तांतरित करने की माँग थी। लेकिन सिविल कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। इसके बाद ये मामला जिला अदालत पहुँचा। जहाँ सुनवाई के बाद एक याचिका स्वीकारी गई।

मालूम हो कि ज्ञानवापी सर्वे के बाद से मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि को लेकर भी कोर्ट में तेजी से याचिकाएँ जा रही है। हाल में श्रीकृष्ण जन्मभूमि- शाही ईदगाह विवाद के संबंध में मनीष यादव नामक व्यक्ति ने याचिका डालकर संदेह जताया था कि कुछ लोग शागी ईदगाह से वो प्रमाण मिटाने की कोशिश कर सकते हैं जो साबित करती है कि वो शादी ईदगाह का भाग हैं।

गौरतलब है कि इससे पहले अखिल भारतीय हिंदू महासभा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष दिनेश कौशिक ने बुधवार को सिविल जज सीनियर डिवीजन मथुरा में एक याचिका दायर कर शाही ईदगाह पर लड्डू गोपाल के जलाभिषेक की अनुमति माँगी थी। अदालत ने उस याचिका को स्वीकार करके अगली सुनवाई के लिए 1 जुलाई की तारीख तय की।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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