Tuesday, September 21, 2021
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नाबालिग छात्रा से रेप कर गर्भवती कर देने वाले केरल के पादरी को पोप फ्रांसिस ने किया बर्खास्त

नाम - रॉबिन वडक्कमचेरी, उम्र - 52 साल, पेशा - कैथोलिक पादरी। काम - नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण करना, रेप करना, उन्हें गर्भवती कर देना।

केरल के 52 वर्षीय कैथोलिक पादरी रॉबिन वडक्कमचेरी (Robin Vadakkumchery) को वेटिकन चर्च ने बर्खास्‍त कर दिया है। यह पादरी नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण का दोषी है। न्यूज़ एजेंसी आइएएनएस की रिपोर्ट के अनुसार, पोप फ्रांसिस ने पादरी रॉबिन वडक्कमचेरी के अपराधों की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए जीरो टॉलरेंस की नीति के मुताबिक यह कार्रवाई की।

ज्ञातव्य है कि रोबिन वडक्कुमचेरी को नाबालिग लड़कियों के साथ दुष्कर्म और यौन उत्पीड़न के तीन अलग-अलग मामलों में 20 सालों की कैद की सजा सुनाई जा चुकी है। ‘द मंथावडी (वायनाड जिले में) डायोसिस के अधिकारियों ने प्रेस को बताया कि वेटिकन ने यह कदम इस संदर्भ में निर्धारित पूरी प्रक्रिया के अनुसार उठा, रॉबिन वडक्कमचेरी (Robin Vadakkumchery) को पुरोहिती यानी सभी प्रार्थना कर्तव्यों और अधिकारों से बर्खास्‍त करने का फैसला किया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार चर्च के अधिकारियों के हवाले से बताया जा रहा कि पोप ने यह निर्णय पिछले साल पांच दिसंबर को ही ले लिया था लेकिन फैसले के कागजात अब जाकर जेल में बंद पादरी को सौंपे गए हैं। यह पादरी वडक्कमचेरी कन्नूर में चर्च के अधीन चलने वाले उस स्कूल का मैनेजर भी था, जिस स्कूल में 11वीं क्‍लास की पी‍ड़‍ित छात्रा पढ़ती थी।

इस पादरी को 27 फरवरी, 2017 की रात को कोच्चि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास से उस समय गिरफ्तार किया गया था, जब वह देश छोड़ने की जुगत में था।

स्कूली बच्चों के बीच काम करने वाली एक चाइल्ड लाइन एजेंसी (Child Line agency) ने पादरी के खिलाफ शिकायत दर्ज की थी। यह पूरा मामला तब सामने आया जब साल 2017 में सात फरवरी को चर्च द्वारा संचालित अस्पताल में इस रेप पीड़‍िता किशोरी ने बच्चे को जन्म दिया था, जिसके बाद पादरी पर कार्रवाई को लेकर दबाव बढ़ गया था। हालाँकि, उसने बचने की काफी कोशिशें की।

सोचिए कि पादरी ने खुद को इस मामले में बचाने के लिए किस कदर ‘कोशिश’ की होगी कि पीड़ित छात्रा के पिता ने ही खुद रेपिस्ट होने की बात पुलिस के सामने कबूल कर ली थी। हालाँकि बाद में वो सुनवाई के दौरान टूट गया, जिसके बाद इस पादरी का डीएनए टेस्ट करवाया गया, जो पीड़िता के बच्चे से मैच कर गया। इस साक्ष्य के आधार पर अदालत ने पादरी को नाबालिग के साथ रेप का दोषी करार दिया था।

पादरी को पिछले साल फरवरी में दोषी ठहराया गया था। पॉक्सो अधिनियम के तहत मुकदमा चलाया गया था। फि‍लहाल, सिरो-मालाबार चर्च का पूर्व पादरी रॉबिन मंथावडी में जेल की सजा काट रहा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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