Sunday, May 9, 2021
Home देश-समाज दो बेटों की मौत के बाद पोती को पढ़ाने के लिए दादा ने बेच...

दो बेटों की मौत के बाद पोती को पढ़ाने के लिए दादा ने बेच दिया घर, ऑटो रिक्शा बनी लाइफ-लाइन: मदद को आगे आए लोग

“ज्यादातर दिन हमारे पास खाने के लिए मुश्किल से ही कुछ होता है। एक बार जब मेरी पत्नी बीमार हो गई, तो मुझे उसकी दवाएँ खरीदने के लिए घर-घर जाकर भीख माँगनी पड़ी। लेकिन पिछले साल जब मेरी पोती ने मुझे बताया कि उसकी 12वीं बोर्ड में 80% अंक आए हैं, तो मैं उस दिन खुशी से आसमान में उड़ने लगा, पूरे दिन मैंने अपने ग्राहकों को मुफ्त सवारी दी।”

मुंबई में एक ऑटो ड्राइवर की दिल को छू जाने वाली कहानी सामने आई है। एक ऑटो ड्राइवर ने अपनी पोती को पढ़ाने के लिए अपना घर तक बेच दिया। दो बेटे की मौत के बाद उसके बच्चों और पत्नी की जिम्मेदारी सँभाल रहे बुजुर्ग देसराज जी-तोड़ मेहनत कर रहे हैं। ‘ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे’ ने अपने फेसबुक वॉल पर देसराज की कहानी को साझा किया है और बताया कि उन्हें अपनी पोती को पढ़ाने के लिए क्या-क्या संघर्ष करने पड़े हैं। 

ऑटो ड्राइवर देसराज ने ‘ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे’ को दिए इंटरव्यू में बताया, “6 साल पहले मेरा बड़ा बेटा घर से गायब हो गया। वह हर दिन जैसे काम के लिए जाता था, वैसे ही उस दिन भी गया, मगर कभी लौटा नहीं है। एक सप्ताह बाद लोगों को उसकी डेडबॉडी ऑटो में मिली। उसकी मौत के साथ कुछ हद तक मैं भी मर ही गया था, मगर जिम्मेदारियों की भार की वजह से मुझे शोक का भी समय नहीं मिला और अगले दिन ही मैं ऑटो चलाने सड़क पर निकल गया।”

उन्होंने आगे कहा, “मगर दो साल बाद एक और दुख का पहाड़ टूटा और मैंने अपना दूसरा बेटा भी खो दिया। जब मैं ऑटो चला रहा था, तभी एक कॉल आई- ‘आपके बेटे का शव प्लेटफॉर्म पर मिला है, सुसाइड कर लिया है उसने।’ दो बेटों की चिताओं को आग दिया है मैंने, इससे बुरी बात एक बाप के लिए और क्या हो सकती है? अब मेरे पास बहुओं और चार बच्चों की जिम्मेदारी है, जिसकी वजह से मैं अभी भी काम कर रहा हूँ। दाह संस्कार के बाद मेरी पोती, जो उस वक्त 9वीं कक्षा में थी, मुझसे पूछा- दादाजी, क्या मैं स्कूल छोड़ दूँगी?’ मैंने अपनी सारी हिम्मत जुटाई और उसे आश्वस्त किया, कभी नहीं! आप जितना चाहें पढ़ाई करें।”

पढ़ाई के लिए और पैसे कमाने के लिए उन्होंने देर तक काम करना शुरू कर दिया। सुबह 6 बजे घर से निकलने वाले देसराज आधी रात के बाद ही घर वापस आ पाते हैं। महीने के 10 हजार रुपए कमाने वाले देसराज 6 हजार रुपए अपने पोते-पोतियों के स्कूल पर खर्च करते हैं और 4 हजार में 7 लोगों के परिवार का गुजारा करते हैं।

दिल्ली के स्कूल में दाखिला कराने के लिए बेच दिया घर

उन्होंने कहा, “ज्यादातर दिन हमारे पास खाने के लिए मुश्किल से ही कुछ होता है। एक बार जब मेरी पत्नी बीमार हो गई, तो मुझे उसकी दवाएँ खरीदने के लिए घर-घर जाकर भीख माँगनी पड़ी। लेकिन पिछले साल जब मेरी पोती ने मुझे बताया कि उसकी 12वीं बोर्ड में 80% अंक आए हैं, तो मैं उस दिन खुशी से आसमान में उड़ने लगा, पूरे दिन मैंने अपने सभी ग्राहकों को मुफ्त सवारी दी।”

इसके बाद जब उनकी पोती ने कहा कि वह बी.एड कोर्स के लिए दिल्ली जाना चाहती है। तो देसराज के सामने एक बार फिर से बड़ी समस्या खड़ी हो गई। देसराज को पता था कि वह इतने पैसे नहीं जुटा पाएँगे। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने अपने घर को बेच दिया और पोती को दिल्ली के स्कूल में दाखिला करवा दिया। इसके बाद देसराज ने अपनी पत्नी, पुत्रवधू और अन्य पोते को उनके गाँव में एक रिश्तेदार के घर भेज दिया। खुद मुंबई में अपना ऑटो चलाते हैं। अब ये ऑटो ही उनका घर है। 

मदद के लिए लोग आए आगे

अपने जीवन के अनुभव को साझा करते हुए देसराज ने कहा, “अब एक साल हो गया है और ईमानदारी से कहूँ तो जीवन खराब नहीं है। मैं अपने ऑटो में खाता हूँ और सोता हूँ और दिन के दौरान मैं अपने यात्रियों को बैठाता हूँ। बस बैठे-बैठे कभी पैर में दर्द हो जाता है। मगर मेरी पोती मुझे फोन करती है और मुझे बताती है कि वह अपनी कक्षा में प्रथम आई है तो और मेरा सारा दर्द मिट जाता है। मैं उसके शिक्षक बनने की प्रतीक्षा कर रहा हूँ, ताकि मैं उसे गले लगा सकूँ और कह सकूँ, ‘तुमने मुझे गौरवान्वित किया है।’ जिस दिन मेरी पोती टीचर बनेगी, मैं तो पूरे हफ्ते सबको फ्री राइड दूँगा। वह हमारे परिवार में पहली ग्रेजुएट बनने जा रही है।” देसराज की ये दिल को छू जाने वाली सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। लोग उनकी मदद के लिए आगे आए हैं।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

हेमंत बिस्वा सरमा: असम के मुख्यमंत्री, सर्वानंद सोनोवाल ने दिया इस्तीफा

असम चुनाव के बाद प्रदेश में नए सीएम की तलाश अब खत्म हो गई है। हेमंत बिस्वा सरमा प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री होंगे।

हिंदू त्योहार ‘पाप’, हमारी गलियों से नहीं निकलने दें जुलूस: मुस्लिम बहुल इलाके की याचिका, मद्रास HC का सॉलिड जवाब

मद्रास हाई कोर्ट ने धार्मिक असहिष्णुता को देश के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने के लिए खतरनाक बताया। कोर्ट ने कहा कि त्योहारों के आयोजन...

गाजीपुर में हटाए गए 2 डॉक्टर: ऑक्सीजन पर कंफ्यूजन से मरीज और उनके परिवार वालों को कर रहे थे परेशान

ऑक्सीजन पर ढुलमुल रवैये के कारण उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में 2 डॉक्टरों को हटा दिया गया। एक्शन लिया है वहाँ के DM मंगला प्रसाद ने।

‘खान मार्केट के दोस्तों को 1-1 ऑक्सीजन कंसेन्ट्रेटर, मुझ पर बहुत अधिक दबाव है’ – नवनीत कालरा का वायरल ऑडियो

कोरोना वायरस के कहर के बीच दिल्ली में ऑक्सीजन कंसेन्ट्रेटर्स की कालाबाजारी हो रही है। इस बीच पुलिस के हाथ बिजनेसमैन नवनीत कालरा की ऑडियो...

मुरादाबाद और बरेली में दौरे पर थे सीएम योगी: अचानक गाँव में Covid संक्रमितों के पहुँचे घर, पूछा- दवा मिली क्या?

सीएम आदित्यनाथ अचानक ही गाँव के दौरे पर निकल पड़े और होम आइसोलेशन में रह रहे Covid-19 संक्रमित मरीजों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। उनके इस अप्रत्याशित निर्णय का अंदाजा उनके अधिकारियों को भी नहीं था।

‘2015 से ही कोरोना वायरस को हथियार बनाना चाहता था चीन’, चीनी रिसर्च पेपर के हवाले से ‘द वीकेंड’ ने किया खुलासा: रिपोर्ट

इस रिसर्च पेपर के 18 राइटर्स में पीएलए से जुड़े वैज्ञानिक और हथियार विशेषज्ञ शामिल हैं। मैग्जीन ने 6 साल पहले 2015 के चीनी वैज्ञानिकों के रिसर्च पेपर के जरिए दावा किया है कि SARS कोरोना वायरस के जरिए चीन दुनिया के खिलाफ जैविक हथियार बना रहा था।

प्रचलित ख़बरें

रमजान का आखिरी जुमा: मस्जिद में यहूदियों का विरोध कर रहे हजारों नमाजियों पर इजरायल का हमला, 205 रोजेदार घायल

इजरायल की पुलिस ने पूर्वी जेरुसलम स्थित अल-अक़्सा मस्जिद में भीड़ जुटा कर नमाज पढ़ रहे मुस्लिमों पर हमला किया, जिसमें 205 रोजेदार घायल हो गए।

‘मेरी बहू क्रिकेटर इरफान पठान के साथ चालू है’ – चचेरी बहन के साथ नाजायज संबंध पर बुजुर्ग दंपत्ति का Video वायरल

बुजुर्ग ने पूर्व क्रिकेटर पर आरोप लगाते हुए कहा, “इरफान पठान बड़े अधिकारियों से दबाव डलवाता है। हम सुसाइड करना चाहते हैं।”

एक जनाजा, 150 लोग और 21 दिन में 21 मौतें: राजस्थान के इस गाँव में सबसे कम टीकाकरण, अब मौत का तांडव

राजस्थान के सीकर स्थित खीरवा गाँव में मोहम्मद अजीज नामक एक व्यक्ति के जनाजे में लापरवाही के कारण अब तक 21 लोगों की जान जा चुकी है।

रेप होते समय हिंदू बच्ची कलमा पढ़ के मुस्लिम बन गई, अब नहीं जा सकती काफिर माँ-बाप के पास: पाकिस्तान से वीडियो वायरल

पाकिस्तान में नाबालिग हिंदू लड़की को इ्स्लामी कट्टरपंथियों ने किडनैप कर 4 दिन तक उसके साथ गैंगरेप किया और उसका जबरन धर्मान्तरण कराया।

पुलिस गई थी लॉकडाउन का पालन कराने, महाराष्ट्र में जुबैर होटल के स्टाफ सहित सैकड़ों ने दौड़ा-दौड़ा कर मारा

महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के संगमनेर में 100 से 150 लोगों की भीड़ पुलिस अधिकारी को दौड़ा कर उन्हें ईंटों से मारती और पीटती दिखाई दे रही है।

इरफान पठान के नाजायज संबंध: जिस दंपत्ति ने लगाया बहू के साथ चालू होने का आरोप, उसी पर FIR

बुजुर्ग ने पूर्व क्रिकेटर पर आरोप लगाते हुए कहा, “इरफान पठान बड़े अधिकारियों से दबाव डलवाता है। आज हमारी ऐसी हालत आ गई कि हम सुसाइड करना चाहते हैं।”
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,388FansLike
91,063FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe