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उत्तर प्रदेश: मदरसों में अब पढ़ाई से पहले राष्ट्रगान, 6 साल में 80 फीसदी घट गए बच्चे

राज्य के मदरसों में छात्र तेजी से घट रहे हैं। इसके मुताबिक साल 2016 में 4 लाख 22 हजार 627 छात्र-छात्राओं ने मदरसे के सेकेंड्री तथा सीनियर सेकेंड्री क्लास में दाखिला लिया था। 2021 में यह संख्या सिर्फ 92 हजार रहा।

उत्तर प्रदेश के मदरसों में अब क्लास शुरू होने से पहले राष्ट्रगान गान होगा। यह फैसला ऐसे वक्त में लिया गया है जब पिछले दिनों राज्य में मदरसा जाने वाले छात्रों की संख्या में तेजी से कमी आने की बात सामने आई थी। उत्‍तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद की गुरुवार (24 मार्च 2022) को हुई बैठक में तय किया गया कि सभी अनुदानित और गैर अनुदानित मदरसों में नए सत्र से क्लास शुरू होने से पहले छात्रों को राष्‍ट्रगान गाना होगा।

इसके अलावा मदरसा शिक्षकों की बॉयोमेट्रिक हाजिरी और नए सत्र से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा शुरू करने का भी फैसला किया गया। बैठक मदरसा बोर्ड के अध्‍यक्ष इफ्तिखार अहमद जावेद की अध्‍यक्षता में हुई। मदरसा बोर्ड अब परीक्षा भी बेसिक शिक्षा परिषद की तर्ज पर ही लेगा। अब क्लास 1 से 8 तक मदरसे में छात्रों को मज़हबी शिक्षा के साथ-साथ हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान के भी प्रश्न-पत्र होंगे। साथ ही मदरसे में शिक्षकों की भर्ती MTET के आधार पर होगी। यह TET के पैटर्न जैसा ही होगा।

इससे पहले मीडिया रिपोर्टों में बताया गया था कि राज्य के मदरसों में छात्र तेजी से घट रहे हैं। छह साल में करीब 80 फीसदी की कमी दर्ज की गई है। इसके मुताबिक साल 2016 में 4 लाख 22 हजार 627 छात्र-छात्राओं ने मदरसे के सेकेंड्री तथा सीनियर सेकेंड्री क्लास में दाखिला लिया था। 2021 में यह संख्या सिर्फ 92 हजार रहा। यानी, छह साल के भीतर मदरसा जाने वाले की संख्या में 3 लाख से ज्यादा की कमी आई है।

मदरसा शिक्षा परिषद के चेयरमैन डॉ. इफ्तेखार जावेद के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया था कि उत्तर प्रदेश के मदरसों में पढ़ाई करने वाले छात्रों को नौकरी आसानी से नहीं मिल पाती इसलिए छात्रों की संख्या में कमी आ रही है। जावेद ने उस समय कहा था कि मदरसों की शिक्षा को रोजगारपरक बनाना उनकी प्राथमिकता है। बोर्ड की बैठक में इस संबंध में आवश्यक फैसले लिए जाएँगे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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