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उमेश कोल्हे की हत्या के बाद मौलवी मुशफीक और अरबाज ने की थी बिरयानी पार्टी, कई और लोग थे भी शामिल: NIA बोली- पहचान का काम जारी

उदयपुर के दर्जी कन्हैया लाल के बच्चों ने उनके मोबाइल से नूपुर शर्मा का समर्थन कर दिया था। इसके बाद उनके दुकान में ग्राहक बनकर घुसे दो मुस्लिमों ने गला काटकर उनकी निर्मम हत्या कर दी थी। इस मामले की जाँच भी NIA कर रही है।

महाराष्ट्र के अमरावती (Amaravati, Maharashtra) में हुए उमेश कोल्हे की हत्या में राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने कोर्ट में बड़ा खुलासा किया है। एजेंसी ने शुक्रवार (5 अगस्त 2022) को कोर्ट में बताया कि गिरफ्तार मौलवी मुशफीक अहमद (41) और अब्दुल अरबाज (23) ने उमेश कोल्हे को मौत के घाट उतारने के के बाद जश्न मनाने के लिए बिरयानी पार्टी का आयोजन किया था।

जाँच एजेंसी ने कहा कि इस बिरयानी पार्टी में और भी कई लोगों को बुलाया गया था। इस बारे में कोर्ट को सूचित करते हुए NIA ने कहा कि अब उसे यह पता लगाना है कि इस डिनर पार्टी में कौन-कौन लोग शामिल थे।

बता दें कि उमेश कोल्हे हत्याकांड में NIA ने बुधवार (3 अगस्त 2022) को दो और आरोपितों को गिरफ्तार किया, जिनके नाम मौलवी मुशफीक अहमद और अब्दुल अरबाज है। आरोपितों की ओर से कोर्ट में वकील अली काशिफ खान देशमुख ने अपनी दलीलें पेश कीं। दोनों पक्षों को सुनने के बाद जज ने दोनों आरोपितों को 12 अगस्त तक के लिए NIA की हिरासत में भेज दिया। 

NIA के मुताबिक, अहमद ने आरोपितों को लॉजिस्टिकल सपोर्ट दिया था। अरबाज ने उमेश कोल्हे और उनकी दुकान पर नजर रखी थी। जाँच एजेंसी ने अदालत को यह भी बताया कि दोनों ने उमेश की हत्या के बाद अन्य आरोपितों को फरार रहने में भी मदद की थी। 

मुशफीक ने हत्या के बाद शेख इरफान से फोन पर बात की थी। वहीं, अब्दुल मास्टरमाइंड इरफान के ऑर्गनाइजेशन में ड्राइवर का काम कर रहा था। इरफान एक स्वयंसेवी संगठन (NGO) चलाता था, जिसका नाम रहबर हेल्पलाइन था।

NIA ने बताया कि अन्य आरोपों के अलावा, दोनों पर आरोपितों को पनाह देने के लिए गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है।

नूपूर के समर्थन में पोस्ट डालने पर हुई थी हत्या

पैगंबर मोहम्मद के बारे में विवादास्पद टिप्पणी को लेकर भाजपा की निलंबित नेता नुपुर शर्मा का समर्थन करने वाला एक पोस्ट साझा करने पर कोल्हे की 21 जून को अमरावती शहर में हत्या कर दी गई थी।

इस मामले में अब तक नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया था। अरबाज और मुशफीक पहले गिरफ्तार किए गए आरोपितों- इरफान शेख, शोएब खान, मुदस्सिर अहमद, शाहरुख पठान, अब्दुल तौफुक, आतिफ राशिद और यूसुफ खान के सहयोगी हैं।

उदयपुर में कन्हैया लाल की हुई थी गला काटकर हत्या

इसी तरह नूपुर शर्मा का पैगंबर मोहम्मद के बारे में की गई टिप्पणी के मामले में उदयपुर के दर्जी कन्हैया लाल के बच्चों ने उनके मोबाइल से समर्थन कर दिया था। इसके बाद उनके दुकान में ग्राहक बनकर घुसे दो मुस्लिमों ने गला काटकर उनकी निर्मम हत्या कर दी थी। इस मामले की जाँच भी NIA कर रही है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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