Homeदेश-समाजअगर मुझे भारत को सौंपा गया, तो मैं आत्महत्या कर लूँगा: नीरव मोदी

अगर मुझे भारत को सौंपा गया, तो मैं आत्महत्या कर लूँगा: नीरव मोदी

अपनी पिछली पेशी की तुलना में नीरव इस दौरान अधिक तंदुरस्त दिखे। जबकि नीरव ने अपनी नई याचिका में बेचैनी और अवसाद की समस्या से घिरे होने का दावा किया था.....

पंजाब नेशनल बैंक (PNB) धोखाधड़ी मामले का मुख्य आरोपित और भगोड़ा घोषित हो चुके हीरा कारोबारी नीरव मोदी की ज़मानत याचिका एक बार फिर यूके कोर्ट में ख़ारिज हो गई है। सुनवाई के दौरान नीरव मोदी ने आपा खो दिया और गुस्से मेंं धमकी भरे लफ़्ज़ों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि अगर उन्हें भारत को प्रत्यर्पित किया गया तो वो आत्महत्या कर लेगा। सुनवाई के दौरान नीरव मोदी ने यह भी कहा कि उन्हें तीन बार जेल में पीटा भी गया है। हालाँकि, कोर्ट में उनकी किसी बात का कोई प्रभाव नहीं पड़ा और उनकी ज़मानत याचिका ख़ारिज कर दी गई।

नीरव मोदी के वकील हुय्गो कीथ ने कोर्ट को बताया कि नीरव मोदी को जेल में सबसे पहले अप्रैल में पीटा गया। अभी ताज़ा मामला पाँच नवंबर का है जब दो क़ैदी उनके कमरे में आ गए और उनके साथ मारपीट करने लगे। 

दरअसल, नीरव मोदी PNB से जुड़े दो अरब के धोखाधड़ी और धनशोधन मामले में भारत को प्रत्यर्पित किए जाने के ख़िलाफ़ केस लड़ रहे हैं। नीरव को लंदन में वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट की कोर्ट के समक्ष पेश किया गया था, जहाँ उनके ख़िलाफ़ अगले साल मई में मुक़दमें की सुनवाई शुरू होगी। नीरव मोदी ने इससे पहले ज़मानत पाने की कोशिश की। इस तरह 13000 करोड़ रुपए के धोखाधड़ी मामले के आरोपित नीरव मोदी की ज़मानत याचिका पाँचवी बार भी ख़ारिज हो गई। फ़िलहाल वो लंदन की सबसे भीड़भाड़ वाली जेलों में से एक दक्षिण-पश्चिम लंदन के वैंड्सवर्थ जेल में बंद है।

ख़बर के अनुसार, नीरव मोदी ने मुचलके के तौर पर 40 लाख पाउंड भुगतान करने की पेशकश की थी, लेकिन न्यायाधीश एम्मा अर्बथनॉट ने उसकी ज़मानत याचिका ख़ारिज कर दी। ख़बर है कि अपनी पिछली पेशी की तुलना में नीरव इस दौरान अधिक तंदुरस्त दिखे। जबकि नीरव ने अपनी नई याचिका में बेचैनी और अवसाद की समस्या से घिरे होने का दावा किया। दरअसल, भारत सरकार के अनुरोध पर स्कॉटलैंड यार्ड (लंदन पुलिस) ने प्रत्यर्पण वारंट की तामील करते हुए उसे गिरफ़्तार किया था।

ग़ौरतलब है कि पंजाब नेशनल बेंक ने साल 2018 में नीरव मोदी और उसके रिश्तेदार मेहुल चौकसी के नेतृत्व वाले ज्वैलरी ग्रुपों पर फ़र्ज़ी गारंटी के माध्यम से क़र्ज़ लेने और धोखाधड़ी करने के आरोप लगाए थे। लेकिन ये आरोप सामने आने से पहले ही दोनों चोरी से भारत छोड़कर चले गए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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