Thursday, June 13, 2024
Homeदेश-समाजसड़क पर अर्जुन अवॉर्ड और खेल रत्न छोड़ कर भागीं विनेश फोगाट, जीजा बजरंग...

सड़क पर अर्जुन अवॉर्ड और खेल रत्न छोड़ कर भागीं विनेश फोगाट, जीजा बजरंग की तरह ही किया ड्रामा

खास बात ये है कि विनेश फोगाट जिस समय अवॉर्ड वापसी कर रही थी, उस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली में ही नहीं थे, बल्कि वो अयोध्या में अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट का लोकार्पण कर रहे थे।

कुश्ती संघ विवाद के बीच दिग्गज पहलवान विनेश फोगाट ने शनिवार (30 दिसंबर, 2023) को अपना खेल रत्न और अर्जुन पुरस्कार वापस कर दिया। वो पीएम मोदी से मिलने जा रही थी, लेकिन सुरक्षा बलों ने उन्हें रोक लिया, जिसके बाद उन्होंने अपने अवॉर्ड कर्तव्य पथ पर ही जमीन पर रख दिए और वापस चली आई। इस घटनाक्रम का वीडियो बजरंग पूनिया से शेयर किया। खुद बजरंग पूनिया भी कुछ दिन पहले इसी तरह से सड़क पर अपना अवॉर्ड रख कर वापस आ चुके हैं।

विनेश फोगाट ने 26 नवंबर, 2023 को पुरस्कारों को लौटाने का ऐलान किया था। इसी कड़ी में आज विनेश फोगाट प्रधानमंत्री कार्यालय के बाहर पहुँचीं और कर्तव्य पथ पर अपना खेल रत्न और अर्जुन पुरस्कार रख दिया। उन्होंने कहा कि वह इन पुरस्कारों को ऐसे लोगों के हाथों में नहीं रख सकतीं जो महिला पहलवानों के साथ अन्याय कर रहे हैं।

खास बात ये है कि विनेश फोगाट जिस समय अवॉर्ड वापसी कर रही थी, उस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली में ही नहीं थे, बल्कि वो अयोध्या में अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट का लोकार्पण कर रहे थे।

इस का वीडियो बजरंग पूनिया ने शेयर किया। बजरंग पूनिया ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “यह दिन किसी खिलाड़ी के जीवन में न आए। देश की महिला पहलवान सबसे बुरे दौर से गुजर रही हैं।”

बता दें कि विनेश फोगाट को साल 2016 में अर्जुन अवाॅर्ड और साल 2020 में मेजर ध्यानचंद खेल रत्न अवाॅर्ड से सम्मानित किया गया था। विनेश फोगाट ने विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जबकि एशियाई और राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता है।

बता दें कि विनेश फोगाट से पहले रेसलर बजरंग पुनिया ने अवॉर्ड लौटा दिया था। बजरंग पुनिया भी कर्तव्य पथ पर अवॉर्ड रखकर वापस लौट गए थे, उन्हें भी पुलिस ने रोक दिया था। बजरंग पुनिया और विनेश फोगाट के अलावा पैरा एथलीट वीरेंद्र सिंह भी अवॉर्ड लौटाने की घोषणा कर चुके हैं।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

शादीशुदा महिला ने ‘यादव’ बता गैर-मर्द से 5 साल तक बनाए शारीरिक संबंध, फिर SC/ST एक्ट और रेप का किया केस: हाई कोर्ट ने...

इलाहाबाद हाई कोर्ट में जस्टिस राहुल चतुर्वेदी और जस्टिस नंद प्रभा शुक्ला की बेंच ने इस मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि सबूत पेश करने की जिम्मेदारी सिर्फ आरोपित का ही नहीं है, बल्कि शिकायतकर्ता का भी है।

नेता खाएँ मलाई इसलिए कॉन्ग्रेस के साथ AAP, पानी के लिए तरसते आम आदमी को दोनों ने दिखाया ठेंगा: दिल्ली जल संकट में हिमाचल...

दिल्ली सरकार ने कहा है कि टैंकर माफिया तो यमुना के उस पार यानी हरियाणा से ऑपरेट करते हैं, वो दिल्ली सरकार का इलाका ही नहीं है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -