Homeदेश-समाजहरियाणा पुलिस की 10 टीम, 30 जगहों पर दबिश: पकड़ा गया नूँह में DSP को...

हरियाणा पुलिस की 10 टीम, 30 जगहों पर दबिश: पकड़ा गया नूँह में DSP को डंपर से कुचलने वाला शब्बीर, बार-बार बदल रहा था ठिकाने

शब्बीर की गिरफ़्तारी भरतपुर जिले के गाँव गंगोरा से हुई। उसका साथी इकरार वारदात के कुछ घंटों बाद ही पकड़ा गया था।

हरियाणा में पत्थर भरे डंपर से कुचल कर DSP सुरेंद्र सिंह बिश्नोई की हत्या करने के मामले का मुख्य आरोपित शब्बीर पकड़ा गया है। DSP की हत्या 19 जुलाई 2022 को मेवात के नूँह में की गई थी, जो इस्लामी कट्टरवाद और रोहिंग्या बस्तियों के लिए कुख्यात रहा है।

डंपर ड्राइवर शब्बीर उर्फ़ पित्तर को पुलिस ने 20 जुलाई 2022 (बुधवार) को राजस्थान के भरतपुर से पकड़ा। मुठभेड़ में उसको गोली लगी है। पुलिस ने शब्बीर की तलाश में 30 से अधिक स्थानों पर छापेमारी की थी। शब्बीर के साथी इकरार को घटना के कुछ घंटों बाद ही पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शब्बीर की गिरफ़्तारी भरतपुर जिले के गाँव गंगोरा से हुई। उसको पकड़ने के लिए पुलिस की 10 टीमें लगातार छापेमारी कर रही थी।

नूँह के SP वरुण सिंगला के मुताबिक, “शब्बीर का कस्टडी रिमांड हासिल करने के बाद पुलिस उससे उसके सहयोगियों के बारे में सवाल-जवाब करेगी। उसके फरार होने और छिपने में साथ देने वालों पर भी कानून का शिकंजा कसा जाएगा। फरारी के दौरान शब्बीर लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था, जिसके चलते उसकी गिरफ्तारी में समय लगी।”

मौत की होगी न्यायिक जाँच

DSP तावडू सुरेंद्र सिंह की हत्या के बाद हरियाणा के गृहमंत्री अनिज विज ने मेवात क्षेत्र में सक्रिय खनन माफियाओं की न्यायिक जाँच करवाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा, “हरियाणा सरकार ने DSP की मौत की न्यायिक जाँच करवाने का निर्णय लिया है। इस जाँच में क्षेत्र में होने वाले अवैध खनन की गहनता से जाँच की जाएगी।”

मेवात में पहले भी हुए हैं पुलिस पर हमले

DSP सुरेंद्र सिंह की हत्या से पहले भी मेवात क्षेत्र में पुलिस पर हमले हो चुके हैं। जून 2021 में जुनैद नाम के आरोपित की कस्टडी में मौत के बाद मेवात में भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया था। इस हमले में पुलिस वाहन में आग लगा दी गई थी। एक अन्य मामले में जनवरी 2022 को ATM लुटरे तस्लीम को पकड़ने गई गुरुग्राम पुलिस पर मेवात में हमला हुआ था, जिसमें महिला पुलिसकर्मी की वर्दी फाड़ दी गई थी। इसी साल फरवरी 2022 में गौ तस्करों को पकड़ने गई मध्य प्रदेश पुलिस टीम पर पलवल के अंदरौला गाँव में हमला हुआ था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -