Saturday, July 31, 2021
Homeदेश-समाजपाकिस्तानी हिंदू रिफ्यूजी महिलाएँ बना रही हैं भारतीय सेना के लिए 'आत्मनिर्भर राखियाँ'

पाकिस्तानी हिंदू रिफ्यूजी महिलाएँ बना रही हैं भारतीय सेना के लिए ‘आत्मनिर्भर राखियाँ’

इन राखियों की पैकेजिंग पर सबसे ख़ास बात 'आत्मनिर्भर भारत' का स्टीकर है। इन राखियों के जरिए एक ओर जहाँ ये पाकिस्तानी शरणार्थी भारतीय सेना को अपना आभार प्रकट कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ये उन्हें आजीविका का साधन भी उपलब्ध करा रहा है।

इस साल रक्षाबंधन का त्योहार 03 अगस्त को मनाया जाएगा। इसके लिए सभी लोग अपने-अपने सुविधानुसार तैयारियों में लगे हैं। इन्हीं में से दिल्ली स्थित मजनू-का-टीला में रहने वाली पाकिस्तानी हिन्दू शरणार्थी भी हैं, जो सीमा पर तैनात सेना के जवानों के लिए राखियाँ बना रही हैं। ज्ञात हो कि पाकिस्तान के सिंध प्रांत के लगभग 120 हिंदू शरणार्थी परिवार मजनू का टीला गुरुद्वारे के पास बाढ़ के मैदान में रह रहे हैं।

इन राखियों की पैकेजिंग पर सबसे ख़ास बात ‘आत्मनिर्भर भारत’ का स्टीकर है। इन राखियों के जरिए एक ओर जहाँ ये पाकिस्तानी शरणार्थी भारतीय सेना को अपना आभार प्रकट कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ये उन्हें आजीविका का साधन भी उपलब्ध करा रहा है।

RSS की ‘सेवा भारती संस्था’ ने दिल्ली स्थित मजनू-का-टीला में रहने वाली पाकिस्तान की महिला शरणार्थियों की सहायता की, ताकि वे राखी बनाकर अपनी आजीविका कमा सकें। इन्हीं शरणार्थियों में से एक, रानी ने कहा, “हम अपने भाइयों के लिए राखी बना रहे हैं, जो सीमाओं पर हमारे लिए लड़ रहे हैं। हम उन्हें धन्यवाद देना चाहते हैं, हमारा आशीर्वाद उनके साथ है।”

इंडिया टीवी की एक रिपोर्ट में इन्हीं में से एक महिला का कहना है कि सीमा पर हम लोगों के लिए जो अपनी जान दे रहे हैं और हमारी रक्षा कर रहे हैं हम उनके लिए ये राखियाँ बना रहे हैं। उनका कहना है कि ये अपने वतन के लिए लड़ने वाले फौजियों के लिए हमारी दुआएँ हैं।

गौरतलब है कि मजनू का टीला में रह रहीं महिलाओं को RSS की ‘सेवा भारती संस्था’ ने राखी बनाने का काम दिया है, जिसके बदले इन्हें मेहनताना भी दिया जायेगा। गलवान घाटी में तैनात जवानों को ये राखियाँ सेवा भारती संस्था के द्वारा पहुँचाई जाएँगी।

ज्ञात हो कि आरएसएस की इसी सेवा भारती संस्था ने देशभर में कोरोना वायरस के दौरान जारी लॉकडाउन के के बीच गरीब और बेसहारा लोगों को राशन-पानी और तमाम जरूरतों के लिए व्यापक प्रबंध और प्रयास किए हैं।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

20 से ज्यादा पत्रकारों को खालिस्तानी संगठन से कॉल, धमकी- 15 अगस्त को हिमाचल प्रदेश के CM को नहीं फहराने देंगे तिरंगा

खालिस्तान समर्थक सिख फॉर जस्टिस ने हिमाचल प्रदेश के 20 से अधिक पत्रकारों को कॉल कर धमकी दी है कि 15 अगस्त को सीएम तिरंगा नहीं फहरा सकेंगे।

‘हमारे बच्चों की वैक्सीन विदेश क्यों भेजी’: PM मोदी के खिलाफ पोस्टर पर 25 FIR, रद्द करने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना वाले पोस्टर चिपकाने को लेकर दर्ज एफआईआर को रद्द करने से इनकार कर दिया।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
112,052FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe