Homeदेश-समाजपार्किंग में पर्ची काटने वाला युनूस निकला पाकिस्तान का जासूस: इधर से सूचना भेजता,...

पार्किंग में पर्ची काटने वाला युनूस निकला पाकिस्तान का जासूस: इधर से सूचना भेजता, उधर से बैंक अकाउंट में आता था पैसा

इंटेलिजेंस ब्यूरो काफी लम्बे समय से यूनुस की हरकतों पर नजर रखे हुए थी। वह पाकिस्तान के अफसरों से फोन के जरिए सम्पर्क करता था। सम्पर्क करने के लिए उसने फर्जी सिम खरीद रखी थी।

इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) ने राजस्थान से एक पाकिस्तानी जासूस को गिरफ्तार किया है। उसकी पहचान मोहम्मद यूनुस के तौर पर हुई है। वह अजमेर के किशनगढ़ का रहने वाला है। वह किशनगढ़ बस स्टैंड के पास पार्किंग में पर्ची काटने का काम करता था। यूनुस पिछले कई दिनों से पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई को भारतीय सेना से जुड़े राज भेज रहा था। उसकी गिरफ्तारी 18 फरवरी 2022 (शुक्रवार) को की गई।

रिपोर्ट के अनुसार इंटेलिजेंस ब्यूरो काफी लम्बे समय से यूनुस की हरकतों पर नजर रखे हुए थी। वह पाकिस्तान के अफसरों से फोन के जरिए सम्पर्क करता था। सम्पर्क करने के लिए उसने फर्जी सिम खरीद रखी थी। जानकारी देने के बदले उसको पैसे मिल रहे थे। यह पैसे उसके बैंक खातों में पाकिस्तान से आए हैं। उसने सैन्य क्षेत्र के कई फोटो और वीडियो पाकिस्तान को भेजे थे। उसका फोन और लैपटॉप जब्त कर जाँच के लिए भेज दिया गया है।

यूनुस का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। उसे हिरासत में लेकर जयपुर मुख्यालय लाया गया था। लंबी पूछताछ के बाद उसे आधिकारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। IB यूनुस को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेने का प्रयास करेगी। रिमांड की अवधि में उसे पाकिस्तान से मिले पैसे, पाकिस्तान को भेजी गई जानकारियों और उसके नेटवर्क को लेकर पूछताछ की जाएगी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -