Friday, June 21, 2024
Homeदेश-समाजप्रयागराज में फिर वही सीन... कैमरे के सामने मारी 'अतीक-अशरफ' को गोली: 14 अप्रैल...

प्रयागराज में फिर वही सीन… कैमरे के सामने मारी ‘अतीक-अशरफ’ को गोली: 14 अप्रैल को सुरक्षा देख शूटरों ने बदल लिया था माफिया ब्रदर्स की हत्या का प्लान

रिपोर्ट के अनुसार शूटरों ने पूछताछ में बताया है कि वे 14 अप्रैल को ही अतीक अहमद की हत्या करना चाहते थे। उनका इरादा कोर्ट में पेशी के दौरान हत्या का था। लेकिन कड़ी सुरक्षा के कारण उन्हें अपना प्लान कैंसिल करना पड़ा। तीनों शूटर माफिया भाइयों के हत्या के इरादे से 13 अप्रैल को ही प्रयागराज पहुँच चुके थे।

प्रयागराज में 15 अप्रैल 2023 की कहानी फिर से 20 अप्रैल को दोहराई गई। माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की कद-काठी वाले दो लोगों को लेकर पुलिस काॅल्विन हाॅस्पिटल आई। मीडिया ने माफिया भाइयों को घेर लिया। अचानक से तीन शूटरों ने दोनों को मार गिराया और सरेंडर कर दिया। यह सब कुछ उस ज्यूडिशियल कमीशन के सामने हुआ जो अतीक अशरफ हत्या की जाँच को लेकर बनी है। सीन रिक्रिएट करने के दौरान दिखाया गया कि गोली लगते ही पहले अतीक और फिर अशरफ ढेर होकर जमीन पर गिर जाता है।

प्रयागराज के काॅल्विन हाॅस्पिटल के बाहर ही 15 अप्रैल की रात अतीक और अशरफ की गोली मारकर हत्या की गई थी। मीडियाकर्मी बनकर आए लवलेश तिवारी, अरुण मौर्य और सनी सिंह ने माफिया ब्रदर्स को कैमरों के सामने चंद सेकेंड के भीतर ही मार गिराया था। फिलहाल तीनों शूटर पुलिस रिमांड में हैं। उनसे हत्या के मकसद के लेकर पूछताछ की जा रही है। इस मामले में पाँच पुलिसकर्मी भी सस्पेंड किए गए हैं। हत्या से पहले अतीक से पत्रकारों ने असद के जनाजे में शामिल नहीं होने का कारण पूछा था। अतीक के जवाब देने के बाद अशरफ ने कहा था कि मेन बात है कि गुड्डू मुस्लिम… अशरफ की यह बात कभी पूरी नहीं हो पाई, क्योंकि इसके बाद ही माफिया भाइयों की हत्या हो गई थी।

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार शूटरों ने पूछताछ में बताया है कि वे 14 अप्रैल को ही अतीक अहमद की हत्या करना चाहते थे। उनका इरादा कोर्ट में पेशी के दौरान हत्या का था। लेकिन कड़ी सुरक्षा के कारण उन्हें अपना प्लान कैंसिल करना पड़ा। तीनों शूटर माफिया भाइयों के हत्या के इरादे से 13 अप्रैल को ही प्रयागराज पहुँच चुके थे। वे रेलवे स्टेशन के पास एक होटल में ठहरे थे। जब उन्हें पता चला कि मेडिकल चेकअप के लिए अतीक और अशरफ को काॅल्विन हाॅस्पिटल ले जाया जाएगा तो उन्होंने नए सिरे से प्लान बनाया। माइक और कैमरा के साथ मीडियाकर्मियों के बीच घुस गए और फिर योजना के अनुसार गोलियाँ बरसाकर हत्या कर दी।

गौरतलब है कि उससे पहले 13 अप्रैल को यूपी एसटीएफ ने झाँसी में अतीक के बेटे असद और उसके शूटर मोहम्मद गुलाम को मार गिराया था। उमेश पाल की हत्या में दोनों शामिल थे। इस मामले में अतीक की बीवी शाइस्ता परवीन भी वांछित है। वह फिलहाल फरार है। उसकी और अतीक गैंग से जुड़े बमबाज गुड्डू मुस्लिम की पुलिस सरगर्मी से तलाश में जुटी है।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

दिल्ली की अदालत ने ED के दस्तावेज पढ़े बिना ही CM केजरीवाल को दे दी थी जमानत, कहा- हजारों पन्ने पढ़ने का समय नहीं:...

निचली अदालत ने ED द्वारा केजरीवाल की गिरफ्तारी को 'दुर्भावनापूर्ण' बताया और दोनों पक्षों के दस्तावेजों को पढ़े बिना ही जमानत दे दी।

दिल्ली ही नहीं आंध्र प्रदेश में भी है एक ‘शीशमहल’, जगन मोहन रेड्डी ने CM रहते पहाड़ को काटकर खड़ा कर दिया ₹500 करोड़...

रुशिकोंडा पहाड़ों की पहले और अब की तस्वीर देखने के बाद लोग पूर्व सीएम जगन मोहन रेड्डी की तुलना दिल्ली के सीएम केजरीवाल और उनके 'महल' की तुलना 'शीशमहल' से कर रहे हैं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -