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प्रयागराज में फिर वही सीन… कैमरे के सामने मारी ‘अतीक-अशरफ’ को गोली: 14 अप्रैल को सुरक्षा देख शूटरों ने बदल लिया था माफिया ब्रदर्स की हत्या का प्लान

रिपोर्ट के अनुसार शूटरों ने पूछताछ में बताया है कि वे 14 अप्रैल को ही अतीक अहमद की हत्या करना चाहते थे। उनका इरादा कोर्ट में पेशी के दौरान हत्या का था। लेकिन कड़ी सुरक्षा के कारण उन्हें अपना प्लान कैंसिल करना पड़ा। तीनों शूटर माफिया भाइयों के हत्या के इरादे से 13 अप्रैल को ही प्रयागराज पहुँच चुके थे।

प्रयागराज में 15 अप्रैल 2023 की कहानी फिर से 20 अप्रैल को दोहराई गई। माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की कद-काठी वाले दो लोगों को लेकर पुलिस काॅल्विन हाॅस्पिटल आई। मीडिया ने माफिया भाइयों को घेर लिया। अचानक से तीन शूटरों ने दोनों को मार गिराया और सरेंडर कर दिया। यह सब कुछ उस ज्यूडिशियल कमीशन के सामने हुआ जो अतीक अशरफ हत्या की जाँच को लेकर बनी है। सीन रिक्रिएट करने के दौरान दिखाया गया कि गोली लगते ही पहले अतीक और फिर अशरफ ढेर होकर जमीन पर गिर जाता है।

प्रयागराज के काॅल्विन हाॅस्पिटल के बाहर ही 15 अप्रैल की रात अतीक और अशरफ की गोली मारकर हत्या की गई थी। मीडियाकर्मी बनकर आए लवलेश तिवारी, अरुण मौर्य और सनी सिंह ने माफिया ब्रदर्स को कैमरों के सामने चंद सेकेंड के भीतर ही मार गिराया था। फिलहाल तीनों शूटर पुलिस रिमांड में हैं। उनसे हत्या के मकसद के लेकर पूछताछ की जा रही है। इस मामले में पाँच पुलिसकर्मी भी सस्पेंड किए गए हैं। हत्या से पहले अतीक से पत्रकारों ने असद के जनाजे में शामिल नहीं होने का कारण पूछा था। अतीक के जवाब देने के बाद अशरफ ने कहा था कि मेन बात है कि गुड्डू मुस्लिम… अशरफ की यह बात कभी पूरी नहीं हो पाई, क्योंकि इसके बाद ही माफिया भाइयों की हत्या हो गई थी।

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार शूटरों ने पूछताछ में बताया है कि वे 14 अप्रैल को ही अतीक अहमद की हत्या करना चाहते थे। उनका इरादा कोर्ट में पेशी के दौरान हत्या का था। लेकिन कड़ी सुरक्षा के कारण उन्हें अपना प्लान कैंसिल करना पड़ा। तीनों शूटर माफिया भाइयों के हत्या के इरादे से 13 अप्रैल को ही प्रयागराज पहुँच चुके थे। वे रेलवे स्टेशन के पास एक होटल में ठहरे थे। जब उन्हें पता चला कि मेडिकल चेकअप के लिए अतीक और अशरफ को काॅल्विन हाॅस्पिटल ले जाया जाएगा तो उन्होंने नए सिरे से प्लान बनाया। माइक और कैमरा के साथ मीडियाकर्मियों के बीच घुस गए और फिर योजना के अनुसार गोलियाँ बरसाकर हत्या कर दी।

गौरतलब है कि उससे पहले 13 अप्रैल को यूपी एसटीएफ ने झाँसी में अतीक के बेटे असद और उसके शूटर मोहम्मद गुलाम को मार गिराया था। उमेश पाल की हत्या में दोनों शामिल थे। इस मामले में अतीक की बीवी शाइस्ता परवीन भी वांछित है। वह फिलहाल फरार है। उसकी और अतीक गैंग से जुड़े बमबाज गुड्डू मुस्लिम की पुलिस सरगर्मी से तलाश में जुटी है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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