Tuesday, April 16, 2024
Homeदेश-समाजइस्लाम में परिवर्तित न होने पर सिरताज अली के नेतृत्व में दरगाह से जुड़े...

इस्लाम में परिवर्तित न होने पर सिरताज अली के नेतृत्व में दरगाह से जुड़े कई लोगों ने भूपेंद्र शुक्ला पर किया हमला: पंजाब की घटना

वीडियो में शुक्ला कहते हैं कि मुस्लिम पुरुषों का एक समूह उनके घर आया और परिवार से पैसे के बदले इस्लाम स्वीकार करने के लिए कहा। बदले में पाँच लाख रुपए देने की पेशकश की। शुक्ला ने उनके प्रस्ताव को ठुकरा दिया और गुस्से में उन्हें जाने के लिए कहा।

पंजाब में धर्म परिवर्तन से इनकार करने पर हमला करने का मामला सामने आया है। यहाँ के भूपेंद्र शुक्ला नाम के एक शख्स ने आरोप लगाया कि दरगाह से जुड़े लोगों के एक समूह ने इस्लाम में परिवर्तित होने से इनकार करने पर उन पर हमला किया।

स्वराज्य की पत्रकार स्वाति गोयल शर्मा की रिपोर्ट के मुताबिक रविवार (3 अक्टूबर) को भूपेंद्र शुक्ला ने धर्म परिवर्तन के प्रयास और उसके बाद उनकी दुकान पर हुए हमले के बारे में अपना वीडियो बयान दर्ज किया। उन्होंने इसे अपने जानने वाले लोगों के बीच इस उम्मीद के साथ भेजा कि यह ‘हिंदू समूहों’ तक पहुँच जाए और उनकी उम्मीद के मुताबिक यह वीडियो वाकई में सोशल मीडिया के जरिए उन तक पहुँचा। शुक्ला ने कहा कि उसी सप्ताह कई कार्यकर्ता उनसे मिलने के लिए आए।

वीडियो में शुक्ला कहते हैं कि मुस्लिम पुरुषों का एक समूह उनके घर आया और परिवार से पैसे के बदले इस्लाम स्वीकार करने के लिए कहा। बदले में पाँच लाख रुपए देने की पेशकश की। शुक्ला ने उनके प्रस्ताव को ठुकरा दिया और गुस्से में उन्हें जाने के लिए कहा। उस समय तो वो वहाँ से चले घए लेकिन वो अगले दिन वापस आए और उनकी दुकान में तोड़फोड़ की और उनका कीमती सामान लूट लिया।

शुक्ला आगे कहते हैं कि उन्होंने संबंधित थाने में शिकायत की, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। उनका कहना है कि उन्होंने मुख्य व्यक्ति की पहचान कर ली है और पुलिस के साथ उसका नाम और अन्य जानकारी साझा की है।

शुक्ला उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के रहने वाले हैं। पिछले 6 साल से वह पंजाब के लुधियाना जिले में रह रहे हैं। वह नीची मंगली इलाके में अपनी विधवा माँ, पत्नी और दो बच्चों के साथ रहते हैं। उनके साथ उनके एक छोटे भाई और बहन भी रहते हैं, दोनों अविवाहित हैं।

शुक्ला सिक्योरिटी गार्ड के रूप में काम करते हैं और ‘चाय-बीड़ी’ की दुकान चलाते हैं, दरअसल जिसे उनकी बहन और माँ चलाती हैं। उनका कहना है कि उन्होंने पहले कभी लुधियाना में सांप्रदायिक समस्या का सामना नहीं किया। हालाँकि, शेरपुर कॉलोनी में रहने वाले मुस्लिम पुरुषों का एक समूह नीची मंगली में प्रवासी हिंदू परिवार के पास आता है और उन्हें इस्लाम स्वीकार करने के लिए कहता है।

उन्होंने कहा कि वे बदले में पैसे की पेशकश करते हैं। उनका कहना है कि हर कोई इस्लाम स्वीकार कर रहा है और हमें भी ऐसा ही करना चाहिए। उन्होंने कहा कि समूह हिंदू परिवारों को बताता है कि उनके पास कोई सपोर्ट सिस्टम नहीं है। जब वो इस्लाम अपनाएँगे और दूसरों को भी अपनाने के लिए कहेंगे तो वे और मजबूत होंगे।

शुक्ला ने कहा, “लेकिन हम अपना धर्म नहीं छोड़ना चाहते हैं। आप ही बताइए मैडम जी, हम जिस धर्म में पैदा हुए हैं, उसे कैसे बदला जा सकता है।” उनका कहना है कि वह अपने अब तक के वायरल वीडियो में कहे गए ‘हर शब्द’ पर कायम हैं। समूह द्वारा उनकी दुकान पर हमला करने के एक दिन बाद उन्होंने इसे रिकॉर्ड किया।

समूह सबसे पहले गुरुवार (30 सितंबर) को उनके घर आए थे। शुक्ला ने कहा, “उन्होंने हमारा सामान जमीन पर फेंक दिया। दुकान से कम से कम दस हजार रुपए की बीड़ी और माचिस भी ले गए। साथ में रखे पाँच हजार रुपए नकद भी ले गए। जब मैंने उनका वीडियो रिकॉर्ड करने की कोशिश की, तो उन्होंने मेरा फोन छीन लिया और वह भी ले गए।”

उन्होंने कहा कि वो एक ही शख्स को पहचान पाए। उसका नाम सिरताज अली है। शुक्ला ने कहा कि वह अली मिट्टी वाले बाबा के नाम से मशहूर दरगाह के मौलवी का भतीजा है। शुक्ला ने कहा कि अली ही उस समूह का नेतृत्व कर रहा था जो उसे इस्लाम स्वीकार करने के लिए मनाने आया था। हमला के समय भी अली ही समूह का नेतृत्व कर रहा था। उन्होंने कहा, “मैं दूसरों को नहीं पहचानता क्योंकि वे सभी स्कल कैप (जालीदार टोपी) पहने हुए थे और लंबी दाढ़ी रखा था।” 

शुक्ला इस बात से चिंतित हैं कि पुलिस का इरादा पहचाने गए आरोपित को पकड़ने का नहीं है, उसने उसी शाम अपना वीडियो बयान दर्ज किया और उसे वायरल कर दिया। रविवार (10 अक्टूबर) को जब स्वाति गोयल ने ट्विटर पर शुक्ला का वीडियो अपलोड किया, तो लुधियाना के पुलिस आयुक्त के आधिकारिक हैंडल (@Ludhiana_Police) ने जवाब दिया कि संबंधित पुलिस स्टेशन ने वीडियो में व्यक्ति से संपर्क किया है और “इस मामले को जल्द से जल्द सुलझा लिया जाएगा।”

आज (11 अक्टूबर) शुक्ला ने स्वाति को बताया कि उनके पास थाने से फोन आया था। शुक्ला ने कहा, “एक महिला अधिकारी ने फोन किया। उन्होंने पूछा कि मैं इस मामले को सोशल मीडिया पर क्यों ले गया। मैंने जवाब दिया कि मैं मामले को उच्चाधिकारियों के पास ले जाऊँगा। उन्होंने मुझे शांत होने के लिए कहा और कहा कि पुलिस उसका सहयोग करेगी।” उन्होंने कहा कि महिला अधिकारी ने उन्हें बताया कि जिस व्यक्ति के खिलाफ उन्होंने शिकायत की है। उसे जल्द ही पकड़ लिया जाएगा और जैसे ही उसे थाने लाया जाएगा, शुक्ला को भी पूछताछ में शामिल होने के लिए कहा जाएगा।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘मोदी की गारंटी’ भी होगी पूरी: 2014 और 2019 में किए इन 10 बड़े वादों को मोदी सरकार ने किया पूरा, पढ़ें- क्यों जनता...

राम मंदिर के निर्माण और अनुच्छेद 370 को निरस्त करने से लेकर नागरिकता संशोधन अधिनियम को अधिसूचित करने तक, भाजपा सरकार को विपक्ष के लगातार कीचड़ उछालने के कारण पथरीली राह पर चलना पड़ा।

‘वित्त मंत्री रहते RBI पर दबाव बनाते थे P चिदंबरम, सरकार के लिए माहौल बनाने को कहते थे’: बैंक के पूर्व गवर्नर ने खोली...

आरबीआई के पूर्व गवर्नर पी सुब्बाराव का दावा है कि यूपीए सरकारों में वित्त मंत्री रहे प्रणब मुखर्जी और पी चिदंबरम रिजर्व बैंक पर दबाव डालते थे कि वो सरकार के पक्ष में माहौल बनाने वाले आँकड़ें जारी करे।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
282,677FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe