नाम क्यों बदलना चाहते हैं राहुल गॉंधी, फोन पर अपिरिचित क्यों कहते हैं- झूठा

सरकारी दस्तावेज बनवाते वक्त अधिकारी राहुल गॉंधी को शक की नजर से देखते हैं। सिम कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या लोन वगैरह के लिए आवेदन करते हैं तो नाम की वजह से मना कर दिया जाता है।

कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गॉंधी का हमनाम होना मध्य प्रदेश के इंदौर में रहने वाले एक युवक के लिए मुसीबत का सबब बन गया है। नाम की वजह से लोग उन्हें शक की नजर से देखते हैं। नाम के कारण न कोई सिम कार्ड देने को तैयार है और न ही लोन मिल रहा। मजबूरन, अब वे अपना उपनाम बदलने पर विचार कर रहे हैं।

इंदौर के राहुल गॉंधी ने बताया कि सरकारी दस्तावेज बनवाते वक्त उन्हें अधिकारी शक की नजर से देखते हैं। उन्होंने बताया, “मेरे पास अधार कार्ड है। लेकिन, जब सिम कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या लोन वगैरह के लिए आवेदन करता हूँ तो मना कर दिया जाता है। नाम की वजह से मेरे आधार कार्ड को लोग फर्जी बता देते हैं।”

उन्होंने बताया कि उनका पारिवारिक उपनाम मालवीय था। बीएसएफ में कार्यरत उनके पिता को अच्छे आचरण की वजह से साथी ‘गाँधी’ कहकर पुकारते थे। बाद में पिता ने इसे ही उपनाम बना लिया और इस तरह राहुल मालवीय से गॉंधी हो गए।

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बकौल राहुल जब वे किसी अपरिचित को फोन कर अपना नाम बताते हैं तो वे उन्हें झूठा समझ लेते हैं। यहॉं तक कि लोग उन्हें ‘पप्पू’ भी कहते हैं, जिसका अक्सर इस्तेमाल कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष का उपहास उड़ाने के लिए किया जाता है।

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