देशभर में मदरसों की स्थापना के लिए RSS ने कसी कमर, उत्तराखंड से होगी शुरुआत

पिछले साल पीएम मोदी ने एक ऐसी शिक्षा प्रणाली की दृष्टि सामने रखी थी जिसमें मुस्लिम छात्रों के एक हाथ में क़ुरान और दूसरे में कंप्यूटर हो।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) देश भर में मदरसों की स्थापना की अपनी योजना पर काम करने के लिए कमर कस रहा है। संघ ने उत्तराखंड में अपना पहला मदरसा स्थापित करने की योजना बना ली है। इस काम के लिए जमीन पहले से ही खरीदी जा चुकी है और निर्माण कार्य भी जल्द ही शुरू किया जाएगा।

ख़बर के अनुसार, संघ बहुत पहले से देश में ऐसे मदरसों को स्थापित करने की योजना बना रहा है जो इस्लामी शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक शिक्षा भी प्रदान करेगा। इस संबंध में संघ ने उत्तराखंड से शुरूआत करने की योजना बनाई है, जिसे देवभूमि भी कहा जाता है। यहीं पर संघ द्वारा संचालित पहला मदरसा स्थापित किया जाएगा। बता दें कि यह मदरसा उत्तराखंड के हरिद्वार ज़िले के एक गाँव में स्थापित किया जाएगा। संघ परिवार के अनुषांगिक संगठन मुस्लिम राष्ट्रीय मंच बैनर तले खोले जाने वाले मदरसे शुरुआत में 50 छात्राओं को प्रवेश देंगे।

मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की राज्य प्रमुख सीमा जावेद ने भी इस बात की पुष्टि की कि मदरसे की स्थापना के लिए सभी आवश्यक कामों को पूरा कर लिया गया है, और इसके लिए ज़मीन भी ख़रीदी जा चुकी है। उन्होंने बताया कि पाठ्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना के अनुकूल तैयार किया गया है। पिछले साल पीएम मोदी ने एक ऐसी शिक्षा प्रणाली की दृष्टि सामने रखी थी जिसमें मुस्लिम छात्रों के एक हाथ में क़ुरान और दूसरे में कंप्यूटर हो

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जहाँ एक तरफ़ कुछ मुस्लिमों को इस तरह के मदरसों पर कोई आपत्ति नहीं हैं, वहीं मुस्लिम सम्प्रदाय में एक दूसरा तबका इस तरह की ख़बरों से आशंकित है। उनका कहना है कि संघ परिवार का इतिहास बताता है कि अगर संघ परिवार मदरसा स्थापित करना चाहता है, तो यह केवल मुसलमानों की संस्कृति को प्रभावित करने के लिए हो सकता है। वहीं, यह भी संभावना जताई है कि संघ ऐसे मदरसों की स्थापना करके आम मुसलमानों और इस्लामिक विद्वानों के बीच मतभेद पैदा करने की कोशिश करेगा।

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