Homeदेश-समाजCBI मामले में SC के फैसले पर सवाल करना प्रशांत भूषण को पड़ा महँगा,...

CBI मामले में SC के फैसले पर सवाल करना प्रशांत भूषण को पड़ा महँगा, कोर्ट ने माँगा जवाब

सीबीआई के अंतरिम निदेशक मामले में कोर्ट के इस फैसले पर ट्वीट करके प्रशांत भूषण ने अपनी नराजगी जताई थी।

देश के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण अक्सर कोर्ट के फैसलों पर सवाल खड़े करते रहते हैं। भूषण के इसी व्यवहार की वजह से कई बार कोर्ट के अंदर भी न्यायाधीशों ने डाँट कर उन्हें कम बोलने की हिदायत दी है। इसके अलावा कई मामलों में कोर्ट द्वारा उन्हें अवमानना नोटिस भी भेजा गया है।

एक बार फिर सर्वोच्च न्यायालय ने सीबीआई मामले में कोर्ट के फैसले पर टिप्पणी करने की वजह से प्रशांत भूषण को तीन हफ्ते में जवाब देने के लिए कहा है। दरअसल एम. नागेश्वर राव को सीबीआई के अंतरिम निदेशक बनाए जाने के मामले को सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज दिया गया था।

इस मामले में कोर्ट ने राव की नियुक्ति को बरकरार रखते हुए कहा था कि नीतिगत मामले में राव कोई फैसला नहीं ले पाएँगे। सीबीआई के अंतरिम निदेशक मामले में कोर्ट के इस फैसले पर ट्वीट करके प्रशांत भूषण ने अपनी नराजगी जताई थी।

इसके बाद केंद्र सरकार और अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने प्रशांत भूषण के खिलाफ़ अवमानना की याचिका सर्वोच्च न्यायालय में दायर की थी। कोर्ट ने इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रशांत भूषण को तीन सप्ताह के अंदर मामले में जवाब देने के लिए कहा है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

12 वर्ष पहले गोरखनाथ पीठ के पीठाधीश्वर, फिर देश के सबसे बड़े सूबे के CM: जनता तक पहुँच और समस्याओं पर तत्काल प्रतिक्रिया –...

योगी आदित्यनाथ की गोरखनाथ पीठाधीश्वर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक की यात्रा, विरासत को आगे बढ़ाने से लेकर विकसित होते UP की पूरी कहानी।

अखिलेश सरकार में हुए 62+ हत्याओं को याद करा रहा ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ पोस्टर: मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर...

मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ लिखे पोस्टर लगा गए हैं। इन पोस्टर्स ने 2013 की उस भयावह हिंसा की याद फिर ताजा कर दी है।
- विज्ञापन -