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तिहाड़ जेल में 24 घंटे कैमरे की निगरानी में रहेगा आफताब, हर मूवमेंट पर होगी पुलिस की नजर: पॉलीग्राफ टेस्ट को खाँसकर कर चुका है खराब

दिल्ली के छतरपुर इलाके में 18 मई 2022 को श्रद्धा वालकर की हत्‍या कर दी गई थी। आफताब अमीन और श्रद्धा मुंबई से यहीं किराए के एक फ्लैट में लिव इन रिलेशन में रहने पहुँचे थे। आफताब ने हत्या के बाद श्रद्धा के शरीर के 35 टुकड़े किए और महरौली, गुरुग्राम व मैदानगढ़ी के इलाकों में फेंकता रहा।

अपने लिव-इव पार्टनर श्रद्धा वालकर की हत्या (Shraddha Walker) की हत्या कर 35 टुकड़ों में काटकर फेंकने वाले शातिर आरोपित आफताब पूनावाला (Aaftab Poonawala) को 13 दिन की कस्टडी में भेज दिया गया है। उसे देश के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले तिहाड़ जेल में भेज दिया गया है। वहाँ उसे एक अलग सेल में रखा गया है और उस पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है।

आरोपित आफताब को तिहाड़ जेल नंबर 4 के एक अलग सेल में रखा जाएगा। यह पहली बार अपराध करने वाले आरोपितों के लिए है। अधिकारियों का कहना है कि उस पर नजर रखने के लिए उसे 24 घंटे कैमरे की निगरानी में रखा जाएगा।

इसके अलावा, जेल के अधिकारी भी उस पर नजर रखेंगे। जेल में उसकी ज्यादा आवाजाही नहीं होगी और कुछ समय तक उसके सेल से निकलने पर रोक रहेगी। उसके सेल के बाहर 24 घंटे एक सुरक्षाकर्मी तैनात रहेगा। इसके साथ ही उसे खाना परोसने के दौरान पुलिसकर्मी मौजूद रहेंगे।

विशेष पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था, जोन II) सागर प्रीत हुड्डा ने कहा कि दिल्ली की एक अदालत ने फिलहाल उसे 13 दिनों के लिए हिरासत में भेज दिया है। वहीं, पुलिस ने पॉलीग्राफ टेस्ट में आरोपित को पेश करने के लिए आगे की कार्यवाही के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।

बता दें कि शुक्रवार (25 नवंबर 2022) को रोहिणी के फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी में उसका पॉलीग्राफी टेस्ट करीब तीन घंटे तक चला। इस दौरान उसने विशेषज्ञों को भ्रमित करने की पूरी कोशिश की। पूछताछ के दौरान वह बार-बार खाँसता रहा और टेस्ट को मैनिपुलेट करने की कोशिश की। इससे टेस्ट प्रभावित हुआ।

आफताब किसी शातिर अपराधी की तरह दिल्ली पुलिस के साथ माइंडगेम खेल रहा है। पॉलीग्राफ टेस्ट के दौरान वह कई सवालों पर वो चुप रहा तो कई को टाल गया। कुछ सवालों पर तो वो मुस्कुराता रहा। वह झूठ भी बेहद कॉन्फिडेंस के साथ बोलता रहा। पुलिस को अपेक्षित सफलता नहीं मिली।

एक जाँचकर्ता का कहना कि आरोपित आफताब ने प्रश्नों का पहले से ही अनुमान लगाया होगा और उत्तर देने का उसने रिहर्सल किया होगा। आरोपित ने टेस्ट की रीडिंग को बाधित करने के लिए इलेक्ट्रोड लगाए जाने के तुरंत बाद खासने लगा। रिपोर्ट में कहा गया है, “खाँसी के कारण रीडिंग खराब हो गई और हम यह तय नहीं कर सके कि वह सच कह रहा था या परीक्षण में हेरफेर कर रहा था।”

पुलिस को तमाम कोशिशों के बाद भी श्रद्धा के शव के सभी टुकड़े, आरी, श्रद्धा का सिर, श्रद्धा का मोबाइल और उसके कपड़े जो हत्या के समय पहने थे अब भी नहीं मिले हैं। दिल्ली पुलिस की उम्मीदें अब आफताब के नार्को टेस्ट है। आफताब का नार्को टेस्ट सोमवार को कराया जा सकता है।

बता दें कि दिल्ली के छतरपुर इलाके में 18 मई 2022 को श्रद्धा वालकर की हत्‍या कर दी गई थी। आफताब अमीन और श्रद्धा मुंबई से यहीं किराए के एक फ्लैट में लिव इन रिलेशन में रहने पहुँचे थे। आफताब ने हत्या के बाद श्रद्धा के शरीर के 35 टुकड़े किए और महरौली, गुरुग्राम व मैदानगढ़ी के इलाकों में फेंकता रहा।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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