Homeदेश-समाजअलीगढ़ के कॉलेज में प्रोफेसर खालिद ने पढ़ी नमाज: Video देख हिंदू संगठन बोले-...

अलीगढ़ के कॉलेज में प्रोफेसर खालिद ने पढ़ी नमाज: Video देख हिंदू संगठन बोले- ‘एक्शन लो, वरना हनुमान चालीसा पढ़ेंगे’

श्री वार्ष्णेय कॉलेज कैंपस में एक मुस्लिम प्रोफेसर के नमाज पढ़ने का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। इस वीडियो को देखने के बाद हिंदूवादी संगठनों ने प्रोफेसर द्वारा कॉलेज परिसर में पढ़ी गई नमाज पर आपत्ति जाहिर की है।

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के श्री वार्ष्णेय कॉलेज कैंपस में एक मुस्लिम प्रोफेसर के नमाज पढ़ने का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। इस वीडियो को देखने के बाद हिंदूवादी संगठनों ने प्रोफेसर द्वारा कॉलेज परिसर में पढ़ी गई नमाज पर आपत्ति जाहिर की है। वहीं इस मामले में कॉलेज के प्रिंसिपल ने भी विभागीय जाँच के लिए आवश्यक आदेश दिए हैं।

भाजपा नेता अमित गोस्वामी ने इस वीडियो को देखने के बाद कार्रवाई की माँग की है। उन्होंने शिक्षक की पहचान एस आर खालिद बताई है और मामले में तत्काल एक्शन लेने के लिए अनुरोध किया है। गोस्वामी के अनुसार, प्रोफेसर खालिद कॉलेज की लॉ फैकल्टी के सदस्य हैं और इस तरह उनका परिसर में नमाज पढ़ना, कॉलेज में धर्म के आधार पर अलगाव फैला कर शांति व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश है।

उनकी वीडियो देखने के बाद अमित ने कॉलेज प्रिंसिपल से बात की थी। हालाँकि अभी प्रोफेसर के ऊपर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। कॉलेज प्रिंसिपल व प्रोफेसर अनिल गुप्ता ने मामले में संबंध में कहा है, “एक कमेटी बनाई जाएगी। फिर रिपोर्ट के आधार पर एक्शन लिया जाएगा। हम ऐसे कृत्यों को कॉलेज में बढ़ावा नहीं दे सकते हैं।”

वहीं भाजपा की यूथ विंग कार्यकर्ताओं ने मामले के तूल पकड़ने के बाद धमकी दी है कि अगर प्रोफेसर के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की जाती है तो वो परिसर के अंदर हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे। अमित गोस्वामी के अनुसार, पहले ये मुद्दा कॉलेज के छात्रों ने ही उठाया था लेकिन प्रशासन ने इस पर कार्रवाई नहीं की। इसके बाद उनके पास ये वीडियो आई। अब एफआईआर के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जब प्रोफेसर खालिद से इस विषय टिप्पणी करने को कहा गया तो उन्होंने कमेंट करने से मना कर दिया। वहीं सर्कल ऑफिसर मनीष कुमार शांडिल्य ने बताया कि केस में कोई एफआईआर अब तक दर्ज नहीं हुई है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

मिडिल ईस्ट फिर बना वॉर जोन, क्या इस बार तैयार हैं हम?: जानें- भारत के सामने खड़ी हैं कैसी चुनौतियाँ, अग्निपरीक्षा की इस घड़ी...

पश्चिम एशिया संकट से वैश्विक अर्थव्यवस्था बेपटरी हो रही है। हॉर्मुज नाकाबंदी के बीच देश को आर्थिक मार से बचने के लिए मोदी सरकार तैयार है।

मेरठ में दलित छात्रा की हत्या के नाम पर क्यों खराब किया गया माहौल? SSP अविनाश पांडे के नेतृत्व में कैसे UP पुलिस ने...

मेरठ में दलित युवती ललिता गौतम की हत्या के नाम पर प्रदर्शन की आड़ में हंगामा करने की साजिश को SSP अविनाश पांडेय और उनकी टीम ने फेल किया है।
- विज्ञापन -