सोनभद्र नरसंहार में ग्राम प्रधान सहित 26 गिरफ्तार: रासुका के तहत कार्रवाई, फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलेगा मुकदमा

पुलिस जाँच में आरोपितों के पास से 2 बंदूके बरामद हुई हैं। साथ ही पुलिस ने 6 ट्रैक्टर भी कब्जे में लिए हैं। अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने...

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में बुधवार (जुलाई 17, 2019) को जमीनी विवाद को लेकर हुए नरसंहार में पुलिस ने मुख्य आरोपित ग्राम प्रधाम यज्ञदत्त, उसके भाई और भतीजों समेत 26 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के मुताबिक मामले में पुलिस ने 28 नामजद और 50 अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ केस दर्ज किया है।

पुलिस जाँच में आरोपितों के पास से 2 बंदूके बरामद हुई हैं। साथ ही पुलिस ने 6 ट्रैक्टर भी कब्जे में लिए हैं। अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस द्वारा पाँच टीमें रवाना कर दी गई हैं और एसपी सलमान ताज पाटिल ने बताया है कि वांछित लोगों की तलाश तेज कर दी गई है।

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक ग्रामीण लल्लू सिंह की शिकायत पर पुलिस ने आरोपित ग्राम प्रधान और उनके भाई समेत सभी पर हत्या और एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। फिलहाल, आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीम संभावित स्थानों पर दबिश दे रही है।

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बता दें कि इस मामले में लखनऊ स्थित प्रदेश अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति आयोग ने सभी आरोपितों पर रासुका के तहत कार्रवाई करने को कहा है। आयोग के अध्यक्ष डीजीपी बृजलाल के मुताबिक इस कांड में पुलिस व प्रशासन की लापरवाही सामने आ रही है। उन्होंने परिक्षेत्र के डीआईजी को निर्देश दिए हैं कि इस संबंध में जाँच कर दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करें।

प्रदेश अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष के मुताबिक इस घटना में लोकव्यवस्था पूर्ण रूप से भंग हुई है, इसलिए उन्होंने कहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत अभियुक्तों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए और जमानत होने की स्थिति में उन्हें रासुका में निरुद्ध किया जाए। साथ ही आयोग ने मामले का मुकदमा फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाए जाने के भी निर्देश दिए हैं। इसके अलावा इस मामले में राजस्व परिषद ने भी जिलाधिकारी से विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई है।

पूरा मामला: उत्तर प्रदेश: आदिवासियों की जमीन पर कब्जे के लिए 3 महिलाओं समेत 11 की हत्या

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