Sunday, May 19, 2024
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‘टॉर्चर, अश्लील कॉल, गालियाँ और झूठे केस’: जिस केस में संजय राउत पर आरोप उसकी होगी जाँच, कोर्ट में मुंबई पुलिस की रिपोर्ट खारिज

स्वप्ना पाटकर का आरोप रहा है कि कि शिवसेना मुखपत्र ‘सामना’ के सह-संपादक संजय राउत पिछले 8 वर्षों से अपनी पार्टी के रुतबे और सिस्टम पर पकड़ का इस्तेमाल कर न सिर्फ उन्हें गालियाँ दे रहे हैं, बल्कि उनके परिवार और रिश्तेदारों को भी प्रताड़ित कर रहे हैं।

शिवसेना सांसद संजय राउत के ख़िलाफ़ प्रताड़ना का आरोप लगाने वाली महिला की शिकायत मामले में सुनवाई करते हुए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने मुंबई पुलिस की जाँच को खारिज कर दिया है। स्वप्ना पाटकर नामक फिल्म निर्माता की शिकायत से जुड़े इस मामले पर कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिए कि वो आगे भी मामले की जाँच करें।

मिड-डे की रिपोर्ट के अनुसार मजिस्ट्रेट एस बी भाजीपाले ने 18 नवंबर को पुलिस की रिपोर्ट ‘अ-समरी’ में कमियाँ निकालते हुए उसको खारिज कर दिया था और अब बुधवार को इस मामले में विस्तृत आदेश उपलब्ध कराया है। मजिस्ट्रेट ने अपने आदेश में कहा कि जाँच अधिकारी इस बात को ध्यान में रखने में बुरी तरह विफल रहे कि 29 जून, 2013 को कथित घटना से पहले 16 मई, 2013 को भी शिकायतकर्ता पर हमला किया गया था।

आदेश में इस बात का भी उल्लेख है कि 39 वर्षीय शिकायतकर्ता ने खुद अपनी शिकायत में संदिग्धों के नाम दिए थे लेकिन जाँच अधिकारी ने कभी उनसे पूछताछ नहीं की। अदालत ने कहा कि यह स्थापित सिद्धांत है कि FIR जानकारी का भंडार नहीं है। कोर्ट ने कहा कि एक सतर्क जाँच अधिकारी द्वारा शिकायतकर्ता का अलग से बयान लिया गया और उसकी सत्यता जाँची गई। जबकि मौजूदा जाँच अधिकारी द्वारा ऐसा कुछ नहीं किया गया। इस मामले में महिला की शिकायत को देखते हुए आगे जाँच हो सकती है।

बता दें कि पाटकर का आरोप रहा है कि शिवसेना मुखपत्र ‘सामना’ के सह-संपादक संजय राउत पिछले 8 वर्षों से अपनी पार्टी के रुतबे और सिस्टम पर पकड़ का इस्तेमाल कर न सिर्फ उन्हें गालियाँ दे रहे हैं, बल्कि उनके परिवार और रिश्तेदारों को भी प्रताड़ित कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाटकर को तब से तंग किया जा रहा है जब उन्होंने शिवसेना मुखपत्र सामना के लिए कॉलम लिखने का काम शुरू किया था। हालाँकि इस बीच स्वप्ना और राउत के बीच क्या घटित हुआ ये तो नहीं पता लेकिन इसके बाद पाटकर तंग रहने लगीं।

इससे पहले राउत पर प्रताड़ना और पीछा करवाने का आरोप लगा चुकीं स्वप्ना पाटकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिख कर न्याय की गुहार लगाई थी। उन्होंने खुद को एक शिक्षित और सबल भारतीय महिला बताते हुए पत्र में लिखा था कि उन्हें सहानुभूति नहीं, इंसाफ चाहिए। उनका कहना था कि राज्यसभा सांसद संजय राउत के इशारे पर पुलिस ने उन पर ‘धंधा करने’ का आरोप भी लगाया था। उन्होंने कहा था कि 2017 में खुद संजय राउत ने फोन पर धमकी दी और 2018 में कॉन्ट्रैक्ट पर आदमी रख कर उनका पीछा कराया गया। बकौल स्वप्ना, उनके सोशल मीडिया हैंडल्स को हैक कर कभी सुसाइड नोट तो कभी अश्लील सामग्रियाँ डाली गईं, लेकिन पुलिस ने साफ़ कह दिया कि संजय राउत के खिलाफ वो FIR दर्ज नहीं कर सकते। इस मामले में मालूम हो कि संजय राउत ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज कर दिया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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