Homeदेश-समाजउत्तराखंड: देवप्रयाग में बादल फटने से मची तबाही, आईटीआई भवन सहित कई दुकानें ध्वस्त,...

उत्तराखंड: देवप्रयाग में बादल फटने से मची तबाही, आईटीआई भवन सहित कई दुकानें ध्वस्त, लॉकडाउन की वजह से बचे लोग

टिहरी जिले के देवप्रयाग में बादल फटने से कई दुकानें और घरों को नुकसान पहुँचा है। हालाँकि अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

उत्तराखंड के देवप्रयाग में बादल फटने से आज मंगलवार (मई 11, 2021) को भारी तबाही की खबरें हैं। न्यूज एजेंसी एएनआई ने देवप्रयाग एसएचओ एमएस रावत के हवाले से ये जानकारी दी। एसएचओ ने बताया कि आज शाम पाँच बजे बादल फटने की खबर मिली। इसमें 12-13 दुकानें और अन्य संपत्ति को नुकसान पहुँचा है। उन्होंने कहा कि चूँकि लॉकडाउन के चलते अधिकतर दुकानें बंद थीं इसलिए किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। हालाँकि यहाँ जल स्तर बढ़ रहा है और बचाव अभियान जारी है।

वहीं राज्य के डीजीपी अशोक कुमार ने बताया कि टिहरी जिले के देवप्रयाग में बादल फटने से कई दुकानें और घरों को नुकसान पहुँचा है। हालाँकि अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। उन्होंने कहा कि एसडीआरएफ टीमें बचाव अभियान में जुटी हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बादल फटने से यहाँ आईटीआई भवन भी ध्वस्त हो गया। दरअसल, शाम पाँच बजे दशरथ आँचल पर्वत पर बादल फटा जिससे शांता गदेरा उफान पर आ गया और मलबा आने से प्रमुख बाजार की कई दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं।

खबर के मुताबिक संगम बाजार का रास्त भी बंद हो गया है। एक अच्छी बात ये है कि यहाँ कोरोना वायरस के चलते लोगों की आवाजाही बंद थी, इसलिए जानमाल की हानि ना होने की संभावना है। हालाँकि बचाव दल भी घटनास्थल पर पहुँच गया है। इस बीच सोशल मीडिया में घटना का वीडियो वायरल हो रहा है।

गौरतलब है कि इससे पहले उत्तराखंड के चमोली में बिनसर इलाके में ग्लेशियर फटने से भारी तबाही मची थी। कई लोगों के साथ, कई दुकानें इस हादसे में तबाह हो गए थे। इलाके में कई दिनों से लगातार बारिश के चलते बरसाती गदेरे भी उफान पर हैं।

बता दें कि विगत सात फरवरी को उत्तराखंड के चमोली जिले में आपदा आ गई थी। आपदा में कुल 206 लोग लापता हुए थे। ऋषिगंगा और धौली गंगा में आई भीषण आपदा से ऋषिगंगा प्रोजेक्ट पूरी तरह से तहस-नहस हो गई थी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

विवादों में ‘कॉकरोचों’ का 6 जून का प्रदर्शन, दिपके ने माना- ‘नहीं ली प्रोटेस्ट की परमिशन’: समझें- SC का फैसला, 7 दिन वाला नियम...

CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के बहाने समझिए जंतर-मंतर पर धरना देने की पूरी प्रक्रिया, दिल्ली पुलिस के नियम और सुप्रीम कोर्ट का रुख।

‘पहले मंदिर में नमाज पढ़ेंगे, फिर कहेंगे मस्जिद थी’: बुलंदशहर से भोजशाला तक, हिंदू पवित्र स्थलों पर दावों का कट्टरपंथियों का पैटर्न और लिबरल...

हिंदुओं के पवित्र स्थानों पर नमाज अदा करना भूल नहीं, सोची-समझी साजिश है। यदि कट्टरपंथियों का मन इतना ही साफ होता तो मंदिरों पर कब्जा नहीं करते।
- विज्ञापन -