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‘लाल तिलक भड़काऊ है’: टीका लगा कर स्कूल पहुँचे छात्र तो शिक्षक ने धुलवाया माथा, अभिभावकों और हिन्दू कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन

ये सारी बातें घर आकर छात्रों ने अपने परिवार वालों को बता दी। छात्रों के परिवार ने इस घटना की सूचना 'बजरंग दल' के प्रान्त विद्यार्थी प्रमुख अभिषेक चौहान को दी।

उत्तर प्रदेश के मेरठ के एक प्राइवेट स्कूल के शिक्षक पर छात्रों के माथे से तिलक हटवाने का आरोप लगा है। इस पर स्थानीय ‘बजरंग दल’ के कार्यकर्ताओं ने एतराज जताया और विरोध किया। तब कहीं जाकर स्कूल प्रबंधन ने माना कि स्टाफ से गलती हुई है और उसे समझाया जाएगा। स्कूल के माफी माँगने के बाद फिलहाल विवाद शांत हो गया है।

मामला मेरठ के सरूरपुर थाना क्षेत्र में भूनी चौराहे के कदम पब्लिक स्कूल का है। छात्रों के परिवारवालों के मुताबिक, शनिवार (23 दिसंबर, 2023) को छात्र माथे पर तिलक लगाकर स्कूल गए थे। परिवारवालों का आरोप है कि वहाँ स्कूल के पीटी शिक्षक ने छात्रों से माथा में लगे तिलक को धो कर आने को कहा। इस बात का विरोध करने पर शिक्षक ने छात्रों को धमकी दी।

ये सारी बातें घर आकर छात्रों ने अपने परिवार वालों को बता दी। छात्रों के परिवार ने इस घटना की सूचना ‘बजरंग दल’ के प्रान्त विद्यार्थी प्रमुख अभिषेक चौहान को दी। इस घटना के विरोध में वो क्रिसमस के दूसरे दिन मंगलवार (26 दिसंबर, 2023) को ‘बजरंग दल’ कार्यकर्ताओं के साथ कदम पब्लिक स्कूल पहुँच गए।

अभिषेक चौहान की अगुवाई में ‘बजरंग दल’ के कार्यकर्ताओं ने छात्रों के माथे से तिलक हटाने को लेकर विरोध जताते हुए प्रिंसिपल का घेराव किया और नारेबाजी की। स्कूल प्रबंधन के साथ ‘बजरंग दल’ के कार्यकर्ताओं की अच्छी-खासी बहस हो गई। स्कूल की प्रिंसिपल पारुल चौधरी के माफी माँगने के बाद मामला शांत हुआ। उन्होंने माना कि उनके स्टाफ से गलती हुई है और बातचीत कर समस्या सुलझाई जाएगी।

अभिषेक का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में आया था कि इस स्कूल के हिंदू छात्रों के तिलक लगाकर जाने पर शिक्षक इसका विरोध किया करते हैं। उन्होंने कहा कि ये गलत है क्योंकि जो हिंदू धर्म को मानता है वो तिलक लगाकर जाएगा। ये हमारी संस्कृति है। उन्होंने आगे कहा कि शिक्षक ने छात्रों के माथे से तिलक धुलवा कर हिंदू धर्म का अपमान किया है।

अभिषेक ने ऑपइंडिया से कहा कि स्कूल वाले लाल तिलक को भड़काऊ बताते हैं। आरोप उस खेल टीचर पर डाला जा रहा है जो घटना के दिन आया ही नहीं था। 9वीं कक्षा में पढ़ने वाले 3 हिन्दू छात्रों के साथ अब तक ऐसा हो चुका है। स्कूल ने इन छात्रों पर मामले को तूल न देने का भी दबाव बनाया था।

उन्होंने आगे कहा कि स्कूल प्रशासन का कहना है कि रोकटोक इसलिए की गई क्योंकि छात्रों के बीच तिलक लगाने का मुकाबला शुरू हो गया था। विरोध बढ़ने पर स्कूल ने माफी माँगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि हिन्दू संगठनों का ज्ञापन तैयार है। चेताया गया है कि अब किसी के भी छात्र के साथ ऐसा हुआ तो DM ऑफिस पर सीधे धरना होगा।

वहीं दूसरी तरफ स्कूल के प्रबंधक संजीव चौधरी का कहना है कि तिलक हटाने जैसी कोई बात नहीं है। छात्रों को स्कूल में लिपस्टिक और सिंदूर लेकर आने से रोका गया था। छात्रों के बैग से सिंदूर और लिपस्टिक मिली थी। उनका कहना है कि छात्रों ने अपने अभिभावकों गलत जानकारी दी। इस बारे में उन्हें बता दिया गया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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