Thursday, September 23, 2021
Homeदेश-समाजमो. सैफ, उसका 8वीं का भाई, 8वीं की लड़की: इंटरनेशनल कॉल, अश्लील संदेश, धमकियाँ......

मो. सैफ, उसका 8वीं का भाई, 8वीं की लड़की: इंटरनेशनल कॉल, अश्लील संदेश, धमकियाँ… UP पुलिस ने केस किया सॉल्व

दोनों भाई 8वीं की छात्रा को विदेशी नंबर के सहारे कॉल करते और फिर विरोध करने पर उसे धमकाते। हाल में छात्रा की माँ ने इस संबंध में पुलिस में शिकायत दी थी जिसके बाद पुलिस ने इनका भंडाफोड़ किया।

उत्तर प्रदेश के लखनऊ के मड़ियांव में स्थित एक प्राइवेट स्कूल की 8वीं कक्षा की छात्रा को अश्लील मैसेज भेजने और उसे धमकाने का मामला उजागर हुआ है। आरोपित कोई और नहीं छात्रा की क्लास में पढ़ने वाला उसका एक क्लासमेट है, जिसने अपने भाई मो सैफ के साथ मिलकर सारा खेल खेला।

दोनों भाई 8वीं की छात्रा को विदेशी नंबर के सहारे कॉल करते और फिर विरोध करने पर उसे धमकाते। हाल में छात्रा की माँ ने इस संबंध में पुलिस में शिकायत दी थी, जिसके बाद पुलिस ने इनका भंडाफोड़ किया और आरोपित छात्र को जुवेनाइल कोर्ट भेजकर उसके भाई के ख़िलाफ़ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, 8वीं में पढ़ने वाली 13 साल की छात्रा को वॉट्सऐप ग्रुप पर 15 जुलाई को एक विदेशी नंबर से अश्लील मेसेज भेजे गए। इसके बाद उसे अलग-अलग विदेशी नंबरों से कॉल करके परेशान भी किया गया। आरोप है कि जब छात्रा ने इसका विरोध किया तो कॉल करने वालों की तरफ से उसे धमकी मिली, जिसके बाद छात्रा की माँ ये शिकायत लेकर 17 जुलाई पुलिस थाने पहुँची।

जाँच में थोड़ा समय लगा क्योंकि शुरुआत में अंतरराष्ट्रीय नंबरों का इस्तेमाल करके लड़की को धमकाया जा रहा था। लेकिन, बाद में एक लैंडलाइन नंबर से सारा भंडाफोड़ हो गया। एडीसीपी उत्तरी प्राची सिंह ने बताया कि छात्रा को एक लैंडलाइन नंबर से भी कॉल की गई थी। सीडीआर निकलवाने पर पता चला कि यह नंबर पलटन छावनी निवासी मों सैफ खान के नाम से है और जिस वॉट्सऐप नंबर का इस्तेमाल हुआ, वह सैफ के घर में उसका 13 वर्षीय भाई इस्तेमाल कर रहा था।

पूछताछ में पता चला कि नाबालिग, छात्रा का क्लासमेट है और उसने व उसके भाई ने ही सारा कारनामा किया था। पुलिस के मुताबिक, आरोपित सैफ ग्रेजुएशन कर चुका है और भाई के साथ मिलकर छात्रा को परेशान कर रहा था। पुलिस की जाँच में अब तक सामने आया है कि ऑनलाइन क्लास के लिए स्कूल की तरफ से बने वॉट्सऐप ग्रुप में कुछ छात्रों को भी एडमिन बनाया गया था। इस कारण इनमें कई अन्य नंबर भी जुड़ गए, जिनके बारे में स्कूल प्रबंधन को पता नहीं चल पाया। आरोपित छात्र ने इसी का फायदा उठाकर अपने भाई का नंबर ग्रुप में जोड़ा था, जिस पर किसी रूपर्ट जॉन का नाम दिखा रहा था।

इस मामले में इंस्पेक्टर मड़ियांव मनोज कुमार सिंह ने बताया कि छात्रा को जिन नंबरों से मैसेज और कॉल आ रही थी, वे विदेशी नंबर लग रहे थे। साइबर विशेषज्ञों की जाँच में पता चला कि आरोपितों ने मोबाइल में ऐसा ऐप डाउनलोड किया था, जिससे कॉल करने पर विदेशी नंबर दिखाता था। यही कारण है कि पुलिस कई दिनों तक विदेशी कॉल को लेकर उलझी रही।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

गुजरात के दुष्प्रचार में तल्लीन कॉन्ग्रेस क्या केरल पर पूछती है कोई सवाल, क्यों अंग विशेष में छिपा कर आता है सोना?

मुंद्रा पोर्ट पर ड्रग्स की बरामदगी को लेकर कॉन्ग्रेस पार्टी ने जो दुष्प्रचार किया, वह लगभग ढाई दशक से गुजरात के विरुद्ध चल रहे दुष्प्रचार का सबसे नया संस्करण है।

‘मुंबई डायरीज 26/11’: Amazon Prime पर इस्लामिक आतंकवाद को क्लीन चिट देने, हिन्दुओं को बुरा दिखाने का एक और प्रयास

26/11 हमले को Amazon Prime की वेब सीरीज में मु​सलमानों का महिमामंडन किया गया है। इसमें बताया गया है कि इस्लाम बुरा नहीं है। यह शांति और सहिष्णुता का धर्म है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
123,782FollowersFollow
410,000SubscribersSubscribe