Homeदेश-समाजशौहर के थे नाजायज संबंध, रेलवे लाइन पर मिला खातून का शव: गुस्साए लोगों...

शौहर के थे नाजायज संबंध, रेलवे लाइन पर मिला खातून का शव: गुस्साए लोगों ने बंगाल पुलिस पर फेंके बम

सुसराल जाने के बाद से मरजिना लापता हो गई। परिजनों ने हर जगह उसकी तलाश की। अजहरुद्दीन भी फरार हो गया। शव मिलने के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर अजहरुद्दीन को गिरफ्तार कर लिया।

पश्चिम बंगाल के मालदा में 14 अक्टूबर से लापता कॉलेज छात्रा मरजिना खातून का क्षत-विक्षत शव शुक्रवार (अक्टूबर 18, 2019) देर रात रतुआ थाना के सामसी रेल लाइन के किनारे मिला। जिसके बाद हंगामा शुरू हो गया। स्थानीय लोगों ने मालदा-रतुआ राज्यमार्ग पर सड़क जाम कर दिया। उन लोगों ने इसके लिए मरजिना खातून के शौहर मोहम्मद अजहरुद्दीन को जिम्मेदार ठहराया और सजा की माँग की। लोगों का कहना है कि मरजिना के शौहर ने उसके चेहरे पर एसिड भी फेंका।

पुलिस ने मामले पर त्वरित कार्रवाई करते हुए मोहम्मद अजहरुद्दीन को गिरफ्तार किया और फिर शनिवार (अक्टूबर 19, 2019) को अदालत में पेश किया। जिसके बाद उसे 10 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है। पुलिस ने बताया कि स्थानीय लोगों द्वारा किया जा रहा विरोध प्रदर्शन काफी हिंसक हो गया था। लोगों ने पुलिस के ऊपर पथराव किए और बम भी फेंके। जिसमें 4 पुलिस वाले घायल हो गए। स्थिति इतनी बिगड़ गई थी कि हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।

दैनिक जागरण में छपी खबर का स्क्रीनशॉट

खबर के मुताबिक मरजिना और सामसी निवासी अजहरुद्दीन का प्रेम संबंध था। फिर परिवारवालों की रजामंदी से दोनों के निकाह हो गया। मरजिना के परिजनों के अनुसार कुछ दिन बाद पता चला कि अजहरुद्दीन के पड़ोस की एक लड़की के साथ नाजायज संबंध हैं। नाजायज संबंध के बारे में पता चलने पर मरजिना अपने परिजनों के पास आ गई।

परिजनों का कहना है कि अजहरुद्दीन कुछ दिन बाद पहले मरजिना को अपने साथ ले गया था। सुसराल जाने के बाद से मरजिना लापता हो गई। परिजनों ने हर जगह उसकी तलाश की। लापता होने की शिकायत भी दर्ज कराई। इस दौरान अजहरुद्दीन भी फरार था। शव मिलने के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर अजहरूद्दीन को गिरफ्तार कर लिया। बता दें कि कुछ मीडिया रिपोर्टों में आरोपी का नाम शेख बापी बताया है और वह मरजिना खातून का मंगेतर बताया गया है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

सोनम वांगचुक ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग से बनाई दूरी, CJP में फूट के बाद क्या अब आंदोलन की उलटी गिनती हो...

शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की माँग पर छात्र आंदोलन बंटता हुआ दिख रहा है। जहाँ सोनम वांगचुक ने इसे अपनी शर्तों में तरजीह नहीं दी है वहीँ सीजेपी की यह पहली शर्त है।

रवीश कुमार तुम ही पत्रकारों की पिटाई के जिम्मेदार हो, खुद ‘गोदी’ में बैठ करते रहे पत्रकारिता… अब चला रहे ‘गोदी मीडिया’ वाला प्रोपेगेंडा

रवीश कुमार की मौकापरस्ती सिर्फ एक व्यक्ति का पतन नहीं है, बल्कि यह उस विचार का पतन है जो खुद को 'पत्रकार' कहकर जनता को गुमराह करता रहा है।
- विज्ञापन -