Homeदेश-समाजअवैध संबंध के शक में महिला को निर्वस्त्र कर गाँव में घुमाया, पश्चिम बंगाल...

अवैध संबंध के शक में महिला को निर्वस्त्र कर गाँव में घुमाया, पश्चिम बंगाल में किसी की गिरफ्तारी नहीं

कथित तौर पर महिला का गाँव के 28 वर्षीय एक शादीशुदा युवक के साथ अवैध संबंध था। कुछ दिन पहले महिला ने युवक के साथ अपना संबंध तोड़ लिया था। इससे मायूस होकर उस युवक ने...

पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में एक शादीशुदा महिला को मारने-पीटने और निर्वस्त्र कर दिन के उजाले में पूरे गाँव में घुमाने की शर्मनाक घटना सामने आई है। सूचना मिलने पर मौके पर पहुँची पुलिस पीड़िता को भीड़ के चंगुल से बचाकर थाने ले गई। घटना के बाद पीड़िता मानसिक रूप से पूरी तरह से टूट गई है। पीड़िता द्वारा घर लौटने से इनकार करने पर उसे पुलिस कैंप में ही रखा गया है। ग्राम सभा और समाज के कथित ठेकेदारों की गैर-कानूनी कार्रवाई की यह घटना नानूर इलाके की है।

जानकारी के मुताबिक महिला का गाँव के 28 वर्षीय एक शादीशुदा युवक के साथ अवैध संबंध था। कुछ दिन पहले महिला ने युवक के साथ अपना संबंध तोड़ लिया था। इससे मायूस होकर उस युवक ने 17 अक्टूबर को जहर खा लिया। जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया। जहाँ इलाज के दौरान युवक की अस्पताल में मौत हो गई। मृतक की पत्नी ने इसके लिए पीड़िता को जिम्मेदार ठहराया।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि 18 अक्टूबर को जब युवक का शव गाँव में आया, तो सारी महिलाओं ने पीड़ित महिला के ऊपर हमला बोल दिया। मृत युवक की विधवा पत्नी ने दावा किया कि उसके पति ने उसी महिला की वजह से आत्महत्या कर ली। उन लोगों ने पीड़िता की पिटाई की और साथ ही निर्वस्त्र कर पूरे गाँव में घुमाया। हालाँकि, उसे पुलिस ने बचा लिया है और सुरक्षा के मद्देनजर थाने में ही रखा है।

बता दें कि मृत युवक के दो बेटे हैं और पीड़ित महिला भी शादीशुदा है। उसके भी दो बेटे हैं। पुलिस के मुताबिक कथित तौर पर पीड़िता 2011 में घर से भाग गई थी, लेकिन कुछ समय बाद लौट आई। इससे ग्रामीणों को उसके अवैध संबंधों के बारे में संदेह हुआ। पुलिस ने कहा कि शिकायत दर्ज कर ली गई है। घटना की जाँच की जा रही है। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘यहाँ मस्जिद थी, है और रहेगी’: संभल दंगे की न्यायिक जाँच आयोग रिपोर्ट में सपा सांसद जिया-उर-रहमान बर्क का जिक्र 100+ बार, 199 साक्षियों...

संभल दंगों की न्यायिक जाँच आयोग की रिपोर्ट में सांसद जिया-उर-रहमान बर्क का 100 बार से भी अधिक बार जिक्र। वो भी सबूतों के साथ।

100 नाराज़ ≠ 100 वोट: भारतीय राजनीति में सिर्फ़ ‘नाराज़गी’ का फ़ैक्टर कभी निर्णायक क्यों नहीं रहा

SC/ST Act, आरक्षण, Caste census, सरकारी नौकरियों में हिस्सेदारी, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सामाजिक न्याय की राजनीति जैसे मुद्दे निश्चित रूप से सवर्णों में असंतोष पैदा कर सकते हैं। इन प्रश्नों को खारिज करना भी राजनीतिक मूर्खता होगी।
- विज्ञापन -